John · chapter 12 · verse 43
John 12:43 in Hindi
क्योंकि मनुष्यों की प्रशंसा उन को परमेश्वर की प्रशंसा से अधिक प्रिय लगती थी।।
Kyonki manushyom kee prashansaa un ko parameshvar kee prashansaa se adhik priy lagatee thee..
John 12:43 in English
- King James Version (KJV)
- For they loved the praise of men more than the praise of God.
- World English Bible (WEB)
- for they loved men’s praise more than God’s praise.
- American Standard Version (ASV)
- for they loved the glory [that is] of men more than the glory [that is] of God.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the praise of men was dearer to them than the approval of God.
- Darby Translation (DBY)
- for they loved glory from men rather than glory from God.
- Webster's Bible (WBS)
- For they loved the praise of men more than the praise of God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for they loved the glory of men more than the glory of God.
Read in context
- 41यशायाह ने ये बातें इसलिये कहीं, कि उस ने उस की महिमा देखी; और उस ने उसके विषय में बातें की।
- 42तौभी सरदारों में से भी बहुतों ने उस पर विश्वास किया, परन्तु फरीसियों के कारण प्रगट में नहीं मानते थे, ऐसा न हो कि आराधनालय में से निकाले जाएं।
- 43क्योंकि मनुष्यों की प्रशंसा उन को परमेश्वर की प्रशंसा से अधिक प्रिय लगती थी।।
- 44यीशु ने पुकारकर कहा, जो मुझ पर विश्वास करता है, वह मुझ पर नहीं, बरन मेरे भेजनेवाले पर विश्वास करता है।
- 45और जो मुझे देखता है, वह मेरे भेजनेवाले को देखता है।
Cross references
- John 5:44 यूहन्ना 5:44तुम जो एक दूसरे से आदर चाहते हो और वह आदर जो अद्वैत परमेश्वर की ओर से है, नहीं चाहते, किसी प्रकार विश्वास कर सकते हो?
- Matthew 23:5–7 मत्ती 23:5–7वे अपने सब काम लोगों को दिखाने के लिये करते हैं: वे अपने तावीजों को चौड़े करते, और अपने वस्त्रों की कोरें बढ़ाते हैं। जेवनारों में मुख्य मुख्य जगहें, और सभा में मुख्य मुख्य आसन। और बाजारों में नमस्कार और मनुष्य में रब्बी कहलाना उन्हें भाता है।
- John 5:41 यूहन्ना 5:41मैं मनुष्यों से आदर नहीं चाहता।
- Luke 16:15 लूका 16:15उस ने उन से कहा; तुम तो मनुष्यों के साम्हने अपने आप को धर्मी ठहराते हो: परन्तु परमेश्वर तुम्हारे मन को जानता है, क्योंकि जो वस्तु मनुष्यों की दृष्टि में महान है, वह परमेश्वर के निकट घृणित है।
- 2 Corinthians 10:18 2 कुरिन्थियों 10:18क्योंकि जो अपनी बड़ाई करता है, वह नहीं, परन्तु जिस की बड़ाई प्रभु करता है, वही ग्रहण किया जाता है।।
- 1 Thessalonians 2:6 1 थिस्सलुनीकियों 2:6और यद्यपि हम मसीह के प्रेरित होने के कारण तुम पर बोझ डाल सकते थे, तौभी हम मनुष्यों से आदर नहीं चाहते थे, और न तुम से, न और किसी से।
- Luke 19:17 लूका 19:17उस ने उस से कहा; धन्य हे उत्तम दास, तुझे धन्य है, तू बहुत ही थोड़े में विश्वासी निकला अब दस नगरों का अधिकार रख।
- 1 Samuel 2:30 1 शमूएल 2:30इसलिये इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, कि मैं ने कहा तो था, कि तेरा घराना और तेरे मूलपुरूष का घराना मेरे साम्हने सदैव चला करेगा; परन्तु अब यहोवा की वाणी यह है, कि यह बात मुझ से दूर हो; क्योंकि जो मेरा आदर करें मैं उनका आदर करूंगा, और जो मुझे तुच्छ जानें वे छोटे समझे जाएंगे।
- Matthew 6:2 मत्ती 6:2इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके।
- John 12:26 यूहन्ना 12:26यदि कोई मेरी सेवा करे, तो मेरे पीछे हो ले; और जहां मैं हूं वहां मेरा सेवक भी होगा; यदि कोई मेरी सेवा करे, तो पिता उसका आदर करेगा।
- 1 Peter 1:7–8 1 पतरस 1:7–8और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
- 1 Peter 3:4 1 पतरस 3:4बरन तुम्हारा छिपा हुआ और गुप्त मनुष्यत्व, नम्रता और मन की दीनता की अविनाशी सजावट से सुसज्जित रहे, क्योंकि परमेश्वर की दृष्टि में इसका मूल्य बड़ा है।