Jeremiah · chapter 36 · verse 23
Jeremiah 36:23 in Hindi
जब यहूदी तीन चार पृष्ठ पढ़ चुका, तब उस ने उसे चाकू से काटा और जो आग अंगीठी में थी उस में फेंक दिया; सो अंगीठी की आग में पूरी पूस्तक जलकर भस्म हो गई।
Jab yahoodee teen chaar prushth padh chukaa, tab us ne use chaakoo se kaataa aur jo aag angeethee mem thee us mem phenk diyaa; so angeethee kee aag mem pooree poostak jalakar bhasm ho gaee.
Jeremiah 36:23 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass, [that] when Jehudi had read three or four leaves, he cut it with the penknife, and cast [it] into the fire that [was] on the hearth, until all the roll was consumed in the fire that [was] on the hearth.
- World English Bible (WEB)
- When Jehudi had read three or four columns, the king cut it with the penknife, and cast it into the fire that was in the brazier, until all the scroll was consumed in the fire that was in the brazier.
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass, when Jehudi had read three or four leaves, that [the king] cut it with the penknife, and cast it into the fire that was in the brazier, until all the roll was consumed in the fire that was in the brazier.
- Bible in Basic English (BBE)
- And it came about that whenever Jehudi, in his reading, had got through three or four divisions, the king, cutting them with his penknife, put them into the fire, till all the book was burned up in the fire which was burning in the fireplace.
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass, that when Jehudi had read three or four columns, he cut it with the scribe's knife, and cast it into the fire that was in the pan until all the roll was consumed in the fire that was in the pan.
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass, [that] when Jehudi had read three or four leaves, he cut it with the scribe's pen-knife, and cast [it] into the fire that [was] on the hearth, until all the roll was consumed in the fire that [was] on the hearth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and it cometh to pass, when Jehudi readeth three or four leaves, he cutteth it out with the scribe's knife, and hath cast unto the fire, that [is] on the stove, till the consumption of all the roll by the fire that [is] on the stove.
Read in context
- 21तब राजा ने यहूदी को पुस्तक ले आने के लिये भेजा, उस ने उसे एलीशामा प्रधान की कोठरी में से लेकर राजा को और जो हाकिम राजा के आस पास खड़े थे उनको भी पढ़ सुनाया।
- 22राजा शीतकाल के भवन में बैठा हुआ था, क्योंकि नौवां महीना था और उसके साम्हने अंगीठी जल रही थी।
- 23जब यहूदी तीन चार पृष्ठ पढ़ चुका, तब उस ने उसे चाकू से काटा और जो आग अंगीठी में थी उस में फेंक दिया; सो अंगीठी की आग में पूरी पूस्तक जलकर भस्म हो गई।
- 24परन्तु न कोई डरा और न किसी ने अपने कपड़े फाड़े, अर्थात् न तो राजा ने और न उसके कम्रचारियों में से किसी ने ऐसा किया, जिन्हों ने वे सब वचन सुने थे।
- 25एलनातान, और दलायाह, और गमर्याह ने तो राजा से बिनती भी की थी कि पुस्तक को न जलाए, परन्तु उस ने उनकी एक न सुनी।
Cross references
- 1 Kings 22:8 1 राजा 22:8इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा, हां, यिम्ला का पुत्रा मीकायाह एक पुरूष और है जिसके द्वारा हम यहोेवा से पूछ सकते हैं? परन्तु मैं उस से घृणा रखता हूँ, क्योंकि वह मेरे विष्य कल्याण की नहीं वरन हानि ही की भविष्यद्वाणी करता है।
- Proverbs 19:21 नीतिवचन 19:21मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएं होती हैं, परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है।
- Proverbs 21:30 नीतिवचन 21:30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- Proverbs 1:30 नीतिवचन 1:30उन्हों ने मेरी सम्पत्ति न चाही वरन मेरी सब ताड़नाओं को तुच्छ जाना।
- Proverbs 13:13 नीतिवचन 13:13जो वचन को तुच्छ जानता, वह नाश हो जाता है, परन्तु आज्ञा के डरवैये को अच्छा फल मिलता है।
- Isaiah 5:18–19 यशायाह 5:18–19हाय उन पर जो अधर्म को अनर्थ की रस्सियों से और पाप को मानो गाड़ी के रस्से से खींच ले आते हैं, जो कहते हैं, वह फुर्ती करे और अपने काम को शीघ्र करे कि हम उसको देखें; और इस्राएल के पवित्रा की युक्ति प्रगट हो, वह निकट आए कि हम उसको समझें!
