Jeremiah · chapter 41 · verse 6
Jeremiah 41:6 in Hindi
तब नतन्याह का पुत्रा इश्माएल उन से मिलने को मिस्पा से निकला, और रोता हुआ चला। जब वह उन से मिला, तब कहा, अहीकाम के पुत्रा गदल्याह के पास चलो।
Tab natanyaah kaa putraa ishmaael un se milane ko mispaa se nikalaa, aur rotaa huaa chalaa. Jab vah un se milaa, tab kahaa, aheekaam ke putraa gadalyaah ke paas chalo.
Jeremiah 41:6 in English
- King James Version (KJV)
- And Ishmael the son of Nethaniah went forth from Mizpah to meet them, weeping all along as he went: and it came to pass, as he met them, he said unto them, Come to Gedaliah the son of Ahikam.
- World English Bible (WEB)
- Ishmael the son of Nethaniah went out from Mizpah to meet them, weeping all along as he went, and as he met them, he said to them, “Come to Gedaliah the son of Ahikam.”
- American Standard Version (ASV)
- And Ishmael the son of Nethaniah went forth from Mizpah to meet them, weeping all along as he went: and it came to pass, as he met them, he said unto them, Come to Gedaliah the son of Ahikam.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Ishmael, the son of Nethaniah, went out from Mizpah with the purpose of meeting them, weeping on his way: and it came about that when he was face to face with them he said, Come to Gedaliah, the son of Ahikam.
- Darby Translation (DBY)
- And Ishmael the son of Nethaniah went forth from Mizpah to meet them, weeping all along as he went; and it came to pass when he met them, he said unto them, Come to Gedaliah the son of Ahikam.
- Webster's Bible (WBS)
- And Ishmael the son of Nethaniah went forth from Mizpah to meet them, weeping all along as he went: and it came to pass, as he met them, he said to them, Come to Gedaliah the son of Ahikam.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Ishmael son of Nethaniah goeth forth to meet them, from Mizpah, going on and weeping, and it cometh to pass, at meeting them, that he saith unto them, 'Come in unto Gedaliah son of Ahikam.'
Read in context
- 4गदल्याह के मार डालने के दूसरे दिन जब कोई इसे न जानता था,
- 5तब शकेम और शीलो और शोमरोन से अस्सी पुरूष डाढ़ी मुड़ाए, वस्त्रा फाड़े, शरीर चीरे हुए और हाथ में अन्नबलि और लोबान लिए हुए, यहोवा के भवन में जाने को आते दिखाई दिए।
- 6तब नतन्याह का पुत्रा इश्माएल उन से मिलने को मिस्पा से निकला, और रोता हुआ चला। जब वह उन से मिला, तब कहा, अहीकाम के पुत्रा गदल्याह के पास चलो।
- 7जब वे उस नगर में आए तब नतन्याह के पुत्रा इश्माएल ने अपने संगी जनों समेत उनको घात करके गड़हे में फेंक दिया।
- 8परन्तु उन में से दस मनुष्य इश्माएल से कहने लगे, हम को न मार; क्योंकि हमारे पास मैदान में रखा हुआ गेहूं, जव, तेल और मधु है। सो उस ने उन्हें छोड़ दिया और उनके भाइयों के साथ नहीं मारा।
Cross references
- Jeremiah 50:4 यिर्मयाह 50:4यहोवा की यह वाणी है, कि उन दिनों में इस्राएली और यहूदा एक संग आएंगे, वे रोते हुए अपने परमेश्वर यहोवा को ढूंढ़ने के लिये चले आएंगे।
