Luke · chapter 13 · verse 7
Luke 13:7 in Hindi
तब उस ने बारी के रखवाले से कहा, देख तीन वर्ष से मैं इस अंजीर के पेड़ में फल ढूंढ़ने आता हूं, परन्तु नहीं पाता, इसे काट डाल कि यह भूमि को भी क्यों रोके रहे।
Tab us ne baaree ke rakhavaale se kahaa, dekh teen varsh se maim is anjeer ke ped mem phal dhoondhane aataa hoom, parantu naheem paataa, ise kaat daal ki yah bhoomi ko bhee kyom roke rahe.
Luke 13:7 in English
- King James Version (KJV)
- Then said he unto the dresser of his vineyard, Behold, these three years I come seeking fruit on this fig tree, and find none: cut it down; why cumbereth it the ground?
- World English Bible (WEB)
- He said to the vine dresser, ‘Behold, these three years I have come looking for fruit on this fig tree, and found none. Cut it down! Why does it waste the soil?’
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto the vinedresser, Behold, these three years I come seeking fruit on this fig tree, and find none: cut it down; why doth it also cumber the ground?
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to the gardener, See, for three years I have been looking for fruit from this tree, and I have not had any: let it be cut down; why is it taking up space?
- Darby Translation (DBY)
- And he said to the vinedresser, Behold, [these] three years I come seeking fruit on this fig-tree and find none: cut it down; why does it also render the ground useless?
- Webster's Bible (WBS)
- Then said he to the dresser of his vineyard, Behold, these three years I come seeking fruit on this fig-tree, and find none: cut it down; why cumbereth it the ground?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he said unto the vine-dresser, Lo, three years I come seeking fruit in this fig-tree, and do not find, cut it off, why also the ground doth it render useless?
Read in context
- 5मैं तुम से कहता हूं, कि नहीं; परन्तु यदि तुम मन न फिराओगे तो तुम भी सब इसी रीति से नाश होगे।
- 6फिर उस ने यह दृष्टान्त भी कहा, कि किसी की अंगूर की बारी में एक अंजीर का पेड़ लगा हुआ था: वह उस में फल ढूंढ़ने आया, परन्तु न पाया।
- 7तब उस ने बारी के रखवाले से कहा, देख तीन वर्ष से मैं इस अंजीर के पेड़ में फल ढूंढ़ने आता हूं, परन्तु नहीं पाता, इसे काट डाल कि यह भूमि को भी क्यों रोके रहे।
- 8उस ने उस को उत्तर दिया, कि हे स्वामी, इसे इस वर्ष तो और रहने दे; कि मैं इस के चारो ओर खोदकर खाद डालूं।
- 9सो आगे को फले तो भला, नहीं तो उसे काट डालना।
Cross references
- Matthew 7:19 मत्ती 7:19जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में डाला जाता है।
- Luke 3:9 लूका 3:9और अब ही कुल्हाड़ा पेड़ों की जड़ पर धरा है, इसलिये जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में झोंका जाता है।
- John 15:6 यूहन्ना 15:6यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
- Romans 2:4–5 रोमियों 2:4–5क्या तू उस की कृपा, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन को तुच्छ जानता है? और कया यह नहीं समझता, कि परमेश्वर की कृपा तुझे मन फिराव को सिखाती है? पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिस में परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने निमित्त क्रोध कमा रहा है।
- John 15:2 यूहन्ना 15:2जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
- Leviticus 19:23 लैव्यव्यवस्था 19:23फिर जब तुम कनान देश में पंहुचकर किसी प्रकार के फल के वृक्ष लगाओ, तो उनके फल तीन वर्ष तक तुम्हारे लिये मानों खतनारहित ठहरें रहें; इसलिये उन में से कुछ न खाया जाए।
- Matthew 3:9–10 मत्ती 3:9–10और अपने अपने मन में यह न सोचो, कि हमारा पिता इब्राहीम है; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर इन पत्थरों से इब्राहीम के लिये सन्तान उत्पन्न कर सकता है। और अब कुल्हाड़ा पेड़ों की जड़ पर रखा हुआ है, इसलिये जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में झोंका जाता है।
- Exodus 32:10 निर्गमन 32:10अब मुझे मत रोक, मेरा कोप उन पर भड़क उठा है जिस से मैं उन्हें भस्म करूं; परन्तु तुझ से एक बड़ी जाति उपजाऊंगा।
- Daniel 4:14 दानिय्येल 4:14उस ने ऊंचे शब्द से पुकारकर यह कहा, वृक्ष को काट डालो, उसकी डालियों को छांट दो, उसके पत्ते झाड़ दो और उसके फल छितरा डालो; पशु उसके नीचे से हट जाएं, और चिड़ियें उसकी डालियों पर से उड़ जाएं।
- Leviticus 25:21 लैव्यव्यवस्था 25:21तो जानो कि मैं तुम को छठवें वर्ष में ऐसी आशीष दूंगा, कि भूमि की उपज तीन वर्ष तक काम आएगी।