Judges · chapter 14 · verse 10
Judges 14:10 in Hindi
तब उसका पिता उस स्त्री के यहां गया, और शिमशोन न जवानों की रीति के अनुसार वहां जेवनार की।
Tab usakaa pitaa us stree ke yahaam gayaa, aur shimashon na javaanom kee reeti ke anusaar vahaam jevanaar kee.
Judges 14:10 in English
- King James Version (KJV)
- So his father went down unto the woman: and Samson made there a feast; for so used the young men to do.
- World English Bible (WEB)
- His father went down to the woman; and Samson made a feast there, for the young men used to do so.
- American Standard Version (ASV)
- And his father went down unto the woman: and Samson made there a feast; for so used the young men to do.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Samson went down to the woman, and made a feast there, as was the way among young men.
- Darby Translation (DBY)
- And his father went down to the woman, and Samson made there a feast; for so used the young men to do.
- Webster's Bible (WBS)
- So his father went down to the woman: and Samson made there a feast; for so used the young men to do.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And his father goeth down unto the woman, and Samson maketh there a banquet, for so the young men do;
Read in context
- 8कुछ दिनों के बीतने पर वह उसे लाने को लौट चला; और उस सिंह की लोथ देखने के लिये मार्ग से मुड़ गया? तो क्या देखा कि सिंह की लोथ में मधुमक्खियों का एक झुण्ड और मधु भी है।
- 9तब वह उस में से कुछ हाथ में लेकर खाते खाते अपने माता पिता के पास गया, और उनको यह बिना बताए, कि मैं ने इसको सिंह की लोथ में से निकाला है, कुछ दिया, और उन्हों ने भी उसे खाया।
- 10तब उसका पिता उस स्त्री के यहां गया, और शिमशोन न जवानों की रीति के अनुसार वहां जेवनार की।
- 11उसको देखकर वे उसके संग रहने के लिये तीस संगियों को ले आए।
- 12शिमशोन ने उस ने कहा, मैं तुम से एक पहेली कहता हूं; यदि तुम इस जेवनार के सातों दिनों के भीतर उसे बूझकर अर्थ बता दो, तो मैं तुम को तीस कुरते और तीस जोड़े कपड़े दूंगा;
Cross references
- Matthew 22:2–4 मत्ती 22:2–4स्वर्ग का राज्य उस राजा के समान है, जिस ने अपने पुत्रा का ब्याह किया। और उस ने अपने दासों को भेजा, कि नेवताहारियों को ब्याह के भोज में बुलाएं; परन्तु उन्हों ने आना न चाहा। फिर उस ने और दासों को यह कहकर भेजा, कि नेवताहारियों से कहो, देखो; मैं भोज तैयार कर चुका हूं, और मेरे बैल और पले हुए पशु मारे गए हैं: और सब कुछ तैयार है; ब्याह के भोज में आओ।
