John · chapter 3 · verse 10
John 3:10 in Hindi
यह सुनकर यीशु ने उस से कहा; तू इस्त्राएलियों का गुरू हो कर भी क्या इन बातों को नहीं समझता।
Yah sunakar yeeshu ne us se kahaa; too istraaeliyom kaa guroo ho kar bhee kyaa in baatom ko naheem samajhataa.
John 3:10 in English
- King James Version (KJV)
- Jesus answered and said unto him, Art thou a master of Israel, and knowest not these things?
- World English Bible (WEB)
- Jesus answered him, “Are you the teacher of Israel, and don’t understand these things?
- American Standard Version (ASV)
- Jesus answered and said unto him, Art thou the teacher of Israel, and understandest not these things?
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jesus, answering, said, Are you the teacher of Israel and have no knowledge of these things?
- Darby Translation (DBY)
- Jesus answered and said to him, Thou art the teacher of Israel and knowest not these things!
- Webster's Bible (WBS)
- Jesus answered and said to him, Art thou a teacher of Israel, and knowest not these things?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jesus answered and said to him, 'Thou art the teacher of Israel — and these things thou dost not know!
Read in context
- 8हवा जिधर चाहती है उधर चलती है, और तू उसका शब्द सुनता है, परन्तु नहीं जानता, कि वह कहां से आती और किधर को जाती है? जो कोई आत्मा से जन्मा है वह ऐसा ही है।
- 9नीकुदेमुस ने उस को उत्तर दिया; कि ये बातें क्योंकर हो सकती हैं?
- 10यह सुनकर यीशु ने उस से कहा; तू इस्त्राएलियों का गुरू हो कर भी क्या इन बातों को नहीं समझता।
- 11मैं तुझ से सच सच कहता हूं कि हम जो जानते हैं, वह कहते हैं, और जिसे हम ने देखा है उस की गवाही देते हैं, और तुम हमारी गवाही ग्रहण नहीं करते।
- 12जब मैं ने तुम से पृथ्वी की बातें कहीं, और तुम प्रतीति नहीं करते, तो यदि मैं तुम से स्वर्ग की बातें कहूं, तो फिर क्योंकर प्रतीति करोगे?
Cross references
- Matthew 22:29 मत्ती 22:29यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि तुम पवित्रा शास्त्रा और परमेश्वर की सामर्थ नहीं जानते; इस कारण भूल में पड़ गए हो।
- Jeremiah 8:8–9 यिर्मयाह 8:8–9तुम क्योंकर कह सकते हो कि हम बुध्दिमान हैं, और यहोवा की दी हुई व्यपस्था हमारे साथ है? परन्तु उनके शास्त्रियों ने उसका झूठा विवरण लिखकर उसको झूठ बना दिया है। बुध्दिमान लज्जित हो गए, वे विस्मित हुए और पकड़े गए; देखो, उन्हों ने यहोवा के वचन को निकम्मा जाना है, उन में बुध्दि कहां रही?
- Ezekiel 11:19 यहेजकेल 11:19और मैं उनका हृदय एक कर दूंगा; और उनके भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा, और उनकी देह में से पत्थर का सा हृदय निकालकर उन्हें मांस का हृदय दूंगा,
- Matthew 15:14 मत्ती 15:14उन को जाने दो; वे अन्धे मार्ग दिखानेवाले हैं: और अन्धा यदि अन्धे को मार्ग दिखाए, तो दोनों गड़हे में गिर पड़ेंगे।
- Psalm 51:6 भजन संहिता 51:6देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
- Psalm 73:1 भजन संहिता 73:1सचमुच इस्त्राएल के लिये अर्थात् शुद्ध मनवालों के लिये परमेश्वर भला है।
- Psalm 51:10 भजन संहिता 51:10हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
- Ezekiel 36:25–27 यहेजकेल 36:25–27मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूंगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे; और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा। मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकालकर तुम को मांस का हृदय दूंगा। और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मानकर उनके अनुसार करोगे।
- Isaiah 66:7–9 यशायाह 66:7–9उसकी पीड़ाएं उठाने से पहले ही उसने जन्मा दिया; उसको पीड़ाएं होने से पहिले ही उस से बेटा जन्मा। ऐसी बात किस ने कभी सुनी? किस ने कभी ऐसी बातें देखी? क्या देश एक ही दिन में उत्पन्न हो सकता है? क्या एक जाति क्षण मात्र में ही उत्पन्न हो सकती है? क्योंकि सिय्योन की पीड़ाएं उठी ही थीं कि उस से सन्तान उत्पन्न हो गए। यहोवा कहता है, क्या मैं उसे जन्माने के समय तक पहुंचाकर न जन्माऊं? तेरा परमेश्वर कहता है, मैं जो गर्भ देता हूं क्या मैं कोख बन्द करूं?
- Deuteronomy 10:16 व्यवस्थाविवरण 10:16इसलिये अपने अपने हृदय का खतना करो, और आगे को हठीले न रहो।
- Isaiah 29:10–12 यशायाह 29:10–12यहोवा ने तुम को भारी नींद में डाल दिया है और उस ने तुम्हारी नबीरूपी आंखों को बन्द कर दिया है और तुम्हारे दर्शीरूपी सिरों पर पर्दा डाला है। इसलिये सारे दर्शन तुम्हारे लिये एक लपेटी और मुहर की हुई पुस्तक की बातों के समान हैं, जिसे कोई पढ़े- लिखे मनुष्य को यह कहकर दे, इसे पढ़, और वह कहे, मैं नहीं पढ़ सकता क्योंकि इस पर मुहर की हुई है। तब वही पुस्तक अनपढ़े को यह कहकर दी जाए, इसे पढ़, और वह कहे, मैं तो अनपढ़ हूं।।
- 1 Chronicles 29:19 1 इतिहास 29:19और मेरे पुत्र सुलैमान का मन ऐसा खरा कर दे कि वह तेरी आज्ञाओं चितौनियों और विधियों को मानता रहे और यह सब कुछ करे, और उस भवन को बनाए, जिसकी तैयारी मैं ने की है।