Jeremiah · chapter 48 · verse 29
Jeremiah 48:29 in Hindi
हम ने मोआब के गर्व के विषय में सुना है कि वह अत्यन्त अभिमानी है; उसका गर्व, अभिमान और अहंकार, और उसका मन फूलना प्रसिद्व है।
Ham ne moaab ke garv ke vishay mem sunaa hai ki vah atyant abhimaanee hai; usakaa garv, abhimaan aur ahankaar, aur usakaa man phoolanaa prasidv hai.
Jeremiah 48:29 in English
- King James Version (KJV)
- We have heard the pride of Moab, (he is exceeding proud) his loftiness, and his arrogancy, and his pride, and the haughtiness of his heart.
- World English Bible (WEB)
- “We have heard of the pride of Moab. He is very proud in his loftiness, his pride, his arrogance, and the arrogance of his heart.
- American Standard Version (ASV)
- We have heard of the pride of Moab, [that] he is very proud; his loftiness, and his pride, and his arrogancy, and the haughtiness of his heart.
- Bible in Basic English (BBE)
- We have had word of the pride of Moab, how great it is; how he is lifted up in pride; and his great opinion of himself, and that his heart is lifted up.
- Darby Translation (DBY)
- We have heard of the arrogance of Moab, — [he is] very proud; — his loftiness, and his arrogance, and his pride, and the haughtiness of his heart.
- Webster's Bible (WBS)
- We have heard the pride of Moab, (he is exceeding proud) his loftiness, and his arrogance, and his pride, and the haughtiness of his heart.
- Young's Literal Translation (YLT)
- We have heard of the arrogance of Moab, Exceeding proud! His haughtiness, and his arrogance, And his pride, and the height of his heart,
Read in context
- 27क्या तू ने भी इस्राएल को ठट्ठों में नहीं उड़ाय? क्या वह चोरों के बीच पाड़ा गया था कि जब तू उसकी चर्चा करता तब तू सिर हिलाता था?
- 28हे मोआब के रहनेवालो अपने अपने नगर को छोड़कर ढांग की दरार में बसो! उस पएडुकी के समान हो जो गुफा के मुंह की एक ओर घोंसला बनाती हो।
- 29हम ने मोआब के गर्व के विषय में सुना है कि वह अत्यन्त अभिमानी है; उसका गर्व, अभिमान और अहंकार, और उसका मन फूलना प्रसिद्व है।
- 30यहोवा की यह वाणी है, मैं उसके रोष को भी जानता हूँ कि वह व्यर्थ ही है, उसके बड़े बोल से कुछ बन न पड़ा।
- 31इस कारण मैं मोआबियों के लिये हाय- हाय करूंगा; हां मैं सारे मोआबियों के लिये चिल्लाऊंगा; कीहरेस के लोगों के लिये विलाप किया जाएगा।
Cross references
- Isaiah 16:6 यशायाह 16:6हम ने मोआब के गर्व के विषय सुना है कि वह अत्यन्त अभिमानी था; उसके अभिमान और गर्व और रोष के सम्बन्ध में भी सुना है परन्तु उसका बड़ा बोल व्यर्थ है।
- Psalm 138:6 भजन संहिता 138:6यद्यपि यहोवा महान है, तौभी वह नम्र मनुष्य की ओर दृष्टि करता है; परन्तु अहंकारी को दूर ही से पहिचानता है।।
- Isaiah 2:11–12 यशायाह 2:11–12क्योंकि आदमियों की घमण्ड भरी आंखें नीची की जाएंगी और मनुष्यों का घमण्ड दूर किया जाएगा; और उस दिन केवल यहोवा ही ऊंचे पर विराजमान रहेगा।। क्योंकि सेनाओं के यहोवा का दिन सब घमण्डियों और ऊंची गर्दनवालों पर और उन्नति से फूलनेवालोंपर आएगा; और वे झुकाए जाएंगे;
- Daniel 4:37 दानिय्येल 4:37अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूं, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूं क्योंकि उसके सब काम सच्चे, और उसके सब व्यवहार न्याय के हैं; और जो लोग घमण्ड से चलते हैं, उन्हें वह नीचा कर सकता है।।
- Zephaniah 2:8–15 सपन्याह 2:8–15मोआब ने जो मेरी प्रजा की नामधराई और अम्मोनियों ने जो उसकी निन्दा करके उसके देश की सीमा पर चढ़ाई की, वह मेरे कानों तक पहुंची है। इस कारण इस्राएल के परमेश्वर, सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की शपथ, निश्चय मोआब सदोम के समान, और अम्मोनी अमोरा की नाईं बिच्छू पेड़ों के स्थान और नमक की खानियां हो जाएंगे, और सदैव उजड़े रहेंगे। मेरी प्रजा के बचे हुए उनको लूटेंगे, और मेरी जाति के शेष लोग उनको अपने भाग में पाएंगे। यह उनके गर्व का पलटा होगा, क्योंकि उन्हों ने सेनाओं के यहोवा की प्रजा की नामधराई की, और उस पर बड़ाई मारी है। यहोवा उनको डरावना दिखाई देगा, वह पृथ्वी भर के देवताओं को भूखों मार डालेगा, और अन्यजातियों के सब द्वीपों के निवासी अपने अपने स्थान से उसको दण्डवत् करेंगे।। हे कूशियों, तुम भी मेरी तलवार से मारे जाओगे। वह अपना हाथ उत्तर दिशा की ओर बढ़ाकर अश्शूर को नाश करेगा, और नीनवे को उजाड़ कर जंगल के समान निर्जल कर देगा। उसके बीच में सब जाति के वनपशु झुंड के झुंड बैठेंगे; उसके खम्भों की कंगनियों पर धनेश और साही दोनों रात को बसेरा करेंगे और उसकी खिड़कियों में बोला करेंगे; उसकी डेवढ़ियां सूनी पड़ी रहेंगी, और देवदार की लकड़ी उघारी जाएगी। यह वही नगरी है, जो मगन रहती और निडर बैठी रहती थी, औश्र सोचती थी कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई है ही नहीं। परन्तु अब यह उजाड़ और वनपशुओं के बैठने का स्थान बन गया है, यहां तक कि जो कोई इसके पास होकर चले, वह ताली बजाएगा और हाथ हिलाएगा।
- Proverbs 18:12 नीतिवचन 18:12नाश होने से पहिले मनुष्य के मन में घमण्ड, और महिमा पाने से पहिले नम्रता होती है।
- James 4:6 याकूब 4:6वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है।
- Proverbs 30:13 नीतिवचन 30:13एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं उनकी दृष्टि क्या ही घमण्ड से भरी रहती है, और उनकी आंखें कैसी चढ़ी हुई रहती हैं।
- Proverbs 8:13 नीतिवचन 8:13यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है। घमण्ड, अंहकार, और बुरी चाल से, और उलट फेर की बात से भी मैं बैर रखती हूं।
- Job 40:10–12 अय्यूब 40:10–12अब अपने को महिमा और प्रताप से संवार और ऐश्वरर्य और तेज के वस्त्रा पहिन ले। अपने अति क्रोध की बाढ़ को बहा दे, और एक एक घमणडी को देखते ही उसे नीचा कर। हर एक घमणडी को देखकर झुका दे, और दुष्ट लोगों को जहां खड़े हों वहां से गिरा दे।
- Luke 14:11 लूका 14:11और जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।