Judges · chapter 21 · verse 3
Judges 21:3 in Hindi
और कहते थे, हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा, इस्राएल में ऐसा क्यों होने पाया, कि आज इस्राएल में एक गोत्रा की घटी हुई है?
Aur kahate the, he israael ke parameshvar yahovaa, israael mem aisaa kyom hone paayaa, ki aaj israael mem ek gotraa kee ghatee huee hai?
Judges 21:3 in English
- King James Version (KJV)
- And said, O LORD God of Israel, why is this come to pass in Israel, that there should be to day one tribe lacking in Israel?
- World English Bible (WEB)
- They said, “The LORD, the God of Israel, why has this happened in Israel, that there should be one tribe lacking in Israel today?”
- American Standard Version (ASV)
- And they said, O Jehovah, the God of Israel, why is this come to pass in Israel, that there should be to-day one tribe lacking in Israel?
- Bible in Basic English (BBE)
- And they said, O Lord, the God of Israel, why has this fate come on Israel, that today one tribe has been cut off from Israel?
- Darby Translation (DBY)
- and said, Jehovah, God of Israel, why is it come to pass in Israel, that there should be this day one tribe lacking in Israel?
- Webster's Bible (WBS)
- And said, O LORD God of Israel, why is this come to pass in Israel, that there should be to-day one tribe lacking in Israel?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and say, 'Why, O Jehovah, God of Israel, hath this been in Israel — to be lacking to-day, from Israel, one tribe?'
Read in context
- 1इस्राएली पुरूषों ने तो मिस्पा में शपथ खाकर कहा था, कि हम में कोई अपनी बेटी किसी बिन्यामीनी को न ब्याह देगा।
- 2वे बेतेल को जाकर सांझ तक परमेश्वर के साम्हने बैठे रहे, और फूट फूटकर बहुत रोते रहे।
- 3और कहते थे, हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा, इस्राएल में ऐसा क्यों होने पाया, कि आज इस्राएल में एक गोत्रा की घटी हुई है?
- 4फिर दूसरे दिन उन्हों ने सवेरे उठ वहां वेदी बनाकर होमबलि और मेलबलि चढ़ाए।
- 5तब इस्राएली पूछने लगे, इस्राएल के सारे गोत्रों में से कौन है जो यहोवा के पास सभा में न आया था? उन्हों ने तो भारी शपथ खाकर कहा था, कि जो कोई मिस्पा को यहोवा के पास न आए वह निश्चय मार डाला जाएगा।
Cross references
- Jeremiah 12:1 यिर्मयाह 12:1हे यहोवा, यदि मैं तुझ से मुक़ मा लड़ूं, तौभी तू धम है; मुझे अपने साथ इस विषय पर वादविवाद करने दे। दुष्टों की चाल क्यों सफंल होती है? क्या कारण है कि विश्वासघाती बहुत सुख से रहते हैं?
- Psalm 80:12 भजन संहिता 80:12फिर तू ने उसके बाड़ों को क्यों गिरा दिया, कि सब बटोही उसके फलों को तोड़ते है?
- Isaiah 63:17 यशायाह 63:17हे यहोवा, तू क्यों हम को अपने मार्गों से भटका देता, और हमारे मन ऐसे कठोर करता है कि हम तेरा भय नहीं मानते? अपने दास, अपने निज भाग के गोत्रों के निमित्त लौट आ।
- Deuteronomy 29:24 व्यवस्थाविवरण 29:24और सब जातियों के लोग पूछेंगे, कि यहोवा ने इस देश से ऐसा क्यों किया? और इस बड़े कोप के भड़कने का क्या कारण है?
- Joshua 7:7–9 यहोशू 7:7–9और यहोशू ने कहा, हाय, प्रभु यहोवा, तू अपनी इस प्रजा को यरदन पार क्यों ले आया? क्या हमें एमोरियों के वश में करके नष्ट करने के लिये ले आया है? भला होता कि हम संतोष करके यरदन के उस पार रह जाते। हाय, प्रभु मैं क्या कहूं, जब इस्राएलियों ने अपने शत्रुओं को पीठ दिखाई है! क्योंकि कनानी वरन इस देश के सब निवासी यह सुनकर हम को घेर लेंगे, और हमारा नाम पृथ्वी पर से मिटा डालेंगे; फिर तू अपने बड़े नाम के लिये क्या करेगा?
- Psalm 74:1 भजन संहिता 74:1हे परमेश्वर, तू ने हमें क्यों सदा के लिये छोड़ दिया है? तेरी कोपाग्नि का धुआं तेरी चराई की भेंड़ों के विरूद्ध क्यों उठ रहा है?
- Proverbs 19:3 नीतिवचन 19:3मूढ़ता के कारण मनुष्य का मार्ग टेढ़ा होता है, और वह मन ही मन यहोवा से चिढ़ने लगता है।