Jeremiah · chapter 6 · verse 20
Jeremiah 6:20 in Hindi
मेरे लिये जो लोबान शबा से, और सुगन्धित नरकट जो दूर देश से आता है, इसका क्या प्रयोजन है? तुम्हारे होमबलियों से मैं प्रसन्न नहीं हूँ, और न तुम्हारे मेलबलि मुझे मीठे लगते हैं।
Mere liye jo lobaan shabaa se, aur sugandhit narakat jo door desh se aataa hai, isakaa kyaa prayojan hai? Tumhaare homabaliyom se maim prasann naheem hoon, aur na tumhaare melabali mujhe meethe lagate hain.
Jeremiah 6:20 in English
- King James Version (KJV)
- To what purpose cometh there to me incense from Sheba, and the sweet cane from a far country? your burnt offerings [are] not acceptable, nor your sacrifices sweet unto me.
- World English Bible (WEB)
- To what purpose does frankincense from Sheba come to me, and the sweet cane from a far country? Your burnt offerings are not acceptable, and your sacrifices are not pleasing to me.”
- American Standard Version (ASV)
- To what purpose cometh there to me frankincense from Sheba, and the sweet cane from a far country? your burnt-offerings are not acceptable, nor your sacrifices pleasing unto me.
- Bible in Basic English (BBE)
- To what purpose does sweet perfume come to me from Sheba, and spices from a far country? your burned offerings give me no pleasure, your offerings of beasts are not pleasing to me.
- Darby Translation (DBY)
- To what purpose should there come to me incense from Sheba, and the sweet cane from a far country? Your burnt-offerings are not acceptable, nor are your sacrifices pleasing unto me.
- Webster's Bible (WBS)
- To what purpose cometh there to me incense from Sheba, and the sweet cane from a distant country? your burnt-offerings [are] not acceptable, nor your sacrifices sweet to me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Why [is] this to Me? frankincense from Sheba cometh, And the sweet cane from a land afar off, Your burnt-offerings [are] not for acceptance, And your sacrifices have not been sweet to Me.
Read in context
- 18इसलिये, हे जातियो, सुनो, और हे मण्डली, देख, कि इन लोगों में क्या हो रहा है।
- 19हे पृथ्वी, सुन; देख, कि मैं इस जाति पर वह विपत्ति ले आऊंगा जो उनकी कल्पनाओं का फल है, क्योंकि इन्हों ने मेरे वचनों पर ध्यान नहीं लगाया, और मेरी शिक्षा को इन्हों ने निकम्मी जाना है।
- 20मेरे लिये जो लोबान शबा से, और सुगन्धित नरकट जो दूर देश से आता है, इसका क्या प्रयोजन है? तुम्हारे होमबलियों से मैं प्रसन्न नहीं हूँ, और न तुम्हारे मेलबलि मुझे मीठे लगते हैं।
- 21इस कारण यहोवा ने यों कहा है, देखो, मैं इस प्रजा के आगे ठोकर खाऊंगा, और बाप और बेटा, पड़ोसी और मित्रा, सब के सब ठोकर खाकर नाश होंगे।
- 22यहोवा यों कहता है, देखो, उत्तर से वरन पृथ्वी की छोर से एक बड़ी जाति के लोग इस देश के विरोध में उभारे जाएंगे।
Cross references
- Isaiah 1:11 यशायाह 1:11यहोवा यह कहता है, तुम्हारे बहुत से मेलबलि मेरे किस काम के हैं? मैं तो मेढ़ों के होमबलियों से और पाले हुए पशुओं की चर्बी से अघा गया हूं;
- Amos 5:21–22 आमोस 5:21–22मैं तुम्हारे पर्वों से बैर रखता, और उन्हें निकम्मा जानता हूं, और तुम्हारी महासभाओं से मैं प्रसन्न नहीं। चाहे तुम मेरे लिये होमबलि और अन्नबलि चढ़ाओ, तौभी मैं प्रसन्न न हूंगा, और तुम्हारे पाले हुए पशुओं के मेलबलियों की ओर न ताकूंगा।
- Micah 6:6–8 मीका 6:6–8मैं क्या लेकर यहोवा के सम्मुख आऊं, और ऊपर रहनेवाले परमेश्वर के साम्हने झुकूं? क्या मैं होमबलि के लिये एक एक वर्ष के बछड़े लेकर उसके सम्मुख आऊं? क्या यहोवा हजारों मेढ़ों से, वा तेल की लाखों नदियों से प्रसन्न होगा? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहिलौठे को वा अपने पाप के बदले में अपने जन्माए हुए किसी को दूं? हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?
