Jeremiah · chapter 32 · verse 36
Jeremiah 32:36 in Hindi
परन्तु अब इस्राएल का परमेश्वर यहोवा इस नगर के विषय में, जिसके लिये तुम लोग कहते हो कि वह तलवार, महंगी और मरी के द्वारा बाबुल के राजा के वश में पड़ा हुआ है यों कहता है:
Parantu ab israael kaa parameshvar yahovaa is nagar ke vishay mem, jisake liye tum log kahate ho ki vah talavaar, mahangee aur maree ke dvaaraa baabul ke raajaa ke vash mem padaa huaa hai yom kahataa hai:
Jeremiah 32:36 in English
- King James Version (KJV)
- And now therefore thus saith the LORD, the God of Israel, concerning this city, whereof ye say, It shall be delivered into the hand of the king of Babylon by the sword, and by the famine, and by the pestilence;
- World English Bible (WEB)
- Now therefore the LORD, the God of Israel, says concerning this city, about which you say, “It is given into the hand of the king of Babylon by the sword, by the famine, and by the pestilence:”
- American Standard Version (ASV)
- And now therefore thus saith Jehovah, the God of Israel, concerning this city, whereof ye say, It is given into the hand of the king of Babylon by the sword, and by the famine, and by the pestilence:
- Bible in Basic English (BBE)
- And now the Lord, the God of Israel, has said of this town, about which you say, It is given into the hands of the king of Babylon by the sword and by need of food and by disease:
- Darby Translation (DBY)
- And now therefore Jehovah, the God of Israel, saith thus concerning this city, whereof ye say, It hath been given over into the hand of the king of Babylon by the sword, and by the famine, and by the pestilence:
- Webster's Bible (WBS)
- And now therefore thus saith the LORD, the God of Israel, concerning this city, of which ye say, It shall be delivered into the hand of the king of Babylon by the sword, and by the famine, and by the pestilence;
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And now, therefore, thus said Jehovah, God of Israel, concerning this city, of which ye are saying, It hath been given into the hand of the king of Babylon by sword, and by famine, and by pestilence,
Read in context
- 34वरन जो भवन मेरा कहलाता है, उस में भी उन्होंने अपनी घृणित वस्तुएं स्थापन कर के उसे अशुद्ध किया है।
- 35उन्होंने हिन्नोमियों की तराई में बाल के ऊंचे ऊंचे स्थान बना कर अपने बेटे-बेटियों को मोलक के लिये होम किया, जिसकी आज्ञा मैं ने कभी नहीं दी, और न यह बात कभी मेरे मन में आई कि ऐसा घृणित काम किया जाए और जिस से यहूदी लोग पाप में फंसे।
- 36परन्तु अब इस्राएल का परमेश्वर यहोवा इस नगर के विषय में, जिसके लिये तुम लोग कहते हो कि वह तलवार, महंगी और मरी के द्वारा बाबुल के राजा के वश में पड़ा हुआ है यों कहता है:
- 37देखो, मैं उन को उन सब देशों से जिन में मैं ने क्रोध और जलजलाहट में आकर उन्हें बरबस निकाल दिया था, लौटा ले आकर इसी नगर में इकट्ठे करूंगा, और निडर कर के बसा दूंगा।
- 38और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे, और मैं उनका परमेश्वर ठहरूंगा
Cross references
