Job · chapter 35 · verse 15
Job 35:15 in Hindi
परन्तु अभी तो उस ने क्रोध करके दणड नहीं दिया है, और अभिमान पर चित्त बहुत नहीं लगाया;
Parantu abhee to us ne krodh karake danad naheem diyaa hai, aur abhimaan par chitt bahut naheem lagaayaa;
Job 35:15 in English
- King James Version (KJV)
- But now, because [it is] not [so], he hath visited in his anger; yet he knoweth [it] not in great extremity:
- World English Bible (WEB)
- But now, because he has not visited in his anger, neither does he greatly regard arrogance,
- American Standard Version (ASV)
- But now, because he hath not visited in his anger, Neither doth he greatly regard arrogance;
- Bible in Basic English (BBE)
- And now ... ;
- Darby Translation (DBY)
- But now, because he hath not visited in his anger, doth not [Job] know [his] great arrogancy?
- Webster's Bible (WBS)
- But now, because [it is] not [so] , he hath visited in his anger; yet he knoweth [it] not in great extremity:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And, now, because there is not, He hath appointed His anger, And He hath not known in great extremity.
Read in context
- 13निश्चय ईश्वर व्यर्थ बातें कभी नहीं सुनता, और न सर्वशक्तिमान उन पर चित्त लगाता है।
- 14तो तू क्यों कहता है, कि वह मुझे दर्शन नहीं देता, कि यह मुक़ मा उसके साम्हने है, और तू उसकी बाट जोहता हुआ ठहरा है?
- 15परन्तु अभी तो उस ने क्रोध करके दणड नहीं दिया है, और अभिमान पर चित्त बहुत नहीं लगाया;
- 16इस कारण अरयूब व्यर्थ मुंह खोलकर अज्ञानता की बातें बहुत बनाता है।
Cross references
- Psalm 89:32 भजन संहिता 89:32तो मैं उनके अपराध का दण्ड सोंटें से, और उनके अधर्म का दण्ड कोड़ों से दूंगा।
- Job 4:5 अय्यूब 4:5परन्तु अब विपत्ति तो तुझी पर आ पड़ी, और तू निराश हुआ जाता है; उस ने तुझे छुआ और तू घबरा उठा।
- Revelation 3:19 प्रकाशितवाक्य 3:19मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा।
- Hosea 11:8–9 होशे 11:8–9हे एप्रैम, मैं तुझे क्योंकि छोड़ दूं? हे इस्राएल, मैं क्योंकर तुझे शत्रु के वश में कर दूं? मैं क्योंकर तुझे अदमा की नाई छोड़ दूं, और सबोयीम के समान कर दूं? मेरा हृदय तो उलट पुलट हो गया, मेरा मन स्नेह के मारे पिघल गया है। मैं अपने क्रोध को भड़कने न दूंगा, और न मैं फिर एप्रैम को नाश करूंगा; क्योंकि मैं मनुष्य नहीं परमेश्वर हूं, मैं तेरे बीच में रहनेवाला पवित्रा हूं; मैं क्रोध करके न आऊंगा।।
- Job 13:15 अय्यूब 13:15वह मुझे घात करेगा, मुझे कुछ आशा नहीं; तौभी मैं अपनी चाल चलन का पक्ष लूंगा।
- Luke 1:20 लूका 1:20और देख जिस दिन तक ये बातें पूरी न हो लें, उस दिन तक तू मौन रहेगा, और बोल न सकेगा, इसलिये कि तू ने मेरी बातों की जो अपने समय पर पूरी होंगी, प्रतीति न की।
