Jeremiah · chapter 38 · verse 13
Jeremiah 38:13 in Hindi
तब उन्हों ने यिर्मयाह को रस्सियों से खींचकर, गड़हे में से निकाला। और यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
Tab unhom ne yirmayaah ko rassiyom se kheenchakar, gadahe mem se nikaalaa. Aur yirmayaah pahare ke aangan mem rahane lagaa.
Jeremiah 38:13 in English
- King James Version (KJV)
- So they drew up Jeremiah with cords, and took him up out of the dungeon: and Jeremiah remained in the court of the prison.
- World English Bible (WEB)
- So they lifted Jeremiah up with the cords, and took him up out of the dungeon; and Jeremiah remained in the court of the guard.
- American Standard Version (ASV)
- So they drew up Jeremiah with the cords, and took him up out of the dungeon: and Jeremiah remained in the court of the guard.
- Bible in Basic English (BBE)
- So pulling Jeremiah up with the cords they got him out of the water-hole: and Jeremiah was kept in the place of the armed watchmen.
- Darby Translation (DBY)
- And they drew up Jeremiah with cords, and brought him up out of the dungeon; and Jeremiah remained in the court of the guard.
- Webster's Bible (WBS)
- So they drew up Jeremiah with cords, and took him out of the dungeon: and Jeremiah remained in the court of the prison.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they draw out Jeremiah with cords, and bring him up out of the pit, and Jeremiah dwelleth in the court of the prison.
Read in context
- 11सो एबेदमेलेक उतने पुरूषों को साथ लेकर राजभवन के भण्डार के तलघर में गया; और वहां से फटेपुराने कपड़े और चिथड़े लेकर यिर्मयाह के पास उस गड़हे में रस्सियों से उतार दिए।
- 12और एबेदमेलेक कूशी ने यिर्मयाह से कहा, ये पुराने कपड़े और चिथढ़े अपनी कांखों में रस्सियों के नीचे रख ले। सो यिर्मयाह ने वैसा ही किया।
- 13तब उन्हों ने यिर्मयाह को रस्सियों से खींचकर, गड़हे में से निकाला। और यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
- 14सिदकिरयाह राजा ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को यहोवा के भवन के तीसरे द्वार में अपने पास बुलवा भेजा। और रजा ने यिर्मयाह से कहा, मैं तुझ से एक बात पुछता हूँ; मुझ से कुछ न छिपा।
- 15यिर्मयाह ने सिदकिरयाह से कहा, यदि मैं तुझे बताऊं, तो क्या तू मुझे मरवा न डालेगा? और चाहे मैं तुझे सम्मति भी दूं, तौभी तू मेरी न मानेगा।
Cross references
- Jeremiah 37:21 यिर्मयाह 37:21तब सिदकिरयाह राजा की आज्ञा से यिर्मयाह पहरे के आंगन में रखा गया, और जब तक नगर की सब रोटी न चुक गई, तब तक उसको रोटीवालों की दूकान में से प्रतिदिन एक रोटी दी जाती थी। ओर यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
- Acts 28:30 प्रेरितों के काम 28:30और वह पूरे दो वर्ष अपने भाड़े के घर में रहा।
- Acts 28:16 प्रेरितों के काम 28:16जब हम रोम में पहुंचे, तो पौलुस को एक सिपाही के साथ जो उस की रखवाली करता था, अकेले रहने की आज्ञा हुई।।
- Acts 23:35 प्रेरितों के काम 23:35और जब जान लिया कि किलकिया का है; तो उस से कहा; जब तेरे मुद्दई भी आएगें, तो मैं तेरा मुकद्दमा करूंगा: और उस ने उसे हेरोदेस के किले में, पहरे में रखने की आज्ञा दी॥
- Jeremiah 38:6 यिर्मयाह 38:6तब उन्हों ने यिर्मयाह को लेकर राजपुत्रा मल्किरयाह के उस गड़हे में जो पहरे के आंगन में था, रस्सियों से उतारकर डाल दिया। और उस गड़हे मे पानी नहीं केवल दलदल था, और यिर्मयाह कीचड़ में धंस गया।
- Jeremiah 38:28 यिर्मयाह 38:28इस प्रकार जिस दिन यरूशलेम ले लिया गया उस दिन तक वह पहरे के आंगन ही में रहा।
- Jeremiah 39:14–18 यिर्मयाह 39:14–18और बाबुल के राजा के सब प्रधानों ने, लोगों को भेजकर यिर्मयाह को पहरे के आंगन में से बुलवा लिया और गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्रा और शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर पहुंचाए। तब से वह लोगों के साथ रहने लगा। जब यिर्मयाह पहरे के आंगन में कैद था, तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा, कि, जाकर एबेदमेलेक कूशी से कह कि इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा तुझ से यों कहता है, देख, मैं अपने वे वचन जो मैं ने इस नगर के विषय में कहो हैं इस प्रकार पूरा करूंगा कि इसका कुशल न होगा, हानि ही होगी, ओर उस समय उनका पूरा होना तुझे दिखाई पड़ेगा। परन्तु यहोवा की यह वाणी है कि उस समय मैं तुझे बचाऊंगा, और जिन मनुष्यों से तू भय खाता है, तू उनके वश में नहीं किया जाएगा। क्योंकि मैं तुझे, निश्चय बचाऊंगा, और तू तलवार से न मरेगा, तेरा प्राण बचा रहेगा, यहोवा की यह वाणी है। यह इस कारण होगा, कि तू ने मुझ पर भरोसा रखा है।
- Acts 24:23–26 प्रेरितों के काम 24:23–26और सूबेदार को आज्ञा दी, कि पौलुस को सुख से रखकर रखवाली करना, और उसके मित्रों में से किसी को भी उस की सेवा करने से न रोकना।। कितने दिनों के बाद फेलिक्स अपनी पत्नी द्रुसिल्ला को, जो यहूदिनी थी, साथ लेकर आया; और पौलुस को बुलवाकर उस विश्वास के विषय में जे मसीह यीशु पर है, उस से सुना। और जब वह धर्म और संयम और आनेवाले न्याय की चर्चा करता था, तो फेलिक्स ने भयमान होकर उत्तर दिया, कि अभी तो जा: अवसर पाकर मैं तुझे फिर बुलाऊंगा। उसे पौलुस से कुछ रूपये मिलने की भी आस थी; इसलिये और भी बुला बुलाकर उस से बातें किया करता था।
- 1 Kings 22:27 1 राजा 22:27और उन से कह, राजा यों कहता है, कि इसको बन्दीगृह में डालो, और जब तक मैं कुशल से न आऊं, तब तक इसे दु:ख की रोटी और पानी दिया करो।