Jeremiah · chapter 32 · verse 3
Jeremiah 32:3 in Hindi
क्योंकि यहूदा के राजा सिदकिय्याह ने यह कह कर उसे कैद किया था, कि, तू ऐसी भविष्यद्वाणी क्यों करता है कि यहोवा यों कहता है: देखो, मैं यह नगर बाबुल के राजा के वश में कर दूंगा, वह इस को ले लेगा;
Kyonki yahoodaa ke raajaa sidakiyyaah ne yah kah kar use kaid kiyaa thaa, ki, too aisee bhavishyadvaanee kyom karataa hai ki yahovaa yom kahataa hai: dekho, maim yah nagar baabul ke raajaa ke vash mem kar doongaa, vah is ko le legaa;
Jeremiah 32:3 in English
- King James Version (KJV)
- For Zedekiah king of Judah had shut him up, saying, Wherefore dost thou prophesy, and say, Thus saith the LORD, Behold, I will give this city into the hand of the king of Babylon, and he shall take it;
- World English Bible (WEB)
- For Zedekiah king of Judah had shut him up, saying, “Why do you prophesy, and say, ‘The LORD says, “Behold, I will give this city into the hand of the king of Babylon, and he will take it;
- American Standard Version (ASV)
- For Zedekiah king of Judah had shut him up, saying, Wherefore dost thou prophesy, and say, Thus saith Jehovah, Behold, I will give this city into the hand of the king of Babylon, and he shall take it;
- Bible in Basic English (BBE)
- For Zedekiah, king of Judah, had had him shut up, saying, Why have you, as a prophet, been saying, The Lord has said, See, I will give this town into the hands of the king of Babylon, and he will take it;
- Darby Translation (DBY)
- For Zedekiah king of Judah had shut him up, saying, Why dost thou prophesy and say, Thus saith Jehovah: Behold, I give this city into the hand of the king of Babylon, and he shall take it;
- Webster's Bible (WBS)
- For Zedekiah king of Judah had confined him, saying, Why dost thou prophesy, and say, Thus saith the LORD, Behold, I will give this city into the hand of the king of Babylon, and he shall take it;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Where Zedekiah king of Judah hath shut him up, saying, 'Wherefore art thou prophesying, saying, Thus said Jehovah, Lo, I am giving this city into the hand of the king of Babylon, and he hath captured it;
Read in context
- 1यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के दसवें वर्ष में जो नबूकदनेस्सर के राज्य का अठारहवां वर्ष था, यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा।
- 2उस समय बाबुल के राजा की सेना ने यरूशलेम को घेर लिया था और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता यहूदा के राजा के पहरे के भवन के आंगन में कैदी था।
- 3क्योंकि यहूदा के राजा सिदकिय्याह ने यह कह कर उसे कैद किया था, कि, तू ऐसी भविष्यद्वाणी क्यों करता है कि यहोवा यों कहता है: देखो, मैं यह नगर बाबुल के राजा के वश में कर दूंगा, वह इस को ले लेगा;
- 4और यहूदा का राजा सिदकिय्याह कसदियों के हाथ से न बचेगा परन्तु वह बाबुल के राजा के वश में अवश्य ही पड़ेगा, और वह और बाबुल का राजा आपस में आम्हने-साम्हने बातें करेंगे; और अपनी अपनी आंखों से एक दूसरे को देखेंगे।
- 5और वह सिदकिय्याह को बाबुल में ले जाएगा, और जब तक मैं उसकी सुधि न लूं, तब तक वह वहीं रहेगा, यहोवा की यह वाणी है। चाहे तुम लोग कसदियों से लड़ो भी, तौभी तुम्हारे लड़ने से कुछ बन न पड़ेगा।
Cross references
- Jeremiah 34:2–3 यिर्मयाह 34:2–3इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, जाकर यहूदा के राजा सिदकिरयाह से कह, यहोवा यों कहता है, कि देख, मैं इस नगर को बाबुल के राजा के वश में कर देने पर हूँ, और वह इसे फुंकवा देगा। और तू उसके हाथ से न बचेगा, निश्चय पकड़ा जाएगा और उसके वश में कर दिया जाएगा; और तेरी आंखें बाबुल के राजा को देखेंगी, और तुम आम्हने- साम्हने बातें करोगे; और तू बाबुल को जाएगा।