- Job 30:15–31 अय्यूब 30:15–31मुझ में घबराहट छा गई है, और मेरा रईसपन मानो वायु से उड़ाया गया है, और मेरा कुशल बादल की नाईं जाता रहा। और अब मैं शोकसागर में डूबा जाता हूँ; दु:ख के दिनों ने मुझे जकड़ लिया है। रात को मेरी हड्डियां मेरे अन्दर छिद जाती हैं और मेरी नसोंमें चैन नहीं पड़ती मेरी बीमारी की बहुतायत से मेरे वस्त्र का रूप बदल गया है; वह मेरे कुर्ते के गले की नाईं मुझ से लिपटी हुई है। उसने मुझ को कीचड़ में फेंक दिया है, और मैं मिट्टी और राख के तुल्य हो गया हूँ। मैं तेरी दोहाई देता हूँ, परन्तु तू नहीं सुनता; मैं खड़ा होता हूँ परन्तु तू मेरी ओर घूरने लगता है। तू बदलकर मुझ पर कठोर हो गया है; और अपने बली हाथ से मुझे सताता है। तू मुझे वायु पर सवार कर के उड़ाता है, और आंधी के पानी में मुझे गला देता है। हां, मुझे निश्चय है, कि तू मुझे मृत्यु के वश में कर देगा, और उस घर में पहुंचाएगा, जो सब जीवित प्राणियों के लिये ठहराया गया है। तौभी क्या कोई गिरते समय हाथ न बढ़ाएगा? और क्या कोई विपत्ति के समय दोहाई न देगा? क्या मैं उसके लिये रोता नहीं था, जिसके दुदिर्न आते थे? और क्या दरिद्र जन के कारण मैं प्राण में दुखित न होता था? जब मैं कुशल का मार्ग जोहता था, तब विपत्ति आ पड़ी; और जब मैं उजियाले का आसरा लगाए था, तब अन्धकार छा गया। मेरी अन्तडिय़ां निरन्तर उबलती रहती हैं और आराम नहीं पातीं; मेरे दु:ख के दिन आ गए हैं। मैं शोक का पहिरावा पहिने हुए मानो बिना सूर्य की गमीं के काला हो गया हूँ। और सभा में खड़ा हो कर सहायता के लिये दोहाई देता हूँ। मैं गीदड़ों का भाई और शुतुर्मुर्गों का संगी हो गया हूँ। मेरा चमड़ा काला हो कर मुझ पर से गिरता जाता है, और तप के मारे मेरी हड्डियां जल गई हैं। इस कारण मेरी वीणा से विलाप और मेरी बांसुरी से रोने की ध्वनि निकलती है।
- Job 9:14 अय्यूब 9:14फिर मैं क्या हूं, जो उसे उत्तर दूं, और बातें छांट छांटकर उस से विवाद करूं?
- Psalm 88:11–16 भजन संहिता 88:11–16क्या कबर में तेरी करूणा का, और विनाश की दशा में तेरी सच्चाई का वर्णन किया जाएगा? क्या तेरे अदभुत् काम अन्धकार में, वा तेरा धर्म विश्वासघात की दशा में जाना जाएगा? परन्तु हे यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी है; और भोर को मेरी प्रार्थना तुझ तक पहुंचेगी। हे यहोवा, तू मुझ को क्यों छोड़ता है? तू अपना मुख मुझ से क्यों छिपाता रहता है? मैं बचपन ही से दु:खी वरन अधमुआ हूं, तुझ से भय खाते मैं अति व्याकुल हो गया हूं। तेरा क्रोध मुझ पर पड़ा है; उस भय से मैं मिट गया हूं।
- Numbers 20:12 गिनती 20:12परन्तु मूसा और हारून से यहोवा ने कहा, तुम ने जो मुझ पर विश्वास नहीं किया, और मुझे इस्त्राएलियों की दृष्टि में पवित्रा नहीं ठहराया, इसलिये तुम इस मण्डली को उस देश में पहुंचाने न पाओगे जिसे मैं ने उन्हें दिया है।
- Hebrews 12:11–12 इब्रानियों 12:11–12और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तौभी जो उस को सहते सहते पक्के हो गए हैं, पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है। इसलिये ढीले हाथों और निर्बल घुटनों को सीधे करो।