Psalms · chapter 32 · verse 2
Psalm 32:2 in Hindi
क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।।
Kyaa hee dhany hai vah manushy jisake adharm kaa yahovaa lekhaa na le, aur jisakee aatmaa mem kapat na ho..
Psalm 32:2 in English
- King James Version (KJV)
- Blessed [is] the man unto whom the LORD imputeth not iniquity, and in whose spirit [there is] no guile.
- World English Bible (WEB)
- Blessed is the man to whom the LORD doesn’t impute iniquity, in whose spirit there is no deceit.
- American Standard Version (ASV)
- Blessed is the man unto whom Jehovah imputeth not iniquity, And in whose spirit there is no guile.
- Bible in Basic English (BBE)
- Happy is the man in whom the Lord sees no evil, and in whose spirit there is no deceit.
- Darby Translation (DBY)
- Blessed is the man unto whom Jehovah reckoneth not iniquity, and in whose spirit there is no guile!
- Webster's Bible (WBS)
- Blessed [is] the man to whom the LORD imputeth not iniquity, and in whose spirit [there is] no guile.
- Young's Literal Translation (YLT)
- O the happiness of a man, To whom Jehovah imputeth not iniquity, And in whose spirit there is no deceit.
Read in context
- 1क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ापा गया हो।
- 2क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।।
- 3जब मैं चुप रहा तक दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई।
- 4क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई।।
Cross references
- John 1:47 यूहन्ना 1:47यीशु ने नतनएल को अपनी ओर आते देखकर उसके विषय में कहा, देखो, यह सचमुच इस्त्राएली है: इस में कपट नहीं।
- Revelation 14:5 प्रकाशितवाक्य 14:5और उन के मुंह से कभी झूठ न निकला था, वे निर्दोष हैं।।
- 2 Corinthians 5:19–21 2 कुरिन्थियों 5:19–21अर्थात् परमेश्वर ने मसीह में होकर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उस ने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।। सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।।
- 1 Peter 2:1–2 1 पतरस 2:1–2इसलिये सब प्रकार का बैरभाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके। नये जन्में हुए बच्चों की नाई निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।
- Leviticus 17:4 लैव्यव्यवस्था 17:4मिलापवाले तम्बू के द्वार पर, यहोवा के निवास के साम्हने यहोवा को चढ़ाने के निमित्त न ले जाए, तो उस मनुष्य को लोहू बहाने का दोष लगेगा; और वह मनुष्य जो लोहू बहाने वाला ठहरेगा, वह अपने लोगों के बीच से नाश किया जाए।
- 2 Corinthians 1:12 2 कुरिन्थियों 1:12क्योंकि हम अपने विवेक की इस गवाही पर घमण्ड करते हैं, कि जगत में और विशेष करके तुम्हारे बीच हमारा चरित्रा परमेश्वर के योग्य ऐसी पवित्राता और सच्चाई सहित था, जो शारीरिक ज्ञान से नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह के साथ था।
- Romans 5:13 रोमियों 5:13क्योंकि व्यवस्था के दिए जाने तक पाप जगत में तो था, परन्तु जहां व्यवस्था नहीं, वहां पाप गिना नहीं जाता।