Hebrews · chapter 12 · verse 25
Hebrews 12:25 in Hindi
सावधान रहो, और उस कहनेवाले से मुंह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चितावनी देनेवाले से मुंह मोड़कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चितावनी करनेवाले से मुंह मोड़कर क्योंकर बच सकेंगे?
Saavadhaan raho, aur us kahanevaale se munh na phero, kyonki ve log jab pruthvee par ke chitaavanee denevaale se munh modakar na bach sake, to ham svarg par se chitaavanee karanevaale se munh modakar kyonkar bach sakenge?
Hebrews 12:25 in English
- King James Version (KJV)
- See that ye refuse not him that speaketh. For if they escaped not who refused him that spake on earth, much more [shall not] we [escape], if we turn away from him that [speaketh] from heaven:
- World English Bible (WEB)
- See that you don’t refuse him who speaks. For if they didn’t escape when they refused him who warned on the earth, how much more will we not escape who turn away from him who warns from heaven,
- American Standard Version (ASV)
- See that ye refuse not him that speaketh. For if they escaped not when they refused him that warned [them] on earth, much more [shall not] we [escape] who turn away from him that [warneth] from heaven:
- Bible in Basic English (BBE)
- See that you give ear to his voice which comes to you. For if those whose ears were shut to the voice which came to them on earth did not go free from punishment, what chance have we of going free if we give no attention to him whose voice comes from heaven?
- Darby Translation (DBY)
- See that ye refuse not him that speaks. For if those did not escape who had refused him who uttered the oracles on earth, much more we who turn away from him [who does so] from heaven:
- Webster's Bible (WBS)
- See that ye refuse not him that speaketh. For if they escaped not who refused him that spoke on earth, much more [shall not] we [escape] , if we turn away from him that [speaketh] from heaven:
- Young's Literal Translation (YLT)
- See, may ye not refuse him who is speaking, for if those did not escape who refused him who upon earth was divinely speaking — much less we who do turn away from him who [speaketh] from heaven,
Read in context
- 23और लाखों स्वर्गदूतों और उन पहिलौठों की साधारण सभा और कलीसिया जिन के नाम स्वर्ग में लिखे हुए हैं: और सब के न्यायी परमेश्वर के पास, और सिद्ध किए हुए धर्मियों की आत्माओं।
- 24और नई वाचा के मध्यस्थ यीशु, और छिड़काव के उस लोहू के पास आए हो, जो हाबिल के लोहू से उत्तम बातें कहता है।
- 25सावधान रहो, और उस कहनेवाले से मुंह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चितावनी देनेवाले से मुंह मोड़कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चितावनी करनेवाले से मुंह मोड़कर क्योंकर बच सकेंगे?
- 26उस समय तो उसके शब्द ने पृथ्वी को हिला दिया पर अब उस ने यह प्रतिज्ञा की है, कि एक बार फिर मैं केवल पृथ्वी को नहीं, बरन आकाश को भी हिला दूंगा।
- 27और यह वाक्य `एक बार फिर' इस बात को प्रगट करता है, कि जो वस्तुएं हिलाई जाती हैं, वे सृजी हुई वस्तुएं होने के कारण टल जाएंगी; ताकि जो वस्तुएं हिलाई नहीं जातीं, वे अटल बनी रहें।