- Esther 1:7–22 एस्तेर 1:7–22उस जेवनार में राजा के योग्य दाखमधु भिन्न भिन्न रूप के सोने के पात्रों में डालकर राजा की उदारता से बहुतायत के साथ पिलाया जाता था। पीना तो नियम के अनुसार होता था, किसी को बरबस नहीं पिलाया जाता था; क्योंकि राजा ने तो अपने भवन के सब भणडारियों को आज्ञा दी थी, कि जो पाहुन जैसा चाहे उसके साथ वैसा ही बर्ताव करना। रानी बशती ने भी राजा क्षयर्ष के भवन में स्त्रियों की जेवनार की। सातवें दिन, जब राजा का मन दाखमधु में मग्न था, तब उस ने महूमान, बिजता, हब ना, बिगता, अबगता, जेतेर और कर्कस नाम सातों खेजों को जो क्षयर्ष राजा के सम्मुख सेवा टहल किया करते थे, आज्ञा दी, कि रानी वशती को राजमुकुट धारण किए हुए राजा के सम्मुख ले आओ; जिस से कि देश देश के लोगों और हाकिमों पर उसकी सुन्दरता प्रगट हो जाए; क्योंकि वह देखने में सुन्दर थी। खोजों के द्वारा राजा की यह आज्ञा पाकर रानी वशती ने आने से इनकार किया। इस पर राजा बड़े क्रोध से जलने लगा। तब राजा ने समय समय का भेद जाननेवाले पणिडतों से पुछा (राजा तो नीति और न्याय के सब ज्ञानियों से ऐसा ही किया करता था। और उसके पास कर्शना, शेतार, अदमाता, तश श, मेरेस, मर्सना, और ममूकान नाम फ़ारस, और मादै के सातों खेजे थे, जो राजा का दर्शन करते, और राज्य में मुख्य मुख्य पदों पर नियुक्त किए गए थे। ) राजा ने पूछा कि रानी वशती ने राजा क्षयर्ष की खोजों द्वारा दिलाई हुई आज्ञा का उलंघन किया, तो नीति के अनुसार उसके साथ क्या किया जाए? तब ममूकान ने राजा और हाकिमों की उपस्थिति में उत्तर दिया, रानी वशती ने जो अनुचित काम किया है, वह न केवल राजा से परन्तु सब हाकिमों से और उन सब देशों के लोगों से भी जो राजा क्षयर्ष के सब प्रान्तों में रहते हैं। क्योंकि रानी के इस काम की चर्चा सब स्त्रियों में होगी और जब यह कहा जाएगा, कि राजा क्षयर्ष ने रानी वशती को अपने साम्हने ले आने की आज्ञा दी परन्तु वह न आई, तब वे भी अपने अपने पति को तुच्छ जानने लगेंगी। और आज के दिन फ़ारसी और मादी हाकिमों की स्त्रियां जिन्हों ने रानी की यह बात सुनी है तो वे भी राजा के सब हाकिमों से ऐसा ही कहने लगेंगी; इस प्रकार बहुत ही घृणा और क्रोध उत्पन्न होगा। यदि राजा को स्वीकार हो, तो यह आज्ञा निकाले, और फार्सियों और मादियों के कानून में लिखी भी जाए, जिस से कभी बदल न सके, कि रानी वशती राजा क्षयर्ष के सम्मुख फिर कभी आने न पाए, और राजा पटरानी का पद किसी दूसरी को दे दे जो उस से अच्छी हो। और जब राजा की यह आज्ञा उसके सारे राज्य में सुनाई जाएगी, तब सब पत्नियां छोटे, बड़े, अपने अपने पति का आदरमान करती रहेंगी। यह बात राजा और हाकिमों को पसन्द आई और राजा ने ममूकान की सम्मति मान ली और अपने राज्य में, अर्थत् प्रत्येक प्रान्त के अक्षरों में और प्रत्येक जाति की भाषा में चिटि्ठयां भेजीं, कि सब पुरूष अपने अपने घर में अधिकार चलाएं, और अपनी जाति की भाषा बोला करें।
- Revelation 19:9 प्रकाशितवाक्य 19:9और उस ने मुझ से कहा; यह लिख, कि धन्य वे हैं, जो मेम्ने के ब्याह के भोज में बुलाए गए हैं; फिर उस ने मुझ से कहा, ये वचन परमेश्वर के सत्य वचन हैं।
- John 2:9 यूहन्ना 2:9वे ले गए, जब भोज के प्रधान ने वह पानी चखा, जो दाखरस बन गया था, और नहीं जानता था, कि वह कहां से आया हे, (परन्तु जिन सेवकों ने पानी निकाला था, वे जानते थे) तो भोज के प्रधान ने दूल्हे को बुलाकर, उस से कहा।
- Ecclesiastes 10:19 सभोपदेशक 10:19भोज हंसी खुशी के लिये किया जाता है, और दाखमधु से जीवन को आनन्द मिलता है; और रूपयों से सब कुछ प्राप्त होता है।
- Genesis 29:22 उत्पत्ति 29:22सो लाबान ने उस स्थान के सब मनुष्यों को बुलाकर इकट्ठा किया, और उनकी जेवनार की।