Jeremiah · chapter 36 · verse 5
Jeremiah 36:5 in Hindi
फिर यिर्मयाह ने बारूक को आज्ञा दी और कहा, मैं तो बन्धा हुआ हूँ, मैं यहोवा के भवन में नहीं जा सकता।
Phir yirmayaah ne baarook ko aajnyaa dee aur kahaa, maim to bandhaa huaa hoon, maim yahovaa ke bhavan mem naheem jaa sakataa.
Jeremiah 36:5 in English
- King James Version (KJV)
- And Jeremiah commanded Baruch, saying, I [am] shut up; I cannot go into the house of the LORD:
- World English Bible (WEB)
- Jeremiah commanded Baruch, saying, “I am restricted. I can’t go into the LORD’s house.
- American Standard Version (ASV)
- And Jeremiah commanded Baruch, saying, I am shut up; I cannot go into the house of Jehovah:
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jeremiah gave orders to Baruch, saying, I am shut up, and am not able to go into the house of the Lord:
- Darby Translation (DBY)
- And Jeremiah commanded Baruch, saying, I am shut up, I cannot go into the house of Jehovah; but go thou in,
- Webster's Bible (WBS)
- And Jeremiah commanded Baruch, saying, I [am] confined, I cannot go into the house of the LORD:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jeremiah commandeth Baruch, saying, 'I am restrained, I am not able to enter the house of Jehovah;
Read in context
- 3क्या जाने यहूदा का घराना उस सारी विपत्ति का समाचार सुनकर जो मैं उन पर डालने की कल्पना कर रहा हूँ अपनी बुरी चाल से फिरे और मैं उनके अधर्म और पाप को क्षमा करूं।
- 4तो यिर्मयाह ने नेरिरयाह के पुत्रा बारूक को बुलाया, और बारूक ने यहोवा के सब वचन जो उस ने यिर्मयाह से कहे थे, उसके मुख से सुनकर पुस्तक में लिख दिए।
- 5फिर यिर्मयाह ने बारूक को आज्ञा दी और कहा, मैं तो बन्धा हुआ हूँ, मैं यहोवा के भवन में नहीं जा सकता।
- 6सो तु उपवास के दिन यहोवा के भवन में जाकर उसके जो वचन तू ने मुझ से सुनकर लिखे हैं, पुस्तक में से लोगों को पढ़कर सुनाना, और जितने यहूदी लोग अपने अपने नगरों से आएंगे, उनको भी पढ़कर सुनाना।
- 7क्या जाने वे यहोवा से गिड़गिड़ाकर प्रार्थना करें और अपनी अपनी बुरी चाल से फिरें; क्योंकि जो क्रोध और जलजलाहट यहोवा ने अपनी इस प्रजा पर भड़काने को कहा है, वह बड़ी है।
Cross references
- Jeremiah 33:1 यिर्मयाह 33:1जिस समय यिर्मयाह पहरे के आंगन में बन्द था, उस समय यहोवा का वचन दूसरी बार उसके पास पहुंचा,
- Jeremiah 32:2 यिर्मयाह 32:2उस समय बाबुल के राजा की सेना ने यरूशलेम को घेर लिया था और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता यहूदा के राजा के पहरे के भवन के आंगन में कैदी था।
- 2 Corinthians 11:23 2 कुरिन्थियों 11:23(मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाते में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में।
- 2 Timothy 2:9 2 तीमुथियुस 2:9जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाई दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं।
- Jeremiah 20:2 यिर्मयाह 20:2सो पशहूर ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को मारा और उसे उस काठ में डाल दिया जो यहोवा के भवन के ऊपर बिन्यामीन के फाटक के पास है।
- Jeremiah 37:15 यिर्मयाह 37:15तब हाकिमों ने यिर्मयाह से क्रोधित होकर उसे पिटवाया, और योनातान प्रधान के घर में बन्दी बनाकर डलवा दिया; क्योंकि उन्हों ने उसको साधारण बन्दीगृह बना दिया था।
- Hebrews 11:36 इब्रानियों 11:36कई एक ठट्ठों में उड़ाए जाने; और कोड़े खाने; वरन बान्धे जाने; और कैद में पड़ने के द्वारा परखे गए।
- Ephesians 3:1 इफिसियों 3:1इसी कारण मैं पौलुस जो तुम अन्यजातियों के लिये मसीह यीशु का बन्धुआ हूं
- Jeremiah 38:6 यिर्मयाह 38:6तब उन्हों ने यिर्मयाह को लेकर राजपुत्रा मल्किरयाह के उस गड़हे में जो पहरे के आंगन में था, रस्सियों से उतारकर डाल दिया। और उस गड़हे मे पानी नहीं केवल दलदल था, और यिर्मयाह कीचड़ में धंस गया।
- Jeremiah 38:28 यिर्मयाह 38:28इस प्रकार जिस दिन यरूशलेम ले लिया गया उस दिन तक वह पहरे के आंगन ही में रहा।
- Ephesians 6:20 इफिसियों 6:20और यह भी कि मैं उस के विषय में जैसा मुझे चाहिए हियाव से बोलूं।।
- Jeremiah 40:4 यिर्मयाह 40:4अब मैं तेरी इन हथकड़ियों को काटे देता हूँ, और यदि मेरे संग बाबुल में जाना तुझे अच्छा लगे तो चल, वहां मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूंगा; और यदि मेरे संग बाबुल जाना तुझे न भाए, तो यहीं रह जा। देख, सारा देश तेरे साम्हने पड़ा हे, जिधर जाना तुझे अच्छा और ठीक जंचे उधर ही चला जा।