- 2 Samuel 3:16 2 शमूएल 3:16और उसका पति उसके साथ चला, और बहूरीम तक उसके पीछे रोता हुआ चला गया। तब अब्नेर ने उस से कहा, लौट जा; और वह लौट गया।
- Proverbs 26:23–26 नीतिवचन 26:23–26जैसा कोई चान्दी का पानी चढ़ाया हुअ मिट्टी का बर्तन हो, वैसा ही बुरे मनवाले के प्रेम भरे वचन होते हैं। जो बैरी बात से तो अपने को भोला बनाता है, परन्तु अपने भीतर छल रखता है, उसकी मीठी- मीठी बात प्रतीति न करना, क्योंकि उसके मन में सात घिनौनी वस्तुएं रहती हैं; चाहे उसका बैर छल के कारण छिप भी जाए, तौभी उसकी बुराई सभा के बीच प्रगट हो जाएगी।
- 2 Samuel 1:2–16 2 शमूएल 1:2–16तब तीसरे दिन ऐसा हुआ कि छावनी में से शाऊल के पास से एक पुरूष कपड़े फाड़े सिर पर धूली डाले हुए आया। और जब वह दाऊद के पास पहुंचा, तब भूमि पर गिरा और दणडवत् किया। दाऊद ने उस से पूछा, तू कहां से आया है? उस ने उस से कहा, मैं इस्राएली छावनी में से बचकर आया हूं। दाऊद ने उस से पूछा, वहां क्या बात हुई? मुझे बता। उस ने कहा, यह, कि लोग रणभूमि छोड़कर भाग गए, और बहुत लोग मारे गए; और शाऊल और उसका पुत्रा योनातन भी मारे गए हैं। दाऊद ने उस समाचार देनेवाले जवान से पूछा, कि तू कैसे जानता है कि शाऊल और उसका पुत्रा योनातन मर गए? समाचार देनेवाले जवान ने कहा, संयोग से मैं गिलबो पहाड़ पर था; तो क्या देखा, कि शाऊल अपने भाले की टेक लगाए हुए है; फिर मैं ने यह भी देखा कि उसका पीछा किए हुए रथ और सवार बड़े वेग से दौड़े आ रहे हैं। उस ने पीछे फिरकर मुझे देखा, और मुझे पुकारा। मैं ने कहा,क्या आज्ञा? उस ने मुझ से पूछा, तू कौन है? मैं ने उस से कहा, मैं तो अमालेकी हूँ। उस ने मुझ से कहा, मेरे पास खड़ा होकर मुझे मार डाल; क्योंकि मेरा सिर तो घुमा जाता है, परन्तु प्राण नही निकलता। तब मैं ने यह निश्चय जान लिया, कि वह गिर जाने के पहचात् नहीं बच सकता, उसके पास खड़े होकर उसे मार डाला; और मैं उसके सिर का मुकुट और उसके हाथ का कंगन लेकर यहां अपने प्रभु के पास आया हूँ। तब दाऊद ने अपने कपडे पकड़कर फाड़े; और जितने पुरूष उसके संग थे उन्हों ने भी वैसा ही किया; और वे शाऊल, और उसके पुत्रा योनातन, और यहोवा की प्रजा, और इस्राएल के घराने के लिये छाती पीटने और रोने लगे, और सांझ तक कुछ न खाया, इस कारण कि वे तलवार से मारे गए थे। फिर दाऊद ने उस समाचार देनेवाले जवान से पूछा, तू कहां का है? उस ने कहा, मैं तो परदेशी का बेटा अर्थात् अमालेकी हूँ। दाऊद ने उस से कहा, तू यहोवा के अभिषिक्त को नाश करने के लिये हाथ बढ़ाने से क्यों नहीं डरा? तब दाऊद ने एक जवान को बुलाकर कहा, निकट जाकर उस पर प्रहार कर। तब उस ने उसे ऐसा मारा कि वह मर गया। और दाऊद ने उस से कहा, तेरा खून तेरे ही सिर पर पड़े; क्योंकि तू ने यह कहकर कि मैं ही ने यहोवा के अभिषिक्त को मार डाला, अपने मुंह से अपने ही विरूद्ध साक्षी दी है।
Original words (Hebrew)
- Ishmael · H3458יִשְׁמָעֵאל Yishmâʻêʼl
- son · H1121בֵּן bên
- Nethaniah · H5418נְתַנְיָה Nᵉthanyâh
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- Mizpah · H4709מִצְפָּה Mitspâh
- meet · H7125קִרְאָה qirʼâh
- weeping · H1058בָּכָה bâkâh
- along · H1980הָלַךְ hâlak
- went · H1980הָלַךְ hâlak
- met · H6298פָּגַשׁ pâgash
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Come · H935בּוֹא bôwʼ
- Gedaliah · H1436גְּדַּלְיָה Gᵉdalyâh
- son · H1121בֵּן bên
- Ahikam · H296אֲחִיקָם ʼĂchîyqâm