Jeremiah · chapter 5 · verse 14
Jeremiah 5:14 in Hindi
इस कारण सेनाओं का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, ये लोग जो ऐसा कहते हैं, इसलिये देख, मैं अपना वचन तेरे मुंह में आग, और इस प्रजा को काठ बनाऊंगा, और वह उनको भस्म करेगी।
Is kaaran senaaom kaa parameshvar yahovaa yom kahataa hai, ye log jo aisaa kahate haim, isaliye dekh, maim apanaa vachan tere munh mem aag, aur is prajaa ko kaath banaaoongaa, aur vah unako bhasm karegee.
Jeremiah 5:14 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore thus saith the LORD God of hosts, Because ye speak this word, behold, I will make my words in thy mouth fire, and this people wood, and it shall devour them.
- World English Bible (WEB)
- Therefore the LORD, the God of Armies says, “Because you speak this word, behold, I will make my words in your mouth fire, and this people wood, and it will devour them.
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore thus saith Jehovah, the God of hosts, Because ye speak this word, behold, I will make my words in thy mouth fire, and this people wood, and it shall devour them.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this reason the Lord, the God of armies, has said: Because you have said this, I will make my words in your mouth a fire, and this people wood, and they will be burned up by it.
- Darby Translation (DBY)
- Therefore thus saith Jehovah, the God of hosts: Because ye speak this word, behold, I will make my words in thy mouth fire, and this people wood, and it shall devour them.
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore thus saith the LORD God of hosts, Because ye speak this word, Behold, I will make my words in thy mouth fire, and this people wood, and it shall devour them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Therefore, thus said Jehovah, God of Hosts, Because of your speaking this word, Lo, I am making My words in thy mouth become fire, And this people wood, and it hath devoured them.
Read in context
- 12उन्हों ने यहोवा की बातें झुठलाकर कहा, वह ऐसा नहीं है; विपत्ति हम पर न पड़ेगी, न हम तलवार को और न महंगी को देखेंगे।
- 13भविष्यद्वक्ता हवा हो जाएंगे; उन में ईश्वर का वचन नहीं है। उनके साथ ऐसा ही किया जाएगा!
- 14इस कारण सेनाओं का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, ये लोग जो ऐसा कहते हैं, इसलिये देख, मैं अपना वचन तेरे मुंह में आग, और इस प्रजा को काठ बनाऊंगा, और वह उनको भस्म करेगी।
- 15यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, देख, मैं तुम्हारे विरूद्ध दूर से ऐसी जाति को चढ़ा लाऊंगा जो सामथ और प्राचीन है, उसकी भाषा तुम न समझोगे, और न यह जानोगे कि वे लोग क्या कह रहे हैं।
- 16उनका तर्कश खुली क़ब्र है और वे सब के सब शूरवीर हैं।
Cross references
- Jeremiah 23:29 यिर्मयाह 23:29यहोवा की यह भी वाणी है कि क्या मेरा वचन आग सा नहीं है? फिर क्या वह ऐसा हथौड़ा नहीं जो पत्थर को फोड़ डाले?
- Jeremiah 1:9 यिर्मयाह 1:9तब यहोवा ने हाथ बढ़ाकर मेरे मुंह को छुआ; और यहोवा ने मुझ से कहा, देख, मैं ने अपने वचन तेरे मुंह में डाल दिये हैं।
- Hosea 6:5 होशे 6:5इस कारण मैं ने भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा मानो उन पर कुल्हाड़ी चलाकर उन्हें काट डाला, और अपने वचनों से उनको घात किया, और मेरा न्याय प्रकाशा के समान चमकता है।
- Revelation 11:5–6 प्रकाशितवाक्य 11:5–6और यदि कोई उन को हानि पहुंचाना चाहता है, तो उन के मुंह से आग निकलकर उन के बैरियों को भस्म करती है, और यदि कोई उन को हानि पहुंचाना चाहेगा, तो अवश्य इसी रीति से मार डाला जाएगा। इन्हें अधिकार है, कि आकाश को बन्द करें, कि उन की भविष्यद्ववाणी के दिनों में मेंह न बरसे, और उन्हें सब पानी पर अधिकार है, कि उसे लोहू बनाएं, और जब जब चाहें तब तब पृथ्वी पर हर प्रकार की आपत्ति लाएं।
- Zechariah 1:6 जकर्याह 1:6परन्तु मेरे वचन और मेरी आज्ञाएं जिन को मैं ने अपने दास नबियों को दिया था, क्या वे तुम्हारे पुरखाओं पर पूरी न हुई? तब उन्हों ने मन फिराया और कहा, सेनाओं के यहोवा ने हमारे चालचलन और कामों के अनुसार हम से जैसा व्यवहार करने को कहा था, वैसा ही उस ने हम को बदला दिया है।।
- Jeremiah 28:15–17 यिर्मयाह 28:15–17और यिर्मयाह नबी ने हनन्याह नबी से यह भी कहा, हे हनन्याह, देख यहोवा ने तुझे नहीं भेजा, तू ने इन लोगों को झूठी आशा दिलाई है। इसलिये यहोवा तुझ से यों कहता है, कि देख, मैं तुझ को पृथ्वी के ऊपर से उठा दूंगा, इसी वर्ष में तू मरेगा; क्योंकि तू ने यहोवा की ओर से फिरने की बातें कही हैं। इस वचन के अनुसार हनन्याह उसी वर्ष के सातवें महीने में मर गया।
- 2 Kings 1:10–14 2 राजा 1:10–14एलिरयाह ने उस पचास सिपाहियों के प्रधान से कहा, यदि मैं परमेश्वर का भक्त हूँ तो आकाश से आग गिरकर तुझे तेरे पचासों समेत भस्म कर डाले। तब आकाश से आग उतरी और उसे उसके पचासों समेत भस्म कर दिया। फिर राजा ने उसके पास पचास सिपाहियों के एक और प्रधान को, पचासों सिपाहियों समेत भेज दिया। प्रधान ने उस से कहा हे परमेश्वर के भक्त राजा ने कहा है, कि फुत से तू उतर आ। एलिरयाह ने उत्तर देकर उन से कहा, यदि मैं परमेश्वर का भक्त हूँ तो आकाश से आग गिरकर तुझे, तेरे पचासों समेत भस्म कर डाले; तब आकाश से परमेश्वर की आग उतरी और उसे उसके पचासों समेत भस्म कर दिया। फिर राजा ने तीसरी बार पचास सिपाहियों के एक और प्रधान को, पचासों सिपाहियों समेत भेज दिया, और पचास का वह तीसरा प्रधान चढ़कर, एलिरयाह के साम्हने घुटनों के बल गिरा, और गिड़गिड़ा कर उस से कहने लगा, हे परमेश्वर के भक्त मेरा प्राण और तेरे इन पचास दासों के प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरें। पचास पचास सिपाहियों के जो दो प्रधान अपने अपने पचासों समेत पहिले आए थे, उनको तो आग ने आकाश से गिरकर भस्म कर डाला, परन्तु अब मेरा प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरे।