Jeremiah · chapter 45 · verse 5
Jeremiah 45:5 in Hindi
इसलिये सुन, क्या तू अपने लिये बड़ाई खोज रहा है? उसे मत खोज; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि मैं सारे मनुष्यों पर विपत्ति डालूंगा; परन्तु जहां कहीं तू जाएगा वहां मैं तेरा प्राण बचाकर तुझे जीवित रखूंगा।
Isaliye sun, kyaa too apane liye badaaee khoj rahaa hai? Use mat khoj; kyonki yahovaa kee yah vaanee hai, ki maim saare manushyom par vipatti daaloongaa; parantu jahaam kaheem too jaaegaa vahaam maim teraa praan bachaakar tujhe jeevit rakhoongaa.
Jeremiah 45:5 in English
- King James Version (KJV)
- And seekest thou great things for thyself? seek [them] not: for, behold, I will bring evil upon all flesh, saith the LORD: but thy life will I give unto thee for a prey in all places whither thou goest.
- World English Bible (WEB)
- Do you seek great things for yourself? Don’t seek them; for, behold, I will bring evil on all flesh,’ says the LORD, ‘but I will let you escape with your life wherever you go.’”
- American Standard Version (ASV)
- And seekest thou great things for thyself? seek them not; for, behold, I will bring evil upon all flesh, saith Jehovah; but thy life will I give unto thee for a prey in all places whither thou goest.
- Bible in Basic English (BBE)
- And as for you, are you looking for great things for yourself? Have no desire for them: for truly I will send evil on all flesh, says the Lord: but your life I will keep safe from attack wherever you go.
- Darby Translation (DBY)
- And seekest thou great things for thyself? seek [them] not; for behold, I will bring evil upon all flesh, saith Jehovah; but thy life will I give unto thee for a prey in all places whither thou shalt go.
- Webster's Bible (WBS)
- And seekest thou great things for thyself? seek [them] not: for behold, I will bring evil upon all flesh, saith the LORD: but thy life will I give to thee for a prey in all places whither thou goest.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And thou — thou seekest for thee great things — do not seek, for lo, I am bringing in evil on all flesh — an affirmation of Jehovah — and I have given to thee thy life for a spoil, in all places whither thou goest.'
Read in context
- 3हे बारूक, तू ने कहा, हाय मुझ पर! क्योंकि यहोवा ने मुझे दु:ख पर दु:ख दिया है; मैं कराहते कराहते थक गया और मुझे कुछ चैन नहीं मिलता।
- 4तू यों कह, यहोवा यों कहता है, कि देख, इस सारे देश को जिसे मैं ने बनाया था, उसे मैं आप ढा दूंगा, और जिन को मैं ने रोपा था, उन्हें स्वयं उखाड़ फेंकूंगा।
- 5इसलिये सुन, क्या तू अपने लिये बड़ाई खोज रहा है? उसे मत खोज; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि मैं सारे मनुष्यों पर विपत्ति डालूंगा; परन्तु जहां कहीं तू जाएगा वहां मैं तेरा प्राण बचाकर तुझे जीवित रखूंगा।
Cross references
- Jeremiah 39:18 यिर्मयाह 39:18क्योंकि मैं तुझे, निश्चय बचाऊंगा, और तू तलवार से न मरेगा, तेरा प्राण बचा रहेगा, यहोवा की यह वाणी है। यह इस कारण होगा, कि तू ने मुझ पर भरोसा रखा है।
- Hebrews 13:5 इब्रानियों 13:5तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।
- 1 Timothy 6:6–9 1 तीमुथियुस 6:6–9पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्हीं पर सन्तोष करना चाहिए। पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।
- Romans 12:16 रोमियों 12:16आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो।
