Jeremiah · chapter 44 · verse 18
Jeremiah 44:18 in Hindi
परन्तु जब से हम ने स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाना और तपावन देना छोड़ दिया, तब से हम को सब वस्तुओं की घटी है; और हम तलवार और महंगी के द्वारा मिट चले हैं।
Parantu jab se ham ne svarg kee raanee ke liye dhoop jalaanaa aur tapaavan denaa chhod diyaa, tab se ham ko sab vastuom kee ghatee hai; aur ham talavaar aur mahangee ke dvaaraa mit chale hain.
Jeremiah 44:18 in English
- King James Version (KJV)
- But since we left off to burn incense to the queen of heaven, and to pour out drink offerings unto her, we have wanted all [things], and have been consumed by the sword and by the famine.
- World English Bible (WEB)
- But since we stopped burning incense to the queen of the sky, and pouring out drink offerings to her, we have lacked all things, and have been consumed by the sword and by the famine.”
- American Standard Version (ASV)
- But since we left off burning incense to the queen of heaven, and pouring out drink-offerings unto her, we have wanted all things, and have been consumed by the sword and by the famine.
- Bible in Basic English (BBE)
- But from the time when we gave up burning perfumes to the queen of heaven and draining out drink offerings to her, we have been in need of all things, and have been wasted by the sword and by need of food.
- Darby Translation (DBY)
- But since we left off burning incense to the queen of the heavens, and pouring out drink-offerings to her, we have wanted everything, and have been consumed by the sword and by the famine.
- Webster's Bible (WBS)
- But since we ceased to burn incense to the queen of heaven, and to pour out drink-offerings to her, we have wanted all [things] , and have been consumed by the sword and by the famine.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And from the time we have ceased to make perfume to the queen of the heavens, and to pour out to her libations, we have lacked all, and by sword and by famine we have been consumed,
Read in context
- 16जो वचन तू ने हम को यहोवा के नाम से सुनाया है, उसको हम नहीं सुनने की।
- 17जो जो मन्नतें हम मान चुके हैं उन्हें हम निश्चय पूरी करेंगी, हम स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाएंगे और तपावन देंगे, जैसे कि हमारे पुरखा लोग और हम भी अपने राजाओं और और हाकिमों समेत यहूदा के नगरों में और यरूशलेम की सड़कों में करते थे; क्योंकि उस समय हम पेट भरके खाते और भले चंगे रहते और किसी विपत्ति में नहीं पड़ते थे।
- 18परन्तु जब से हम ने स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाना और तपावन देना छोड़ दिया, तब से हम को सब वस्तुओं की घटी है; और हम तलवार और महंगी के द्वारा मिट चले हैं।
- 19और स्त्रियों ने कहा, जब हम स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलातीं और चन्द्राकार रोटियां बनाकर तपावन देती थीं, तब अपने अपने पति के बिन जाने ऐसा नहीं करती थीं।
- 20तब यिर्मयाह ने, क्या स्त्री, क्या पुरूष, जितने लोगों ने यह उत्तर दिया, उन सब से कहा,
Cross references
- Malachi 3:13–15 मलाकी 3:13–15यहोवा यह कहता है, तुम ने मेरे विरूद्ध ढिठाई की बातें कही हैं। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने तेरे विरूद्ध में क्या कहा है? तुम ने कहा है कि परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ? अब से हम अभिमानी लोगों को धन्य कहते हैं; क्योंकि दुराचारी तो सफल बन गए हैं, वरन वे परमेश्वर की परीक्षा करने पर भी बच गए हैं।।
- Numbers 11:5–6 गिनती 11:5–6हमें वे मछलियां स्मरण हैं जो हम मि में सेंतमेंत खाया करते थे, और वे खीरे, और खरबूजे, और गन्दने, और प्याज, और लहसुन भी; परन्तु अब हमारा जी घबरा गया है, यहां पर इस मन्ना को छोड़ और कुछ भी देख नहीं पड़ता।
- Jeremiah 40:12 यिर्मयाह 40:12तब सब यहूदी जिन जिन स्थानों में तितर- बितर हो गए थे, वहां से लौटकर यहूदा देश के मिस्पा नगर में गदल्याह के पास, और बहुत दाखमधु और धूपकाल के फल बटोरने लगे।
- Job 21:14–15 अय्यूब 21:14–15तौभी वे ईश्वर से कहते थे, कि हम से दूर हो! तेरी गति जानने की हम को इच्छा नहीं रहती। सर्वशक्तिमान क्या है, कि हम उसकी सेवा करें? और जो हम उस से बिनती भी करें तो हमें क्या लाभ होगा?
- Psalm 73:9–15 भजन संहिता 73:9–15वे डींग मारते हैं। वे मानों स्वर्ग में बैठे हुए बोलते हैं, और वे पृथ्वी में बोलते फिरते हैं।। तौभी उसकी प्रजा इधर लौट आएगी, और उनको भरे हुए प्याले का जल मिलेगा। फिर वे कहते हैं, ईश्वर कैसे जानता है? क्या परमप्रधान को कुछ ज्ञान है? देखो, ये तो दुष्ट लोग हैं; तौभी सदा सुभागी रहकर, धन सम्पत्ति बटोरते रहते हैं। निश्चय, मैं ने अपने हृदय को व्यर्थ शुद्ध किया और अपने हाथों को निर्दोषता में धोया है; क्योंकि मैं दिन भर मार खाता आया हूं और प्रति भोर को मेरी ताड़ना होती आई है।। यदि मैं ने कहा होता कि मैं ऐसा ही कहूंगा, तो देख मैं तेरे लड़कों की सन्तान के साथ क्रूरता का व्यवहार करता,