Jeremiah · chapter 35 · verse 14
Jeremiah 35:14 in Hindi
देखो, रेकाब के पुत्रा योनादाब ने जो आज्ञा अपने वंश को दी थी कि तुम दाखमधु न पीना सो तो मानी गई है यहां तक कि आज के दिन भी वे लोग कुछ नहीं पीते, वे अपने पुरखा की आज्ञा मानते हैं; पर यद्यपि मैं तुम से बड़े यत्न से कहता आया हूँ, तैभी तुम ने मेरी नहीं सुनी।
Dekho, rekaab ke putraa yonaadaab ne jo aajnyaa apane vansh ko dee thee ki tum daakhamadhu na peenaa so to maanee gaee hai yahaam tak ki aaj ke din bhee ve log kuchh naheem peete, ve apane purakhaa kee aajnyaa maanate haim; par yadyapi maim tum se bade yatn se kahataa aayaa hoon, taibhee tum ne meree naheem sunee.
Jeremiah 35:14 in English
- King James Version (KJV)
- The words of Jonadab the son of Rechab, that he commanded his sons not to drink wine, are performed; for unto this day they drink none, but obey their father’s commandment: notwithstanding I have spoken unto you, rising early and speaking; but ye hearkened not unto me.
- World English Bible (WEB)
- “The words of Jonadab the son of Rechab that he commanded his sons, not to drink wine, are performed; and to this day they drink none, for they obey their father’s commandment; but I have spoken to you, rising up early and speaking, and you have not listened to me.
- American Standard Version (ASV)
- The words of Jonadab the son of Rechab, that he commanded his sons, not to drink wine, are performed; and unto this day they drink none, for they obey their father’s commandment. But I have spoken unto you, rising up early and speaking; and ye have not hearkened unto me.
- Bible in Basic English (BBE)
- The orders which Jonadab, the son of Rechab, gave to his sons to take no wine, are done, and to this day they take no wine, for they do the orders of their father: but I have sent my words to you, getting up early and sending them, and you have not given ear to me.
- Darby Translation (DBY)
- The words of Jonadab the son of Rechab, that he commanded his sons not to drink wine, are performed; and to this day they have drunk none, for they have obeyed their father's commandment. But I have spoken unto you, rising early and speaking, and ye have not hearkened unto me.
- Webster's Bible (WBS)
- The words of Jonadab the son of Rechab, that he commanded his sons not to drink wine, are performed; for to this day they drink none, but obey their father's commandment: notwithstanding I have spoken to you, rising early and speaking; but ye hearkened not to me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Performed have been the words of Jonadab son of Rechab, when he commanded his sons not to drink wine, and they have not drunk unto this day, for they have obeyed the command of their father; and I — I have spoken unto you, rising early and speaking, and ye have not hearkened unto Me.
Read in context
- 12तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा।
- 13इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि जाकर यहूदा देश के लोगों और यरूशलेम नगर के निवासियों से कह, यहोवा की यह वाणी है, क्या तुम शिक्षा मानकर मेरी न सुदोगे?
- 14देखो, रेकाब के पुत्रा योनादाब ने जो आज्ञा अपने वंश को दी थी कि तुम दाखमधु न पीना सो तो मानी गई है यहां तक कि आज के दिन भी वे लोग कुछ नहीं पीते, वे अपने पुरखा की आज्ञा मानते हैं; पर यद्यपि मैं तुम से बड़े यत्न से कहता आया हूँ, तैभी तुम ने मेरी नहीं सुनी।
- 15मैं तुम्हारे पास अपने सारे दास नबियों को बड़ा यत्न करके यह कहने को भेजता आया हूँ कि अपनी बुरी चाल से फिरो, और अपने काम सुधारो, और दूसरे देवताओं के पीछे जाकर उनकी उपासना मत करो तब ुतुम इस देश में जो मैं ने तुम्हारे पितरों को दिया था और तुम को भी दिया है, बसने पाओगे। पर तुम ने मेरी ओर कान नहीं लगाया न मेरी सुनी है।
- 16देखो रेकाब के पुत्रा योनादाब के वंश ने तो अपने पुरखा की आज्ञा को मान लिया पर तुम ने मेरी नहीं सुनी।
Cross references
- Jeremiah 25:3–4 यिर्मयाह 25:3–4आमोन के पुत्रा यहूदा के राजा योशिरयाह के राज्य के तेरहवें वर्ष से लेकर आज के दिन तक अर्थात् तेईस वर्ष से यहोवा का वचन मेरे पास पहुंचता आया हे; और मैं उसे बड़े यत्न के साथ तुम से कहता आया हूँ; परन्तु तुम ने उसे नहीं सुना। और यद्यपि यहोवा तुम्हारे पास अपने सारे दासों अथवा भविष्यद्वक्ताओं को भी यह कहने के लिये बड़े यत्न से भेजता आया है
- Jeremiah 7:24–26 यिर्मयाह 7:24–26पर उन्हों ने मेरी न सुनी और न मेरी बातों पर कान लगाया; वे अपनी ही युक्तियों और अपने बुरे मन के हठ पर चलते रहे और पीछे हट गए पर आगे न बढ़े। जिस दिन तुम्हारे पुरखा मिस्र देश से निकले, उस दिन से आज तक मैं तो अपने सारे दासों, भविष्यद्वक्ताओं को, तुम्हारे पास बड़े यत्न से लगातार भेजता रहा; परन्तु उन्हों ने मेरी नहीं सुनी, न अपना कान लगाया; उन्हों ने हठ किया, और अपने पुरखाओं से बढ़कर बुराइयां की हैं।
- Isaiah 50:2 यशायाह 50:2इसका क्या कारण है कि जब मैं आया तब कोई न मिला? और जब मैं ने पुकारा, तब कोई न बोला? क्या मेरा हाथ ऐसा छोटा हो गया है कि छुड़ा नहीं सकता? क्या मुझ में उद्धार करने की शक्ति नहीं? देखो, मै एक धमकी से समुद्र को सुखा देता हूं, मैं महानदों को रेगिस्थान बना देता हूं, उनकी मछलियां जल बिना मर जाती और बसाती हैं।
- Jeremiah 11:7 यिर्मयाह 11:7क्योंकि जिस समय से मैं तुम्हारे पुरखाओं को मिस्र देश से छुड़ा ले आया तब से आज के दिन तक उनको दृढ़ता से चिताता आया हूँ, मेरी बात सुनो।
- Jeremiah 7:13 यिर्मयाह 7:13अब यहोवा की यह वाणी है, कि तुम जो ये सब काम करते आए हो, और यद्यपि मैं तुम से बड़े यत्न से बातें करता रहा हूँ, तौभी तुम ने नहीं सुना, और तुम्हें बुलाता आया परन्तु तुम नहीं बोले,
- Isaiah 30:9 यशायाह 30:9क्योंकि वे बलवा करनेवाले लोग और झूठ बोलनेवाले लड़के हैं जो यहोवा की शिक्षा को सुनना नहीं चाहते।