- Jeremiah 21:4–7 यिर्मयाह 21:4–7देखो, युठ्ठ के जो हथियार तुम्हारे हाथों में है, जिन से तुम बाबुल के राजा और शहरपनाह के बाहर घेरनेवाले कसदियों से लड़ रहे हो, उनको मैं लौटाकर इस नगर के बीच में इकट्ठा करूंगा; और मैं स्वयं हाथ बढ़ाकर और बलवन्त भुजा से, और क्रोध और जलजलाहट और बड़े क्रोध में आकर तुम्हारे विरूद्ध लडूंगा। और मैं इस नगर के रहनेवालों को क्या मनुष्य, क्या पशु सब को मार डालूंगा; वे बड़ी मरी से मरेंगे। और उसके बाद, यहोवा की यह वाणी है, हे यहूदा के राजा सिदकिरयाह, मैं तुझे, तेरे कर्मचारियों और लोगों को वरन जो लोग इस नगर में मरी, तलवार और महंगी से बचे रहेंगे उनको बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर और उनके प्राण के शत्रुओं के वश में कर दूंगा। वह उनको तलवार से मार डालेगा; उन पर न तो वह तरस खाएगा, न कुछ कोमलता दिखाएगा और न कुछ दया करेगा।
- Jeremiah 26:8–9 यिर्मयाह 26:8–9और जब यिर्मयाह सब कुछ जिसे सारी प्रजा से कहने की आज्ञा यहोवा ने दी थी कह चुका, तब याजकों और भविष्यद्वक्ताओं और सब साधारण लोगों ने यह कहकर उसको पकड़ लिया, निश्चय तुझे प्राणदण्ड होगा। तू ने क्यों यहोवा के नाम से यह भविष्यद्वाणी की कि यह भवन शीलो के समान उजाड़ हो जाएगा, और यह नगर ऐसा उजड़ेगा कि उस में कोई न रह जाएगा? इतना कहकर सब साधारण लोगों ने यहोवा के भवन में यिर्मयाह के विरूद्ध भीड़ लगाई।
- Jeremiah 32:28–29 यिर्मयाह 32:28–29सो यहोवा यों कहता है, देख, मैं यह नगर कसदियों और बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के वश में कर देने पर हूँ, और वह इस को ले लेगा। जो कसदी इस नगर से युद्ध कर रहे हैं, वे आकर इस में आग लगाकर फूंक देंगे, और जिन घरों की छतों पर उन्होंने बाल के लिये धूप जलाकर और दूसरे देवताओं को तपावन देकर मुझे रिस दिलाई है, वे घर जला दिए जाएंगे।
- Exodus 5:4 निर्गमन 5:4मि के राजा ने उन से कहा, हे मूसा, हे हारून, तुम क्यों लोगों से काम छुड़वाने चाहते हो? तुम जाकर अपने अपने बोझ को उठाओ।
- Jeremiah 38:8 यिर्मयाह 38:8तब एबेदमेलेक राजभवन से निकलकर राजा से कहने लगा,
- Luke 20:2 लूका 20:2और कहने लगे, कि हमें बता, तू इन कामों को किस अधिकार से करता है, और वह कौन है, जिस ने तुझे यह अधिकार दिया है?
- Amos 7:13 आमोस 7:13परन्तु बेतेल में फिर कभी भविष्यद्वाणी न करना, क्योंकि यह राजा का पवित्रास्थान और राज- नगर है।
- Jeremiah 38:4 यिर्मयाह 38:4इसलिये उन हाकिमों ने राजा से कहा कि उस पुरूष को मरवा डाल, क्योंकि वह जो इस नगर में बचे हुए योद्वाओं और अन्य सब लोगों से ऐसे ऐसे वचन कहता है जिस से उनके हाथ पांव ढीले हो जाते हैं। क्योंकि वह पुरूष इस प्रजा के लोगों की भलाई नहीं वरन बुराई ही चाहता है।
- Jeremiah 5:3 यिर्मयाह 5:3हे यहोवा, क्या तेरी दृष्टि सच्चाई पर नहीं है? तू ने उनको दु:ख दिया, परन्तु वे शोकित नहीं हुए; तू ने उनको नाश किया, परन्तु उन्हों ने ताड़ना से भी नहीं माना। उन्हों ने अपना मन चट्टान से भी अधिक कठोर किया है; उन्हों ने पश्चात्ताप करने से इनकार किया है।
- Jeremiah 37:6–10 यिर्मयाह 37:6–10तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास पहुंचा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, यहुदा के जिस राजा ने तुम को प्रार्थना करने के लिये मेरे पास भेजा है, उस से यों कहो, कि देख, फिरौन की जो सेना तुम्हारी सहायता के लिये निकली है वह अपने देश मिस्र में लौट जाएगी। और कसदी फिर वापिस आकर इस नगर से लड़ेंगे; वे इसको ले लेंगे और फूंक देंगे। यहोवा यों कहता है, यह कहकर तुम अपने अपने मन में धोखा न खाओ कि कसदी हमारे पास से निश्चय चले गए हैं; क्योंकि वे नहीं चले गए। क्योंकि यदि तुम ने कसदियों की सारी सेना को जो तुम से लड़ती है, ऐसा मार भी लिया होता कि उन में से केवल घायल लोग रह जाते, तौभी वे अपने अपने तम्बू में से उठकर इस नगर को फूंक देते।
- 2 Kings 6:31–32 2 राजा 6:31–32तब वह बोल उठा, यदि मैं शापात के वुत्रा एलीशा का सिर आज उसके घड़ पर रहने दूं, तो परमेश्वर मेरे साथ ऐसा ही वरन इस से भी अधिक करे। एलीशा अपने घर में बैठा हुआ था, और पुरनिये भी उसके संग बैठे थे। सो जब राजा ने अपने पास से एब जन भेजा, तब उस दूत के पहुंचने से पहिले उस ने पुरनियों से कहा, देखो, इस खूनी के बेटे ने किसी को मेरा सिर काटते को भेजा है; इसलिये जब वह दूत आए, तब किवाड़ बन्द करके रोके रहना। क्या उसके स्वामी के पांव की आहट उसके पीछे नहीं सुन पड़ती?
Original words (Hebrew)
- Zedekiah · H6667צִדְקִיָּה Tsidqîyâh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- up · H3607כָּלָא kâlâʼ
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- prophesy · H5012נָבָא nâbâʼ
- say · H559אָמַר ʼâmar
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- give · H5414נָתַן nâthan
- city · H5892עִיר ʻîyr
- hand · H3027יָד yâd
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Babylon · H894בָּבֶל Bâbel
- take · H3920לָכַד lâkad