Genesis · chapter 6 · verse 12
Genesis 6:12 in Hindi
और परमेश्वर ने पृथ्वी पर जो दृष्टि की तो क्या देखा, कि वह बिगड़ी हुई है; क्योंकि सब प्राणियों ने पृथ्वी पर अपनी अपनी चाल चलन बिगाड़ ली थी।
Aur parameshvar ne pruthvee par jo drushti kee to kyaa dekhaa, ki vah bigadee huee hai; kyonki sab praaniyom ne pruthvee par apanee apanee chaal chalan bigaad lee thee.
Genesis 6:12 in English
- King James Version (KJV)
- And God looked upon the earth, and, behold, it was corrupt; for all flesh had corrupted his way upon the earth.
- World English Bible (WEB)
- God saw the earth, and saw that it was corrupt, for all flesh had corrupted their way on the earth.
- American Standard Version (ASV)
- And God saw the earth, and, behold, it was corrupt; for all flesh had corrupted their way upon the earth.
- Bible in Basic English (BBE)
- And God, looking on the earth, saw that it was evil: for the way of all flesh had become evil on the earth.
- Darby Translation (DBY)
- And God looked upon the earth, and behold, it was corrupt; for all flesh had corrupted its way on the earth.
- Webster's Bible (WBS)
- And God looked upon the earth, and behold, it was corrupt: for all flesh had corrupted his way upon the earth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And God seeth the earth, and lo, it hath been corrupted, for all flesh hath corrupted its way on the earth.
Read in context
- 10और नूह से, शेम, और हाम, और येपेत नाम, तीन पुत्रा उत्पन्न हुए।
- 11उस समय पृथ्वी परमेश्वर की दृष्टि में बिगड़ गई थी, और उपद्रव से भर गई थी।
- 12और परमेश्वर ने पृथ्वी पर जो दृष्टि की तो क्या देखा, कि वह बिगड़ी हुई है; क्योंकि सब प्राणियों ने पृथ्वी पर अपनी अपनी चाल चलन बिगाड़ ली थी।
- 13तब परमेश्वर ने नूह से कहा, सब प्राणियों के अन्त करने का प्रश्न मेरे साम्हने आ गया है; क्योंकि उनके कारण पृथ्वी उपद्रव से भर गई है, इसलिये मै उनको पृथ्वी समेत नाश कर डालूंगा।
- 14इसलिये तू गोपेर वृक्ष की लकड़ी का एक जहाज बना ले, उस में कोठरियां बनाना, और भीतर बाहर उस पर राल लगाना।
Cross references
- Psalm 53:2–3 भजन संहिता 53:2–3परमेश्वर ने स्वर्ग पर से मनुष्यों के ऊपर दृष्टि की ताकि देखे कि कोई बुद्धि से चलनेवाला वा परमेश्वर को पूछनेवाला है कि नहीं।। वे सब के सब हट गए; सब एक साथ बिगड़ गए; कोई सुकर्मी नहीं, एक भी नहीं।। क्या उन सब अनर्थकारियों को कुछ भी ज्ञान नहीं
- Proverbs 15:3 नीतिवचन 15:3यहोवा की आंखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं।
- Psalm 14:1–3 भजन संहिता 14:1–3मूर्ख ने अपने मन में कहा है, कोई परमेश्वर है ही नहीं। वे बिगड़ गए, उन्हों ने घिनौने काम किए हैं, कोई सुकर्मी नहीं। परमेश्वर ने स्वर्ग में से मनुष्यों पर दृष्टि की है, कि देखे कि कोई बुद्धिमान, कोई परमेश्वर का खोजी है या नहीं। वे सब के सब भटक गए, वे सब भ्रष्ट हो गए; कोई सुकर्मी नहीं, एक भी नहीं।
- Job 22:15–17 अय्यूब 22:15–17क्या तू उस पुराने रास्ते को पकड़े रहेगा, जिस पर वे अनर्थ करनेवाले चलते हैं? वे अपने समय से पहले उठा लिए गए और उनके घर की नेव नदी बहा ले गई। उन्हों ने ईश्वर से कहा था, हम से दूर हो जा; और यह कि सर्वशक्तिमान हमारा क्या कर सकता है?
- 2 Peter 2:5 2 पतरस 2:5और प्रथम युग के संसार को भी न छोड़ा, बरन भक्तिहीन संसार पर महा जल- प्रलय भेजकर धर्म के प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया।
- Genesis 7:1 उत्पत्ति 7:1और यहोवा ने नूह से कहा, तू अपने सारे घराने समेत जहाज में जा; क्योंकि मै ने इस समय के लोगों में से केवल तुझी को अपनी दृष्टि में धर्मी देखा है।
- Job 33:27 अय्यूब 33:27वह मनुष्यों के साम्हने गाने ओर कहने लगता है, कि मैं ने पाप किया, और सच्चाई को उलट पुलट कर दिया, परन्तु उसका बदला मुझे दिया नहीं गया।
- Genesis 6:8 उत्पत्ति 6:8परन्तु यहोवा के अनुग्रह की दृष्टि नूह पर बनी रही।।
- Psalm 33:13–14 भजन संहिता 33:13–14यहोवा स्वर्ग से दृष्टि करता है, वह सब मनुष्यों को निहारता है; अपने निवास के स्थान से वह पृथ्वी के सब रहनेवालों को देखता है,
- 1 Peter 3:19–20 1 पतरस 3:19–20उसी में उस ने जाकर कैदी आत्माओं को भी प्रचार किया। जिन्हों ने उस बीते समय में आज्ञा न माना जब परमेश्वर नूह के दिनों में धीरज धरकर ठहरा रहा, और वह जहाज बन रहा था, जिस में बैठकर थोड़े लोग अर्थात् आठ प्राणी पानी के द्वारा बच गए।
- Genesis 6:4–5 उत्पत्ति 6:4–5उन दिनों में पृथ्वी पर दानव रहते थे; और इसके पश्चात् जब परमेश्वर के पुत्रा मनुष्य की पुत्रियों के पास गए तब उनके द्वारा जो सन्तान उत्पन्न हुए, वे पुत्रा शूरवीर होते थे, जिनकी कीर्त्ति प्राचीनकाल से प्रचलित है। और यहोवा ने देखा, कि मनुष्यों की बुराई पृथ्वी पर बढ़ गई है, और उनके मन के विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है सो निरन्तर बुरा ही होता है।
- Genesis 7:21 उत्पत्ति 7:21और क्या पक्षी, क्या घरेलू पशु, क्या बनैले पशु, और पृथ्वी पर सब चलनेवाले प्राणी, और जितने जन्तु पृथ्वी मे बहुतायत से भर गए थे, वे सब, और सब मनुष्य मर गए।