Jeremiah · chapter 6 · verse 19
Jeremiah 6:19 in Hindi
हे पृथ्वी, सुन; देख, कि मैं इस जाति पर वह विपत्ति ले आऊंगा जो उनकी कल्पनाओं का फल है, क्योंकि इन्हों ने मेरे वचनों पर ध्यान नहीं लगाया, और मेरी शिक्षा को इन्हों ने निकम्मी जाना है।
He pruthvee, sun; dekh, ki maim is jaati par vah vipatti le aaoongaa jo unakee kalpanaaom kaa phal hai, kyonki inhom ne mere vachanom par dhyaan naheem lagaayaa, aur meree shikshaa ko inhom ne nikammee jaanaa hai.
Jeremiah 6:19 in English
- King James Version (KJV)
- Hear, O earth: behold, I will bring evil upon this people, [even] the fruit of their thoughts, because they have not hearkened unto my words, nor to my law, but rejected it.
- World English Bible (WEB)
- Hear, earth! Behold, I will bring evil on this people, even the fruit of their thoughts, because they have not listened to my words; and as for my law, they have rejected it.
- American Standard Version (ASV)
- Hear, O earth: behold, I will bring evil upon this people, even the fruit of their thoughts, because they have not hearkened unto my words; and as for my law, they have rejected it.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give ear, O earth: see, I will make evil come on this people, even the fruit of their thoughts, because they have not given attention to my words, and they would have nothing to do with my law.
- Darby Translation (DBY)
- Hear, O earth: behold, I will bring evil upon this people, the fruit of their thoughts; for they have not hearkened unto my words, and as to my law, they have rejected it.
- Webster's Bible (WBS)
- Hear, O earth: behold, I will bring evil upon this people, [even] the fruit of their thoughts, because they have not hearkened to my words, nor to my law, but have rejected it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hear, O earth, lo, I am bringing evil on this people, The fruit of their devices, For to My words they gave no attention, And My law — they kick against it.
Read in context
- 17मैं ने तुम्हारे लिये पहरूए बैठाकर कहा, नरसिंगे का शब्द ध्यान से सुनना! पर उन्हों ने कहा, हम न सुनेंगे।
- 18इसलिये, हे जातियो, सुनो, और हे मण्डली, देख, कि इन लोगों में क्या हो रहा है।
- 19हे पृथ्वी, सुन; देख, कि मैं इस जाति पर वह विपत्ति ले आऊंगा जो उनकी कल्पनाओं का फल है, क्योंकि इन्हों ने मेरे वचनों पर ध्यान नहीं लगाया, और मेरी शिक्षा को इन्हों ने निकम्मी जाना है।
- 20मेरे लिये जो लोबान शबा से, और सुगन्धित नरकट जो दूर देश से आता है, इसका क्या प्रयोजन है? तुम्हारे होमबलियों से मैं प्रसन्न नहीं हूँ, और न तुम्हारे मेलबलि मुझे मीठे लगते हैं।
- 21इस कारण यहोवा ने यों कहा है, देखो, मैं इस प्रजा के आगे ठोकर खाऊंगा, और बाप और बेटा, पड़ोसी और मित्रा, सब के सब ठोकर खाकर नाश होंगे।
Cross references
- Isaiah 1:2 यशायाह 1:2हे स्वर्ग सुन, और हे पृथ्वी कान लगा; क्योंकि यहोवा कहता है: मैं ने बालबच्चों का पालन पोषण किया, और उनको बढ़ाया भी, परन्तु उन्हों ने मुझ से बलवा किया।
- Acts 8:22 प्रेरितों के काम 8:22इसलिये अपनी इस बुराई से मन फिराकर प्रभु से प्रार्थना कर, सम्भव है तेरे मन का विचार क्षमा किया जाए।
- Jeremiah 8:9 यिर्मयाह 8:9बुध्दिमान लज्जित हो गए, वे विस्मित हुए और पकड़े गए; देखो, उन्हों ने यहोवा के वचन को निकम्मा जाना है, उन में बुध्दि कहां रही?
- Jeremiah 17:10 यिर्मयाह 17:10मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल- चलन के अनुसार अर्थात् उसके कामों का फल दूं।
- Jeremiah 6:10 यिर्मयाह 6:10मैं किस से बोलूं और किसको चिताकर कहूं कि वे मानें? देख, ये ऊंचा सुनते हैं, वे ध्यान भी नहीं दे सकते; देख, यहोवा के वचन की वे निन्दा करते और उसे नहीं चाहते हैं।
- Micah 6:2 मीका 6:2हे पहाड़ों, और हे पृथ्वी की अटल नेव, यहोवा का वादविवाद सुनो, क्योंकि यहोवा का अपनी प्रजा के साथ मुक मा है, और वह इस्राएल से वादविवाद करता है।।
- Hosea 4:6 होशे 4:6मेरे ज्ञान के न होने से मेरी प्रजा नाश हो गई; तू ने मेरे ज्ञान को तुच्छ जाना है, इसलिये मैं तुझे अपना याजक रहने के अयोग्य ठहराऊंगा। और इसलिये कि तू ने अपने परमेश्वर की व्यवस्था को तज दिया है, मैं भी तेरे लड़केबालों को छोड़ दूंगा।
- John 12:48 यूहन्ना 12:48जो मुझे तुच्छ जानता है और मेरी बातें ग्रहण नहीं करता है उस को दोषी ठहरानेवाला तो एक है: अर्थात् जो वचन मैं ने कहा है, वह पिछले दिन में उसे दोषी ठहराएगा।
- John 3:19–21 यूहन्ना 3:19–21और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए। परन्तु जो सच्चाई पर चलता हैख् वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।
- Jeremiah 22:29 यिर्मयाह 22:29हे पृथ्वी, पृथ्वी, हे पृथ्वी, यहोवा का वचन सुन!
- Hosea 10:13 होशे 10:13तुम ने दुष्टता के लिये हल जोता और अन्याय का खेत काटा है; और तुम ने धोखे का फल खाया है। और यह इसलिये हुआ क्योंकि तुम ने अपने कुव्यवहार पर, और अपने बहुत से वीरों पर भरोसा रखा था।
- Isaiah 66:18 यशायाह 66:18क्योंकि मैं उनके काम और उनकी कल्पनाएं, दोनों अच्छी रीति से जानता हूं। और वह समय आता है जब मैं सारी जातियों और भिन्न भिन्न भाषा बोलने वालों को इकट्ठा करूंगा; और वे आकर मेरी महिमा देखेंगे।