- Psalm 40:6 भजन संहिता 40:6मेलबलि और अन्नबलि से तू प्रसन्न नहीं होता तू ने मेरे कान खोदकर खोले हैं। होमबलि और पापबलि तू ने नहीं चाहा।
- Isaiah 60:6 यशायाह 60:6तेरे देश में ऊंटों के झुण्ड और मिद्यान और एपादेशों की साड़नियां इकट्ठी होंगी; शिबा के सब लोग आकर सोना और लोबान भेंट लाएंगे और यहोवा का गुणानुवाद आनन्द से सुनाएंगे।
- Exodus 30:23 निर्गमन 30:23तू मुख्य मुख्य सुगन्ध द्रव्य, अर्थात पवित्रस्थान के शेकेल के अनुसार पांच सौ शेकेल अपने आप निकला हुआ गन्धरस, और उसका आधा, अर्थात अढ़ाई सौ शेकेल सुगन्धित अगर,
- Jeremiah 7:21–23 यिर्मयाह 7:21–23सेनाओं का यहोवा जो इस्राएल का परमेश्वर है, यों कहता है, अपने मेलबलियों के साथ अपने होमबलि भी चढ़ाओ और मांस खाओ। क्योंकि जिस समय मैं ने तुम्हारे पूर्वजों को मिस्र देश में से निकाला, उस समय मैं ने उन्हें होमबलि और मेलबलि के विष्य कुछ आज्ञा न दी थी। परन्तु मैं ने तो उनको यह आज्ञा दी कि मेरे वचन को मानो, तब मैं तुम्हारा परमेश्वर हूंगा, और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे; और जिस मार्ग की मैं तुम्हें आज्ञा दूं उसी में चलो, तब तुम्हारा भला होगा।
- Isaiah 43:23–24 यशायाह 43:23–24मेरे लिये होमबलि करने को तू मेम्ने नहीं लाया और न मेलबलि चढ़ाकर मेरी महिमा की है। देख, मैं ने अन्नबलि चढ़ाने की कठिन सेवा तुझ से नहीं कराई, न तुझ से धूप लेकर तुझे थका दिया है। तू मेरे लिये सुगन्धित नरकट रूपऐ से मोल नहीं लाया और न मेलबलियों की चर्बी से मुझे तृप्त किया। परन्तु तू ने अपने पापों के कारण मुझ पर बोझ लाट दिया है, और अपने अधर्म के कामों से मुझे थका दिया है।।
- Isaiah 66:3 यशायाह 66:3बैल का बलि करने वाला मनुष्य के मार डालने वाले के समान है; जो भेड़ के चढ़ाने वाला है वह उसके समान है जो कुत्ते का गला काटता है; जो अन्नबलि चढ़ाता है वह मानो सूअर का लोहू चढ़ाने वाले के समान है; और, जो लोबान जलाता है, वह उसके समान है जो मूरत को धन्य कहता है। इन सभों ने अपना अपना मार्ग चुन लिया है, और घिनौनी वस्तुओं से उनके मन प्रसन्न हाते हैं।
- Psalm 50:7–13 भजन संहिता 50:7–13हे मेरी प्रजा, सुन, मैं बोलता हूं, और हे इस्राएल, मैं तेरे विषय साक्षी देता हूं। परमेश्वर तेरा परमेश्वर मैं ही हूं। मैं तुझ पर तेरे मेलबलियों के विषय दोष नहीं लगाता, तेरे होमबलि तो नित्य मेरे लिये चढ़ते हैं। मैं न तो तेरे घर से बैल न तेरे पशुशालों से बकरे ले लूंगा। क्योंकि वन के सारे जीवजन्तु और हजारों पहाड़ों के जानवर मेरे ही हैं। पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूं, और मैदान पर चलने फिरनेवाले जानवार मेरे ही हैं।। यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत् और जो कुछ उस में है वह मेरा है। क्या मैं बैल का मांस खाऊं, वा बकरों का लोहू पीऊं?
- Ezekiel 20:39 यहेजकेल 20:39और हे इस्राएल के घराने तुम से तो प्रभु यहोवा यों कहता है कि जाकर अपनी अपनी मूरतों की उपासना करो; और यदि तुम मेरी न सुनोगे, तो आगे को भी यही किया करो; परन्तु मेरे पवित्रा नाम को अपनी भेंटों ओर मूरतों के द्वारा फिर अपवित्रा न करना।
- Ezekiel 27:22 यहेजकेल 27:22शबा और रामा के व्योपारी तेरे व्योपारी ठहरे; उन्होंने उत्तम उत्तम जाति का सब भांति का मसाला, सर्व भांति के मणि, और सोना देकर तेरा माल लिया।