Job · chapter 12 · verse 3
Job 12:3 in Hindi
परन्तु तुम्हारी नाई मुझ में भी समझ है, मैं तुम लोगों से कुछ तीचा नहीं हूँ कौन ऐसा है जो ऐसी बातें न जानता हो?
Parantu tumhaaree naaee mujh mem bhee samajh hai, maim tum logom se kuchh teechaa naheem hoon kaun aisaa hai jo aisee baatem na jaanataa ho?
Job 12:3 in English
- King James Version (KJV)
- But I have understanding as well as you; I [am] not inferior to you: yea, who knoweth not such things as these?
- World English Bible (WEB)
- But I have understanding as well as you; I am not inferior to you. Yes, who doesn’t know such things as these?
- American Standard Version (ASV)
- But I have understanding as well as you; I am not inferior to you: Yea, who knoweth not such things as these?
- Bible in Basic English (BBE)
- But I have a mind as well as you; I am equal to you: yes, who has not knowledge of such things as these?
- Darby Translation (DBY)
- I also have understanding as well as you; I am not inferior to you; and who knoweth not such things as these?
- Webster's Bible (WBS)
- But I have understanding as well as you; I [am] not inferior to you: yes, who knoweth not such things as these?
- Young's Literal Translation (YLT)
- I also have a heart like you, I am not fallen more than you, And with whom is there not like these?
Read in context
- 1तब अरयूब ने कहा;
- 2निेसन्देह मनुष्य तो तुम ही हो और जब तुम मरोगे तब बुध्दि भी जाती रहेगी।
- 3परन्तु तुम्हारी नाई मुझ में भी समझ है, मैं तुम लोगों से कुछ तीचा नहीं हूँ कौन ऐसा है जो ऐसी बातें न जानता हो?
- 4मैं ईश्वर से प्रार्थना करता था, और वह मेरी सुन दिया करता था; परन्तु अब मेरे पड़ोसी मुझ पर हंसते हैं; जो धम और खरा मनुष्य है, वह हंसी का कारण हो गया है।
- 5दु:खी लोग तो सुखियों की समझ में तुच्छ जाने जाते हैं; और जिनके पांव फिसला चाहते हैं उनका अपमान अवश्य ही होता है।
Cross references
- Job 13:2–5 अय्यूब 13:2–5जो कुछ तुम जानते हो वह मैं भी जानता हूँ; मैं तुम लोगों से कुछ कम नहीं हूँ। मैं तो सर्वशक्तिमान से बातें करूंगा, और मेरी अभिलाषा ईश्वर से वादविवाद करने की है। परन्तु तुम लोग झूठी बात के गढ़नेवाले हो; तुम सबके सब निकम्मे वैद्य हो। भला होता, कि तुम बिलकुल चुप रहते, और इस से तुम बुध्दिमान ठहरते।
- 2 Corinthians 11:21–23 2 कुरिन्थियों 11:21–23मेरा कहता अनादर की रीति पर है, मानो कि हम निर्बल से थे; परन्तु जिस किसी बात में कोई हियाव करता है (मैं मूर्खता से कहता हूं) तो मैं भी हियाव करता हूं। क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही मसीह के सेवक हैं? (मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाते में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में।
- Proverbs 26:4 नीतिवचन 26:4मूर्ख को उसको मूर्खता के अनुसार उत्तर न देना ऐसा न हो कि तू भी उसके तुल्य ठहरे।
- 2 Corinthians 11:5 2 कुरिन्थियों 11:5मैं तो समझता हमं, कि मैं किसी बात में बड़े से बड़े प्रेरितों से कम नहीं हूं।
- Job 6:6–7 अय्यूब 6:6–7जो फीका है वह क्या बिना नमक खाया जाता है? क्या अणडे की सफेदी में भी कुछ स्वाद होता है? जिन वस्तुओं को मैं छूना भी नहीं चाहता वही मानो मेरे लिये घिनौना आहार ठहरी हैं।
- Job 26:2–3 अय्यूब 26:2–3निर्बल जन की तू ने क्या ही बड़ी सहायता की, और जिसकी बांह में सामर्थ्य नहीं, उसको तू ने कैसे सम्भाला है? निर्बुध्दि मनुष्य को तू ने क्या ही अच्छी सम्मति दी, और अपनी खरी बुध्दि कैसी भली भांति प्रगट की है?