- Proverbs 1:20–33 नीतिवचन 1:20–33बुद्धि सड़क मे ऊंचे स्वर से बोलती है; और चौकों में प्रचार करती है; वह बाजारों की भीड़ में पुकारती है; वह फाटकों के बीच में और नगर के भीतर भी ये बातें बोलती है: हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और हे ठट्ठा करनेवालो, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? और हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे? तुम मेरी डांट सुनकर मन फिराओ; सुनो, मैं अपनी आत्मा तुम्हारे लिये उण्डेल दूंगी; मैं तुम को अपने वचन बताऊंगी। मैं ने तो पुकारा परन्तु तुम ने इनकार किया, और मैं ने हाथ फैलाया, परन्तु किसी ने ध्यान न दिया, वरन तुम ने मेरी सारी सम्मति को अनसुनी किया, और मेरी ताड़ना का मूल्य न जाना; इसलिये मैं भी तुम्हारी विपत्ति के समय हंसूंगी; और जब तुम पर भय आ पड़ेगा, वरन आंधी की नाई तुम पर भय आ पड़ेगा, और विपत्ति बवण्डर के समान आ पड़ेगी, और तुम संकट और सकेती में फंसोगे, तब मैं ठट्ठा करूंगी। उस समय वे मुझे पुकारेंगे, और मैं न सुनूंगी; वे मुझे यत्न से तो ढूंढ़ेंगे, परन्तु न पाएंगे। क्योंकि उन्हों ने ज्ञान से बैर किया, और यहोवा का भय मानना उनको न भाया। उन्हों ने मेरी सम्पत्ति न चाही वरन मेरी सब ताड़नाओं को तुच्छ जाना। इसलिये वे अपनी करनी का फल आप भोगेंगे, और अपनी युक्तियों के फल से अघा जाएंगे। क्योंकि भोले लोगों का भटक जाना, उनके घात किए जाने का कारण होगा, और निश्चिन्त रहने के कारण मूढ़ लोग नाश होंगे; परन्तु जो मेरी सुनेगा, वह निडर बसा रहेगा, और बेखटके सुख से रहेगा।।
- Jeremiah 29:19 यिर्मयाह 29:19क्योंकि जो वचन मैं ने अपने दास भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा उनके पास बड़ा यत्न करके कहला भेजे हैं, उनको उन्हों ने नहीं सुना, यहोवा की यही वाणी है।
- Jeremiah 32:33 यिर्मयाह 32:33उन्होंने मेरी ओर मुंह नहीं वरन पीठ ही फेर दी है; यद्यपि मैं उन्हें बड़े यत्न से सिखाता आया हूँ, तौभी उन्होंने मेरी शिक्षा को नहीं माना।
- 2 Chronicles 36:15–16 2 इतिहास 36:15–16और उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने बड़ा यत्न करके अपने दूतों से उनके पास कहला भेजा, क्योंकि वह अपनी प्रजा और अपने धाम पर तरस खाता था; परन्तु वे परमेश्वर के दूतों को ठट्ठों में उड़ाते, उसके वचनों को तुच्छ जानते, और उसके नबियों की हंसी करते थे। निदान यहोवा अपनी प्रजा पर ऐसा झुंझला उठा, कि बचने का कोई उपाय न रहा।
- Nehemiah 9:26 नहेमायाह 9:26परन्तु वे तुझ से फिरकर बलवा करनेवाले बन गए और तेरी व्यवस्था को त्याग दिया, और तेरे जो नबी तेरी ओर उन्हें फेरने के लिये उनको चिताते रहे उनको उन्हों ने घात किया, और तेरा बहुत तिरस्कार किया।
- Nehemiah 9:30 नहेमायाह 9:30तू तो बहुत वर्ष तक उनकी सहता रहा, और अपने आत्मा से नबियों के द्वारा उन्हें चिताता रहा, परन्तु वे कान नहीं लगाते थे, इसलिये तू ने उन्हें देश देश के लोगों के हाथ में कर दिया।
Original words (Hebrew)
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- Jonadab · H3082יְהוֹנָדָב Yᵉhôwnâdâb
- son · H1121בֵּן bên
- Rechab · H7394רֵכָב Rêkâb
- commanded · H6680צָוָה tsâvâh
- sons · H1121בֵּן bên
- drink · H8354שָׁתָה shâthâh
- wine · H3196יַיִן yayin
- performed · H6965קוּם qûwm
- day · H3117יוֹם yôwm
- drink · H8354שָׁתָה shâthâh
- obey · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- father’s · H1אָב ʼâb
- commandment · H4687מִצְוָה mitsvâh
- spoken · H1696דָבַר dâbar
- early · H7925שָׁכַם shâkam
- speaking · H1696דָבַר dâbar
- hearkened · H8085שָׁמַע shâmaʻ