- Isaiah 28:14–15 यशायाह 28:14–15इस कारण हे ठट्ठा करनेवालो, यरूशलेमवासी प्रजा के हाकिमों, यहोवा का वचन सुनो! तुम ने कहा है कि हम ने मृत्यु से वाचा बान्धी और अधोलोक से प्रतिज्ञा कराई है; इस कारण विपत्ति जब बाढ़ की नाई बढ़ आए तब हमारे पास न आएगी; क्योंकि हम ने झूठ की शरण ली और मिथ्या की आड़ में छिपे हुए हैं।
- 1 Kings 22:27 1 राजा 22:27और उन से कह, राजा यों कहता है, कि इसको बन्दीगृह में डालो, और जब तक मैं कुशल से न आऊं, तब तक इसे दु:ख की रोटी और पानी दिया करो।
- Deuteronomy 29:19–21 व्यवस्थाविवरण 29:19–21और ऐसा मनुष्य इस शाप के वचन सुनकर अपने को आशीर्वाद के योग्य माने, और यह सोचे कि चाहे मैं अपने मन के हठ पर चलूं, और तृप्त होकर प्यास को मिटा डालूं, तौभी मेरा कुशल होगा। यहोवा उसका पाप क्षमा नहीं करेगा, वरन यहोवा के कोप और जलन का धुंआ उसको छा लेगा, और जितने शाप इस पुस्तक में लिखें हैं वे सब उस पर आ पड़ेंगे, और यहोवा उसका नाम धरती पर से मिटा देगा। और व्यवस्था की इस पुस्तक में जिस वाचा की चर्चा है उसके सब शापों के अनुसार यहोवा उसको इस्राएल के सब गोत्रों में से हानि के लिये अलग करेगा।
- Revelation 22:19 प्रकाशितवाक्य 22:19और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्रा नगर में से जिस की चर्चा इस पुस्तक में है, उसका भाग निकाल देगा।।
- Isaiah 28:17–22 यशायाह 28:17–22और मैं न्याय की डोरी और धर्म को साहुल ठहराऊंगा; और तुम्हारा झूठ का शरणस्थान ओलों से बह जाएगा, और तुम्हारे छिपने का स्थान जल से डूब जाएगा। तब जो वाचा तुम ने मृत्यु से बान्धी है वह टूट जाएगी, और जो प्रतिज्ञा तुम ने अधोलोक से कराई वह न ठहरेगी; जब विपत्ति बाढ़ की नाई बढ़ आए, तब तुम उस में डूब ही जाओगे। जब जब वह बढ़ आए, तब तब वह तुम को ले जाएगी; वह प्रति दिन वरन रात दिन बढ़ा करेंगी; और इस समाचार का सुनना ही व्याकुल होने का कारण होगा। क्योंकि बिछौना टांग फैलाने के लिये छोटा, और ओढ़ना ओढ़ने के लिये सकरा है।। क्योंकि यहोवा ऐसा उठ खड़ा होगा जैसा वह पराजीम नाम पर्वत पर खड़ा हुआ और जैसा गिबोन की तराई में उस ने क्रोध दिखाया था; वह अब फिर क्रोध दिखाएगा, जिस से वह अपना काम करे, जो अचम्भित काम है, और वह कार्य करे जो अनोखा है। इसलिये अब तुम ठट्ठा मत करो, नहीं तो तुम्हारे बन्धन कसे जाएंगे; क्योंकि मैं ने सेनाओं के प्रभु यहोवा से यह सुना है कि सारे देश का सत्यानाश ठाना गया है।।
- Proverbs 29:1 नीतिवचन 29:1जो बार बार डांटे जाने पर भी हठ करता है, वह अचानक नाश हो जाएगा और उसका कोई भी उपाय काम न आएगा।
Original words (Hebrew)
- Jehudi · H3065יְהוּדִי Yᵉhûwdîy
- read · H7121קָרָא qârâʼ
- three · H7969שָׁלוֹשׁ shâlôwsh
- four · H702אַרְבַּע ʼarbaʻ
- leaves · H1817דֶּלֶת deleth
- cut · H7167קָרַע qâraʻ
- penknife · H8593תַּעַר taʻar
- cast · H7993שָׁלַךְ shâlak
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- hearth · H254אָח ʼâch
- roll · H4039מְגִלָּה mᵉgillâh
- consumed · H8552תָּמַם tâmam
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- hearth · H254אָח ʼâch