Jeremiah · chapter 48 · verse 28
Jeremiah 48:28 in Hindi
हे मोआब के रहनेवालो अपने अपने नगर को छोड़कर ढांग की दरार में बसो! उस पएडुकी के समान हो जो गुफा के मुंह की एक ओर घोंसला बनाती हो।
He moaab ke rahanevaalo apane apane nagar ko chhodakar dhaang kee daraar mem baso! Us paedukee ke samaan ho jo guphaa ke munh kee ek or ghonsalaa banaatee ho.
Jeremiah 48:28 in English
- King James Version (KJV)
- O ye that dwell in Moab, leave the cities, and dwell in the rock, and be like the dove [that] maketh her nest in the sides of the hole’s mouth.
- World English Bible (WEB)
- You inhabitants of Moab, leave the cities, and dwell in the rock. Be like the dove that makes her nest over the mouth of the abyss.
- American Standard Version (ASV)
- O ye inhabitants of Moab, leave the cities, and dwell in the rock; and be like the dove that maketh her nest over the mouth of the abyss.
- Bible in Basic English (BBE)
- O people of Moab, go away from the towns and take cover in the rock; be like the dove of the Arabah, which makes her living-place in holes.
- Darby Translation (DBY)
- Leave the cities, and dwell in the rocks, ye inhabitants of Moab, and be like the dove, that maketh her nest in the sides of the cave's mouth.
- Webster's Bible (WBS)
- O ye that dwell in Moab, leave the cities, and dwell in the rock, and be like the dove [that] maketh her nest in the sides of the hole's mouth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Forsake cities, and dwell in a rock, Ye inhabitants of Moab, And be as a dove making a nest in the passages of a pit's mouth.
Read in context
- 26उसको मतवाल करो, क्योंकि उस ने यहोवा के विरूद्व बड़ाई मारी है; इसलिये मोआब अपनी छांट में लोटेगा, और ठट्ठों में उड़ाया जाएगा।
- 27क्या तू ने भी इस्राएल को ठट्ठों में नहीं उड़ाय? क्या वह चोरों के बीच पाड़ा गया था कि जब तू उसकी चर्चा करता तब तू सिर हिलाता था?
- 28हे मोआब के रहनेवालो अपने अपने नगर को छोड़कर ढांग की दरार में बसो! उस पएडुकी के समान हो जो गुफा के मुंह की एक ओर घोंसला बनाती हो।
- 29हम ने मोआब के गर्व के विषय में सुना है कि वह अत्यन्त अभिमानी है; उसका गर्व, अभिमान और अहंकार, और उसका मन फूलना प्रसिद्व है।
- 30यहोवा की यह वाणी है, मैं उसके रोष को भी जानता हूँ कि वह व्यर्थ ही है, उसके बड़े बोल से कुछ बन न पड़ा।
Cross references
- Judges 6:2 न्यायियों 6:2और मिद्यानी इस्राएलियों पर प्रबल हो गए। मिद्यानियों के डर के मारे इस्राएलियों ने पहाड़ों के गहिरे खड्डों, और गुफाओं, और किलों को अपने निवास बना लिए।
- Song of Solomon 2:14 श्रेष्ठगीत 2:14हे मेरी कबूतरी, पहाड़ की दरारों में और टीलों के कुज्ज में तेरा मुख मुझे देखने दे, तेरा बोल मुझे सुनने दे, क्योंकि तेरा बोल मीठा, और तेरा मुख अति सुन्दर है।
- Psalm 55:6–7 भजन संहिता 55:6–7और मैं ने कहा, भला होता कि मेरे कबूतर के से पंख होते तो मैं उड़ जाता और विश्राम पाता! देखो, फिर तो मैं उड़ते उड़ते दूर निकल जाता और जंगल में बसेरा लेता,
- Jeremiah 48:9 यिर्मयाह 48:9मोआब के पंख लगा दो ताकि वह उड़कर दूर हो जए; क्योंकि उसके नगर ऐसे उजाड़ हो जाएंगे कि उन में कोई भी न बसने पाएगा।
- Jeremiah 49:16 यिर्मयाह 49:16हे चट्टान की दरारों में बसे हुए, हे पहाड़ी की चोटी पर किला बनानेवाले! तेरे भयानक रूप और मन के अभिमान ने तुझे धोखा दिया है। चाहे तू उकाब की नाई। अपना बसेरा ऊंचे स्थान पर बनाए, तौभी मैं वहां से तुझे उतार लाऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- Isaiah 2:19 यशायाह 2:19और जब यहोवा पृथ्वी के कम्पित करने के लिये उठेगा, तब उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे लोग चट्टानों की गुुफाओं और भूमि के बिलों में जा घुसेंगे।।
- 1 Samuel 13:6 1 शमूएल 13:6जब इस्राएली पुरूषों ने देखा कि हम सकेती में पड़े हैं (और सचमुच लोग संकट में पड़े थे), तब वे लोग गुफाओं, झाड़ियों, चट्टानों, गढ़ियों, और गढ़हों में जा छिपे।
- Obadiah 1:3–4 ओबद्याह 1:3–4हे पहाड़ों की दरारों में बसनेवाले, हे ऊंचे स्थान में रहनेवाले, तेरे अभिमान ने तुझे धोखा दिया है; तू मन में कहता है, कौन मुझे भूमि पर उतार देगा? परन्तु चाहे तू उकाब की नाईं ऊंचा उड़ता हो, वरन तारागण के बीच अपना घोंसला बनाए हो, तौभी मैं तुझे वहां से नीचे गिराऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।।