Job · chapter 26 · verse 2
Job 26:2 in Hindi
निर्बल जन की तू ने क्या ही बड़ी सहायता की, और जिसकी बांह में सामर्थ्य नहीं, उसको तू ने कैसे सम्भाला है?
Nirbal jan kee too ne kyaa hee badee sahaayataa kee, aur jisakee baanh mem saamarthy naheem, usako too ne kaise sambhaalaa hai?
Job 26:2 in English
- King James Version (KJV)
- How hast thou helped [him that is] without power? [how] savest thou the arm [that hath] no strength?
- World English Bible (WEB)
- “How have you helped him who is without power! How have you saved the arm that has no strength!
- American Standard Version (ASV)
- How hast thou helped him that is without power! How hast thou saved the arm that hath no strength!
- Bible in Basic English (BBE)
- How have you given help to him who has no power! how have you been the salvation of the arm which has no strength!
- Darby Translation (DBY)
- How hast thou helped the powerless; how saved the arm that is without strength!
- Webster's Bible (WBS)
- How hast thou helped [him that is] without power? [how] savest thou the arm [that hath] no strength?
- Young's Literal Translation (YLT)
- What — thou hast helped the powerless, Saved an arm not strong!
Read in context
- 1तब अरयूब ने कहा,
- 2निर्बल जन की तू ने क्या ही बड़ी सहायता की, और जिसकी बांह में सामर्थ्य नहीं, उसको तू ने कैसे सम्भाला है?
- 3निर्बुध्दि मनुष्य को तू ने क्या ही अच्छी सम्मति दी, और अपनी खरी बुध्दि कैसी भली भांति प्रगट की है?
- 4तू ने किसके हित के लिये बातें कही? और किसके मन की बातें तेरे मुंह से निकलीं?
Cross references
- Isaiah 35:3–4 यशायाह 35:3–4ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। घबरानेवालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।।
- Job 4:3–4 अय्यूब 4:3–4सुन, तू ने बहुतों को शिक्षा दी है, और निर्बल लोगों को बलवन्त किया है। गिरते हुओं को तू ने अपनी बातों से सम्भाल लिया, और लड़खड़ाते हुए लोगों को तू ने बलवन्त किया।
- Job 6:25 अय्यूब 6:25सच्चाई के वचनों में कितना प्रभाव होता है, परन्तु तुम्हारे विवाद से क्या लाभ होता है?
- Job 16:4–5 अय्यूब 16:4–5जो तुम्हारी दशा मेरी सी होती, तो मैं भी तुम्हारी सी बातें कर सकता; मैं भी तुम्हारे विरूद्ध बातें जोड़ सकता, और तुम्हारे विरूद्ध सिर हिला सकता। वरन मैं अपने वचनों से तुम को हियाव दिलाता, और बातों से शान्ति देकर तुम्हारा शोक घटा देता।
- Job 6:12 अय्यूब 6:12क्या मेरी दृढ़ता पत्थरों की सी है? क्या मेरा शरीर पीतल का है?
- 1 Kings 18:27 1 राजा 18:27दोपहर को एलिरयाह ने यह कहकर उनका ठट्ठा किया, कि ऊंचे शब्द से पुकारो, वह तो देवता है; वह तो ध्यान लगाए होगा, वा कहीं गया होगा वा यात्रा में होगा, वा हो सकता है कि सोता हो और उसे जगाना चाहिए।
- Isaiah 41:5–7 यशायाह 41:5–7द्वीप देखकर डरते हैं, पृथ्वी के दूर देश कांप उठे और निकट आ गए हैं। वे एक दूसरे की सहायता करते हैं और उन में से एक अपने भाई से कहता है, हियाव बान्ध! बढ़ई सोनार को और हथौड़े से बराबर करनेवाला निहाई पर मारनेवाले को यह कहकर हियाव बन्धा रहा है, जोड़ तो अच्छी है, सो वह कील ठोंक ठोंककर उसको ऐसा दृढ़ करता है कि वह स्थिर रहे।।
- Psalm 71:9 भजन संहिता 71:9बुढ़ापे के समय मेरा त्याग न कर; जब मेरा बल घटे तब मुझ को छोड़ न दे।
- Job 12:2 अय्यूब 12:2निेसन्देह मनुष्य तो तुम ही हो और जब तुम मरोगे तब बुध्दि भी जाती रहेगी।
- Isaiah 40:14 यशायाह 40:14उस ने किस से सम्मति ली और किस ने उसे समझाकर न्याय का पथ बता दिया और ज्ञान सिखाकर बुद्धि का मार्ग जता दिया है?