- Matthew 6:25–32 मत्ती 6:25–32इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्त्रा से बढ़कर नहीं? आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते। तुम में कौन है, जो चिन्ता करके अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है? और वस्त्रा के लिये क्यों चिन्ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं। तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे विभव में उन में से किसी के समान वस्त्रा पहिने हुए न था। इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्रा पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा? इसलिये तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।
- Jeremiah 21:9 यिर्मयाह 21:9जो कोई इस नगर में रहे वह तलवार, महंगी और मरी से मरेगा; परन्तु जो कोई निकलकर उन कसदियों के पास जो तुम को घेर रहे हैं भाग जाए वह जीवित रहेगा, और उसका प्राण बचेगा।
- Jeremiah 25:26 यिर्मयाह 25:26और क्या निकट क्या दूर के उत्तर दिशा के सब राजाओं को एक संग पिलाया, निदान धरती भर में रहनेवाले जगत के राज्यों के सब लोगों को मैं ने पिलाया। और इन सब के पीछे शेषक के राजा को भी पीना पड़ेगा।
- Genesis 6:12 उत्पत्ति 6:12और परमेश्वर ने पृथ्वी पर जो दृष्टि की तो क्या देखा, कि वह बिगड़ी हुई है; क्योंकि सब प्राणियों ने पृथ्वी पर अपनी अपनी चाल चलन बिगाड़ ली थी।
- 2 Kings 5:26 2 राजा 5:26उस ने उस से कहा, जब वह पुरूष इधर मुंह फेरकर तुझ से मिलने को अपने रथ पर से उतरा, तब वह पूरा हाल मुझे मालूम था; क्या यह समय चान्दी वा वस्त्रा वा जलपाई वा दाख की बारियां, भेड़- बकरियां, गायबैल और दास- दासी लेने का है?
- Jeremiah 38:2 यिर्मयाह 38:2कि, यहोवा यों कहता है कि जो कोई इस नगर में रहेगा वह तलवार, पहंगी ओर मरी से मरेगा; परन्तु जो कोई कसदियों के पास निकल भागे वह अपना प्राण बचाकर जीवित रहेगा।
- Zephaniah 3:8 सपन्याह 3:8इस कारण यहोवा की यह वाणी है, कि जब तक मैं नाश करने को न उठूं, तब तक तुम मेरी बाट जोहते रहो। मैं ने यह ठाना है कि जाति- जाति के और राज्य- राज्य के लोगों को मैं इकट्ठा करूं, कि उन पर अपने क्रोध की आग पूरी रीति से भड़काऊं; क्योंकि सारी पृथ्वी मेरी जलन की आग से भस्म हो जाएगी।।
- 1 Corinthians 7:26–32 1 कुरिन्थियों 7:26–32सो मेरी समझ में यह अच्छा है, कि आजकल क्लेश के कारण मनुष्य जैसा है, वैसा ही रहे। यदि तेरे पत्नी है, तो उस से अलग होने का यत्न न कर: और यदि तेरे पत्नी नहीं, तो पत्नी की खोज न कर: परन्तु यदि तू ब्याह भी करे, तो पाप नहीं; और यदि कुंवारी ब्याही जाए तो कोई पाप नहीं; परन्तु ऐसों को शारीरिक दुख होगा, और मैं बचाना चाहता हूं। हे भाइयो, मैं यह कहता हूं, कि समय कम किया गया है, इसलिये चाहिए कि जिन के पत्नी हों, वे ऐसे हों मानो उन के पत्नी नहीं। और रोनेवाले ऐसे हों, मानो रोते नहीं; और आनन्द करनेवाले ऐसे हों, मानो आनन्द नहीं करते; और मोल लेनेवाले एसे हों, कि मानो उन के पास कुछ है नहीं। और इस संसार के बरतनेवाले ऐसे हों, कि संसार ही के न हो लें; क्योंकि इस संसार की रीति और व्यवहार बदलते जाते हैं। सो मैं यह चाहता हूं, कि तुम्हें चिन्ता न हो: अविवाहित पुरूष प्रभु की बातों की चिन्ता में रहता है, कि प्रभु को क्योंकर प्रसन्न रखे।
Original words (Hebrew)
- seekest · H1245בָּקַשׁ bâqash
- things · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- seek · H1245בָּקַשׁ bâqash
- bring · H935בּוֹא bôwʼ
- evil · H7451רַע raʻ
- flesh · H1320בָּשָׂר bâsâr
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum
- life · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- give · H5414נָתַן nâthan
- prey · H7998שָׁלָל shâlâl
- places · H4725מָקוֹם mâqôwm
- goest · H3212יָלַךְ yâlak