Jeremiah · chapter 32 · verse 2
Jeremiah 32:2 in Hindi
उस समय बाबुल के राजा की सेना ने यरूशलेम को घेर लिया था और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता यहूदा के राजा के पहरे के भवन के आंगन में कैदी था।
Us samay baabul ke raajaa kee senaa ne yarooshalem ko gher liyaa thaa aur yirmayaah bhavishyadvaktaa yahoodaa ke raajaa ke pahare ke bhavan ke aangan mem kaidee thaa.
Jeremiah 32:2 in English
- King James Version (KJV)
- For then the king of Babylon’s army besieged Jerusalem: and Jeremiah the prophet was shut up in the court of the prison, which [was] in the king of Judah’s house.
- World English Bible (WEB)
- Now at that time the king of Babylon’s army was besieging Jerusalem. Jeremiah the prophet was shut up in the court of the guard, which was in the king of Judah’s house.
- American Standard Version (ASV)
- Now at that time the king of Babylon’s army was besieging Jerusalem; and Jeremiah the prophet was shut up in the court of the guard, which was in the king of Judah’s house.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now at that time the king of Babylon's army was round Jerusalem, shutting it in: and Jeremiah the prophet was shut up in the place of the armed watchmen, in the house of the king of Judah.
- Darby Translation (DBY)
- And the king of Babylon's army was then besieging Jerusalem; and the prophet Jeremiah was shut up in the court of the guard, which was in the king of Judah's house.
- Webster's Bible (WBS)
- For then the king of Babylon's army besieged Jerusalem: and Jeremiah the prophet was confined in the court of the prison, which [was] in the king of Judah's house.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And then the forces of the king of Babylon are laying siege against Jerusalem, and Jeremiah the prophet hath been shut up in the court of the prison that [is] in the house of the king of Judah,
Read in context
- 1यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के दसवें वर्ष में जो नबूकदनेस्सर के राज्य का अठारहवां वर्ष था, यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा।
- 2उस समय बाबुल के राजा की सेना ने यरूशलेम को घेर लिया था और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता यहूदा के राजा के पहरे के भवन के आंगन में कैदी था।
- 3क्योंकि यहूदा के राजा सिदकिय्याह ने यह कह कर उसे कैद किया था, कि, तू ऐसी भविष्यद्वाणी क्यों करता है कि यहोवा यों कहता है: देखो, मैं यह नगर बाबुल के राजा के वश में कर दूंगा, वह इस को ले लेगा;
- 4और यहूदा का राजा सिदकिय्याह कसदियों के हाथ से न बचेगा परन्तु वह बाबुल के राजा के वश में अवश्य ही पड़ेगा, और वह और बाबुल का राजा आपस में आम्हने-साम्हने बातें करेंगे; और अपनी अपनी आंखों से एक दूसरे को देखेंगे।
Cross references
- Jeremiah 37:21 यिर्मयाह 37:21तब सिदकिरयाह राजा की आज्ञा से यिर्मयाह पहरे के आंगन में रखा गया, और जब तक नगर की सब रोटी न चुक गई, तब तक उसको रोटीवालों की दूकान में से प्रतिदिन एक रोटी दी जाती थी। ओर यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
- Nehemiah 3:25 नहेमायाह 3:25फिर उसी मोड़ के साम्हने जो ऊंचा गुम्मट राजभवन से बाहर निकला हुआ बन्दीगृह के आंगन के पास है, उसके साम्हने ऊजै के पुत्रा पालाल ने मरम्मत की। इसके बाद परोश के पुत्रा पदायाह ने मरम्मत की।
- Jeremiah 38:6 यिर्मयाह 38:6तब उन्हों ने यिर्मयाह को लेकर राजपुत्रा मल्किरयाह के उस गड़हे में जो पहरे के आंगन में था, रस्सियों से उतारकर डाल दिया। और उस गड़हे मे पानी नहीं केवल दलदल था, और यिर्मयाह कीचड़ में धंस गया।
- Jeremiah 33:1 यिर्मयाह 33:1जिस समय यिर्मयाह पहरे के आंगन में बन्द था, उस समय यहोवा का वचन दूसरी बार उसके पास पहुंचा,
- Jeremiah 32:8 यिर्मयाह 32:8सो यहोवा के वचन के अनुसार मेरा चचेरा भाई हनमेल पहरे के आंगन में मेरे पास आकर कहने लगा, मेरा जो खेत बिन्यामीन देश के अनातोत में है उसे मोल ले, क्योंकि उसके स्वामी होने और उसके छुड़ा लेने का अधिकार तेरा ही है; इसलिये तू उसे मोल ले। तब मैं ने जान लिया कि वह यहोवा का वचन था।
- Jeremiah 39:13–15 यिर्मयाह 39:13–15सो जल्लादों के प्रधान नबूजरदान और खेजों के प्रधान नबूसजबान और मगों के प्रधान नेर्गलसरेसेर ज्योतिषियों के सरदार, और बाबुल के राजा के सब प्रधानों ने, लोगों को भेजकर यिर्मयाह को पहरे के आंगन में से बुलवा लिया और गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्रा और शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर पहुंचाए। तब से वह लोगों के साथ रहने लगा। जब यिर्मयाह पहरे के आंगन में कैद था, तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा,
- Matthew 5:12 मत्ती 5:12तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा?
- Jeremiah 36:5 यिर्मयाह 36:5फिर यिर्मयाह ने बारूक को आज्ञा दी और कहा, मैं तो बन्धा हुआ हूँ, मैं यहोवा के भवन में नहीं जा सकता।
- Jeremiah 32:3 यिर्मयाह 32:3क्योंकि यहूदा के राजा सिदकिय्याह ने यह कह कर उसे कैद किया था, कि, तू ऐसी भविष्यद्वाणी क्यों करता है कि यहोवा यों कहता है: देखो, मैं यह नगर बाबुल के राजा के वश में कर दूंगा, वह इस को ले लेगा;
Original words (Hebrew)
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Babylon’s · H894בָּבֶל Bâbel
- army · H2428חַיִל chayil
- besieged · H6696צוּר tsûwr
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- Jeremiah · H3414יִרְמְיָה Yirmᵉyâh
- prophet · H5030נָבִיא nâbîyʼ
- up · H3607כָּלָא kâlâʼ
- court · H2691חָצֵר châtsêr
- prison · H4307מַטָּרָא maṭṭârâʼ
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Judah’s · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- house · H1004בַּיִת bayith