- Jeremiah 32:24 यिर्मयाह 32:24अब इन दमदमों को देख, वे लोग इस नगर को ले लेने के लिये आ गए हैं, ओर यह नगर तलवार, महंगी और मरी के कारण इन चढ़े हुए कसदियों के वश में किया गया है। जो तू ने कहा था वह अब पूरा हुआ है, और तू इसे देखता भी है।
- Jeremiah 32:3 यिर्मयाह 32:3क्योंकि यहूदा के राजा सिदकिय्याह ने यह कह कर उसे कैद किया था, कि, तू ऐसी भविष्यद्वाणी क्यों करता है कि यहोवा यों कहता है: देखो, मैं यह नगर बाबुल के राजा के वश में कर दूंगा, वह इस को ले लेगा;
- Jeremiah 32:28 यिर्मयाह 32:28सो यहोवा यों कहता है, देख, मैं यह नगर कसदियों और बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के वश में कर देने पर हूँ, और वह इस को ले लेगा।
- Isaiah 43:24–25 यशायाह 43:24–25तू मेरे लिये सुगन्धित नरकट रूपऐ से मोल नहीं लाया और न मेलबलियों की चर्बी से मुझे तृप्त किया। परन्तु तू ने अपने पापों के कारण मुझ पर बोझ लाट दिया है, और अपने अधर्म के कामों से मुझे थका दिया है।। मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।
- Jeremiah 16:12–15 यिर्मयाह 16:12–15ओर जितनी बुराई तुम्हारे पुरखाओं ने की थी, उस से भी अधिक तुम करते हो, क्योंकि तुम अपने बुरे मन के हठ पर चलते हो और मेरी नहीं सुनते; इस कारण मैं तुम को इस देश से उखाड़कर ऐसे देश में फेंक दूंगा, जिसको न तो तुम जानते हो और न तुम्हारे पुरखा जानते थे; और वहां तुम रात- दिन दूसरे देवताओं की उपासना करते रहोगे, क्योंकि वहां मैं तुम पर कुछ अनुग्रह न करूंगा। फिर यहोवा की यह वाणी हुई, देखो, ऐसे दिन आनेवाले हैं जिन में फिर यह न कहा जाएगा कि यहोवा जो इस्राएलियों को मिस्र देश से छुड़ा ले आया उसके जीवन की सौगन्ध, वरन यह कहा जाएगा कि यहोवा जो इस्राएलियों को उत्तर के देश से और उन सब देशों से जहां उस ने उनको बरबस कर दिया था छुड़ा ले आया, उसके जीवन की सौगन्ध। क्योंकि मैं उनको उनके निज देश में जो मैं ने उनके पूर्वजों को दिया था, लौटा ले आऊंगा।
- Romans 5:20 रोमियों 5:20और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ।
- Ezekiel 36:31–32 यहेजकेल 36:31–32तब तुम अपने बुरे चालचलन और अपने कामों को जो अच्छे नहीं थे, स्मरण करके अपने अधर्म और घिनौने कामों के कारण अपने आप से घृणा करोगे। परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, तुम जान जो कि मैं इसको तुम्हारे निमित्त नहीं करता। हे इस्राएल के घराने अपने चालचलन के विषय में लज्जित हो और तुम्हारा मुख काला हो जाए।
- Hosea 2:14 होशे 2:14इसलिये देखो, मैं उसे मोहित करके जंगल में ले जाऊंगा, और वहंा उस से शान्ति की बातें कहूंगा।
- Isaiah 57:17–18 यशायाह 57:17–18उसके लोभ के पाप के कारण मैं ने क्रोधित होकर उसको दु:ख दिया था, और क्रोध के मारे उस से मुंह छिपाया था; परन्तु वह अपने मनमाने मार्ग में दूर भटकता चला गया था। मैं उसकी चाल देखता आया हूं, तौभी अब उसको चंगा करूंगा; मैं उसे ले चलूंगा और विशेष करके उसके शोक करनेवालों को शान्ति दूंगा।
- Ephesians 2:3–5 इफिसियों 2:3–5इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे। परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उस ने हम से प्रेम किया। जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- city · H5892עִיר ʻîyr
- say · H559אָמַר ʼâmar
- delivered · H5414נָתַן nâthan
- hand · H3027יָד yâd
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Babylon · H894בָּבֶל Bâbel
- sword · H2719חֶרֶב chereb
- famine · H7458רָעָב râʻâb
- pestilence · H1698דֶּבֶר deber