1 Thessalonians · chapter 2 · verse 6
1 Thessalonians 2:6 in Hindi
और यद्यपि हम मसीह के प्रेरित होने के कारण तुम पर बोझ डाल सकते थे, तौभी हम मनुष्यों से आदर नहीं चाहते थे, और न तुम से, न और किसी से।
Aur yadyapi ham maseeh ke prerit hone ke kaaran tum par bojh daal sakate the, taubhee ham manushyom se aadar naheem chaahate the, aur na tum se, na aur kisee se.
1 Thessalonians 2:6 in English
- King James Version (KJV)
- Nor of men sought we glory, neither of you, nor [yet] of others, when we might have been burdensome, as the apostles of Christ.
- World English Bible (WEB)
- nor seeking glory from men (neither from you nor from others), when we might have claimed authority as apostles of Christ.
- American Standard Version (ASV)
- nor seeking glory of men, neither from you nor from others, when we might have claimed authority as apostles of Christ.
- Bible in Basic English (BBE)
- Or looking for glory from men, from you or from others, when we might have made ourselves a care to you as Apostles of Christ.
- Darby Translation (DBY)
- nor seeking glory from men, neither from you nor from others, when we might have been a charge as Christ's apostles;
- Webster's Bible (WBS)
- Nor from men sought we glory, neither from you, nor [yet] from others, when we might have been burdensome, as the apostles of Christ.
- Young's Literal Translation (YLT)
- nor seeking of men glory, neither from you nor from others, being able to be burdensome, as Christ's apostles.
Read in context
- 4पर जैसा परमेश्वर ने हमें योग्य ठहराकर सुसमाचार सौंपा, हम वैसा ही वर्णन करते हैं; और इस में मनुष्यों को नहीं, परन्तु परमेश्वर को, जो हमारे मनों को जांचता है, प्रसन्न करते हैं।
- 5क्योंकि तुम जानते हो, कि हम न तो कभी लल्लोपत्तो की बातें किया करते थे, और न लोभ के लिये बहाना करते थे, परमेश्वर गवाह है।
- 6और यद्यपि हम मसीह के प्रेरित होने के कारण तुम पर बोझ डाल सकते थे, तौभी हम मनुष्यों से आदर नहीं चाहते थे, और न तुम से, न और किसी से।
- 7परन्तु जिस तरह माता अपने बालकों का पालन- पोषण करती है, वैसे ही हम ने भी तुम्हारे बीच में रहकर कोमलता दिखाई है।
- 8और वैसे ही हम तुम्हारी लालसा करते हुए, न केवल परमेश्वर को सुसमाचार, पर अपना अपना प्राण भी तुम्हें देने को तैयार थे, इसलिये कि तुम हमारे प्यारे हो गए थे।
Cross references
- Galatians 1:10 गलातियों 1:10यदि मैं अब तक मनुष्यों को प्रसन्न करता रहता, तो मसीह का दास न होता।।
- John 5:44 यूहन्ना 5:44तुम जो एक दूसरे से आदर चाहते हो और वह आदर जो अद्वैत परमेश्वर की ओर से है, नहीं चाहते, किसी प्रकार विश्वास कर सकते हो?
- John 5:41 यूहन्ना 5:41मैं मनुष्यों से आदर नहीं चाहता।
- 1 Thessalonians 2:9 1 थिस्सलुनीकियों 2:9क्योंकि, हे भाइयों, तुम हमारे परिश्रम और कष्ट को स्मरण रखते हो, कि हम ने इसलिये रात दिन काम अन्धा करते हुए तुम में परमेश्वर का सुसमाचार प्रचार किया, कि तुम में से किसी पर भार न हों।
- Philemon 1:8–9 फिलेमोन 1:8–9इसलिये यद्यपि मुझे मसीह में बड़ा हियाव तो है, कि जो बात ठीक है, उस की आज्ञा तुझे दूं। तौभी मुझ बूढ़े पौलुस को जो अब मसीह यीशु के लिये कैदी हूं, यह और भी भला जान पड़ा कि प्रेम से बिनती करूं।
- 2 Corinthians 13:10 2 कुरिन्थियों 13:10इस कारण मैं तुम्हारे पीठ पीछे ये बातें लिखता हूं, कि उपस्थित होकर मुझे उस अधिकार के अनुसार जिसे प्रभु ने बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये मुझे दिया है, कढ़ाई से कुछ करना न पडे।।
- 2 Corinthians 10:1–2 2 कुरिन्थियों 10:1–2मैं वही पौलुस जो तुम्हारे साम्हने दीन हूं, परन्तु पीठ पीछे तुम्हारी ओर साहस करता हूं; तुम को मसीह की नम्रता, और कोमलता के कारण समझाता हूं। मैं यह बिनती करता हूं, कि तुम्हारे साम्हने मुझे निर्भय होकर साहस करना न पड़े; जैसा मैं कितनों पर जो हम को शरीर के अनुसार चलनेवाले समझते हैं, वीरता दिखाने का विचार करता हूं।
- Galatians 5:26 गलातियों 5:26हम घमण्डी होकर न एक दूसरे को छेड़ें, और न ऐ दूसरे से डाह करें।
- 1 Timothy 5:17 1 तीमुथियुस 5:17जो प्राचीन अच्छा प्रबन्ध करते हैं, विशेष करके वे जो वचन सुनाने और सिखाने में परिश्रम करते हैं, दो गुने आदर के योग्य समझे जाएं।
- John 7:18 यूहन्ना 7:18जो अपनी ओर से कुछ कहता है, वह अपनी ही बढ़ाई चाहता है; परन्तु जो अपने भेजनेवाले की बड़ाई चाहता है वही सच्चा है, और उस में अधर्म नहीं।
- 2 Corinthians 4:5 2 कुरिन्थियों 4:5क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं।
- Daniel 4:30 दानिय्येल 4:30क्या यह बड़ा बाबुल नहीं है, जिसे मैं ही ने अपने बल और सामर्थ से राजनिवास होने को और अपने प्रताप की बड़ाई के लिये बसाया है?
Original words (Greek)
- Nor · G3777οὔτε oúte
- of · G1537ἐκ ek
- men · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- we · G2212ζητέω zētéō
- glory · G1391δόξα dóxa
- neither · G3777οὔτε oúte
- of · G575ἀπό apó
- you · G5216ὑμῶν hymōn
- nor · G3777οὔτε oúte
- of · G575ἀπό apó
- others · G243ἄλλος állos
- might · G1410δύναμαι dýnamai
- been · G1511εἶναι eînai
- burden · G922βάρος báros
- some · G1722ἐν en
- as · G5613ὡς hōs
- apostles · G652ἀπόστολος apóstolos
- Christ · G5547Χριστός Christós