Job · chapter 4 · verse 2
Job 4:2 in Hindi
यदि कोई तुझ से कुछ कहने लगे, तो क्या तुझे बुरा लगेगा? परन्तु बोले बिना कौन रह सकता है?
Yadi koee tujh se kuchh kahane lage, to kyaa tujhe buraa lagegaa? Parantu bole binaa kaun rah sakataa hai?
Job 4:2 in English
- King James Version (KJV)
- [If] we assay to commune with thee, wilt thou be grieved? but who can withhold himself from speaking?
- World English Bible (WEB)
- “If someone ventures to talk with you, will you be grieved? But who can withhold himself from speaking?
- American Standard Version (ASV)
- If one assay to commune with thee, wilt thou be grieved? But who can withhold himself from speaking?
- Bible in Basic English (BBE)
- If one says a word, will it be a weariness to you? but who is able to keep from saying what is in his mind?
- Darby Translation (DBY)
- If a word were essayed to thee, wouldest thou be grieved? But who can refrain from speaking?
- Webster's Bible (WBS)
- [If] we essay to commune with thee, wilt thou be grieved? but who can refrain from speaking?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hath one tried a word with thee? — Thou art weary! And to keep in words who is able?
Read in context
- 1तब तेमानी एलीपज ने कहा,
- 2यदि कोई तुझ से कुछ कहने लगे, तो क्या तुझे बुरा लगेगा? परन्तु बोले बिना कौन रह सकता है?
- 3सुन, तू ने बहुतों को शिक्षा दी है, और निर्बल लोगों को बलवन्त किया है।
- 4गिरते हुओं को तू ने अपनी बातों से सम्भाल लिया, और लड़खड़ाते हुए लोगों को तू ने बलवन्त किया।
Cross references
- Job 32:18–20 अय्यूब 32:18–20क्योंकि मेरे मन में बातें भरी हैं, और मेरी आत्मा मुझे उभार रही है। मेरा मन उस दाखमधु के समान है, जो खोला न गया हो; वह नई कुप्पियों की नाई फटा चाहता है। शान्ति पाने के लिये मैं बोलूंगा; मैं मुंह खोलकर उत्तर दूंगा।
- Acts 4:20 प्रेरितों के काम 4:20क्योंकि यह तो हम में हो नहीं सकता, कि जो हम ने देखा और सुना है, वह न कहें।
- Jeremiah 6:11 यिर्मयाह 6:11इस कारण यहोवा का कोप मेरे मन में भर गया हे; मैं उसे रोकते रोकते उकता गया हूँ। बाज़ारों में बच्चों पर और जवानों की सभा में भी उसे उंडेल दे; क्योंकि पति अपनी पत्नी के साथ और अधेड़ बूढ़े के साथ पकड़ा जाएगा।
- Jeremiah 20:9 यिर्मयाह 20:9यदि मैं कहूं, मैं उसकी चर्चा न करूंगा न उसके नाम से बोलूंगा, तो मेरे हृदय की ऐसी दशा होगी मानो मेरी हडि्डयों में धधकती हुई आग हो, और मैं अपने को रोकते रोकते थक गया पर मुझ से रहा नहीं जाता।
- 2 Corinthians 7:8–10 2 कुरिन्थियों 7:8–10क्योकि यद्यपि मैं ने अपनी पत्री से तुम्हें शोकित किया, परन्तु उस से पछताता नहीं जैसा कि पहिले पछताता था क्योंकि मैं देखता हूं, कि उस पत्री से तुम्हें शोक तो हुआ परन्तु वह थोड़ी देर के लिये था। अब मैं आनन्दित हूं पर इसलिये नहीं कि तुम को शोक पहुंचा बरन इसलिये कि तुम ने उस शोक के कारण मन फिराया, क्योंकि तुम्हारा शोक परमेश्वर की इच्छा के अनुसार था, कि हमारी ओर से तुम्हें किसी बात में हानि न पहुंचे। क्योंकि परमेश्वर- भक्ति का शोक ऐसा पश्चाताप उत्पन्न करता है जिस का परिणाम उद्धार है और फिर उस से पछताना नहीं पड़ता: परन्तु संसारी शोक मृत्यु उत्पन्न करता है।
- 2 Corinthians 2:4–6 2 कुरिन्थियों 2:4–6बड़े क्लेश, और मन के कष्ट से, मैं ने बहुत से आंसु बहा बहाकर तुम्हें लिखा, इसलिये नहीं, कि तुम उदास हो, परन्तु इसलिये कि तुम उस बड़े प्रेम को जान लो, जो मुझे तुम से है।। और यदि किसी ने उदास किया है, तो मुझे ही नहीं बरन (कि उसके साथ बहुत कड़ाई न करूं) कुछ कुछ तुम सब को भी उदास किया है। ऐसे जन के लिये यह दण्ड जो भाइयों में से बहुतों ने दिया, बहुत है।