Cross references
- Hebrews 8:5 इब्रानियों 8:5जो स्वर्ग में की वस्तुओं के प्रतिरूप और प्रतिबिम्ब की सेवा करते हैं, जैसे जब मूसा तम्बू बनाने पर था, तो उसे यह चितावनी मिली, कि देख जो नमूना तुझे पहाड़ पर दिखाया गया था, उसके अनुसार सब कुछ बनाना।
- Hebrews 2:1–3 इब्रानियों 2:1–3इस कारण चाहिए, कि हम उन बातों पर जो हम ने सुनी हैं और भी मन लगाएं, ऐसा न हो कि बहक कर उन से दूर चले जाएं। क्योंकि जो वचन स्वर्गदूतों के द्वारा कहा गया था जब वह स्थिर रहा और हर एक अपराध और आज्ञा न मानने का ठीक ठीक बदला मिला। तो हम लोग ऐसे बड़े उद्धार से निश्चिन्त रह कर क्योंकर बच सकते हैं? जिस की चर्चा पहिले पहिल प्रभु के द्वारा हुई, और सुनने वालों के द्वारा हमें निश्चय हुआ।
- Deuteronomy 30:17 व्यवस्थाविवरण 30:17परन्तु यदि तेरा मन भटक जाए, और तू न सुने, और भटककर पराए देवताओं को दण्डवत करे और उनकी उपासना करने लगे,
- Hebrews 11:7 इब्रानियों 11:7विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
- Proverbs 13:18 नीतिवचन 13:18जो शिक्षा को सुनी- अनसुनी करता वह निर्धन होता और अपमान पाता है, परन्तु जो डांट को मानता, उसकी महिमा होती है।
- Zechariah 7:11 जकर्याह 7:11परन्तु उन्हों ने चित्त लगाना न चाहा, और हठ किया, और अपने कानों को मूंद लिया ताकि सुन न सकें।
- Exodus 20:22 निर्गमन 20:22तब यहोवा ने मूसा से कहा, तू इस्त्राएलियों को मेरे ये वचन सुना, कि तुम लोगों ने तो आप ही देखा है कि मै ने तुम्हारे साथ आकाश से बातें की हैं।
- Proverbs 1:24 नीतिवचन 1:24मैं ने तो पुकारा परन्तु तुम ने इनकार किया, और मैं ने हाथ फैलाया, परन्तु किसी ने ध्यान न दिया,
- Proverbs 8:33 नीतिवचन 8:33शिक्षा को सुनो, और बुद्धिमान हो जाओ, उसके विषय में अनसुनी न करो।
- Hebrews 10:28–29 इब्रानियों 10:28–29जब कि मूसा की व्यवस्था का न माननेवाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है। तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्ड के योग्य ठहरेगा, जिस ने परमेश्वर के पुत्रा को पांवों से रौंदा, और वाचा के लोहू को जिस के द्वारा वह पवित्रा ठहराया गया था, अपवित्रा जाना हैं, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया।
- Numbers 32:15 गिनती 32:15यदि तुम उसके पीछे चलने से फिर जाओ, तो वह फिर हम सभों को जंगल में छोड़ देगा; इस प्रकार तुम इन सारे लोगों का नाश कराओगे।
- 1 Kings 12:16 1 राजा 12:16जब सब इस्राएल ने देखा कि राजा हमारी नहीं सुनता, तब वे बोले, कि दाऊद के साथ हमारा क्या अंश? हमारा तो यिशै के पुत्रा में कोई भाग नहीं! हे इस्राएल अपने अपने डेरे को चले जाओ: अब हे दाऊद, अपने ही घराने की चिन्ता कर।
Original words (Greek)
- See · G991βλέπω blépō
- that · G3361μή mḗ
- ye · G991βλέπω blépō
- refuse · G3868παραιτέομαι paraitéomai
- not · G3361μή mḗ
- speaketh · G2980λαλέω laléō
- For · G1063γάρ gár
- if · G1487εἰ ei
- they · G1565ἐκεῖνος ekeînos
- escaped · G5343φεύγω pheúgō
- not · G3756οὐ ou
- refused · G3868παραιτέομαι paraitéomai
- spake · G5537χρηματίζω chrēmatízō
- on · G1909ἐπί epí
- earth · G1093γῆ gē
- much · G4183πολύς polýs
- more · G3123μᾶλλον mâllon
- we · G2249ἡμεῖς hēmeîs
- from · G654ἀποστρέφω apostréphō
- that · G3588ὁ ho
- from · G575ἀπό apó
- heaven · G3772οὐρανός ouranós