Isaiah · chapter 63 · verse 17
Isaiah 63:17 in Hindi
हे यहोवा, तू क्यों हम को अपने मार्गों से भटका देता, और हमारे मन ऐसे कठोर करता है कि हम तेरा भय नहीं मानते? अपने दास, अपने निज भाग के गोत्रों के निमित्त लौट आ।
He yahovaa, too kyom ham ko apane maargom se bhatakaa detaa, aur hamaare man aise kathor karataa hai ki ham teraa bhay naheem maanate? Apane daas, apane nij bhaag ke gotrom ke nimitt laut aa.
Isaiah 63:17 in English
- King James Version (KJV)
- O LORD, why hast thou made us to err from thy ways, [and] hardened our heart from thy fear? Return for thy servants’ sake, the tribes of thine inheritance.
- World English Bible (WEB)
- O LORD, why do you make us wander from your ways, and harden our heart from your fear? Return for your servants’ sake, the tribes of your inheritance.
- American Standard Version (ASV)
- O Jehovah, why dost thou make us to err from thy ways, and hardenest our heart from thy fear? Return for thy servants’ sake, the tribes of thine inheritance.
- Bible in Basic English (BBE)
- O Lord, why do you send us wandering from your ways, making our hearts hard, so that we have no fear of you? Come back, because of your servants, the tribes of your heritage.
- Darby Translation (DBY)
- Why, O Jehovah, hast thou made us to err from thy ways, hast hardened our heart from thy fear? Return for thy servants' sake, the tribes of thine inheritance.
- Webster's Bible (WBS)
- O LORD, why hast thou made us to err from thy ways, [and] hardened our heart from thy fear? Return for thy servants' sake, the tribes of thy inheritance.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Why causest Thou us to wander, O Jehovah, from Thy ways? Thou hardenest our heart from Thy fear, Turn back for Thy servants' sake, The tribes of Thine inheritance.
Read in context
- 15स्वर्ग से, जो तेरा पवित्रा और महिमापूर्ण वासस्थान है, दृष्टि कर। तेरी जलन और पराक्रम कहां रहे? तेरी दया और करूणा मुझ पर से हट गई हैं।
- 16निश्चय तू हमारा पिता है, यद्यपि इब्राहीम हमें नहीं पहिचानता, और इस्राएल हमें ग्रहण नहीं करता; तौभी, हे यहोवा, तू हमारा पिता और हमारा छुड़ानेवाला है; प्राचीनकाल से यही तेरा नाम है।
- 17हे यहोवा, तू क्यों हम को अपने मार्गों से भटका देता, और हमारे मन ऐसे कठोर करता है कि हम तेरा भय नहीं मानते? अपने दास, अपने निज भाग के गोत्रों के निमित्त लौट आ।
- 18तेरी पवित्रा प्रजा तो थोड़े ही काल तक मेरे पवित्रास्थान की अधिकारी रही; हमारे द्रोहियों ने उसे लताड़ दिया है।
- 19हम लोग तो ऐसे हो गए हैं, मानो तू ने हम पर कभी प्रभुता नहीं की, और उनके समान जो कभी तेरे न कहलाए।।
Cross references
- Isaiah 6:10 यशायाह 6:10तू इन लोगों के मन को मोटे और उनके कानों को भारी कर, और उनकी आंखों को बन्द कर; ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें, और मन से बूझें, और मन फिरावें और चंगे हो जाएं।
- Ezekiel 14:7–9 यहेजकेल 14:7–9क्योंकि इस्राएल के घराने में से और उसके बीच रहनेवाले परदेशियों में से भी कोई क्यों न हो, जो मेरे पीछे हो लेना छोड़कर अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित करे, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखे, और तब मुझ से अपनी कोई बात पूछने के लिये भविष्यद्वक्ता के पास आए, तो उसको, मैं यहोवा आप ही उत्तर दूंगा। और मैं उस मनुष्य के विरूद्ध होकर उसको विस्मित करूंगा, और चिन्ह ठहराऊंगा; और उसकी कहावत चनाऊंगा और उसे अपनी प्रजा में से नाश करूंगा; तब तुम लोग जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ। और यदि भविष्यद्वक्ता ने धोखा खाकर कोई वचन कहा हो, तो जानो कि मुझ यहोवा ने उस भविष्यद्वक्ता को धोखा दिया है; और मैं अपना हाथ उसके विरूद्ध बढ़ाकर उसे अपनी प्रजा इस्राएल में से नाश करूंगा।
- Joshua 11:20 यहोशू 11:20क्योंकि यहोवा की जो मनसा थी, कि अपनी उस आज्ञा के अनुसार जो उस ने मूसा को दी थी उन पर कुछ भी दया न करे; वरन सत्यानाश कर डाले, इस कारण उस ने उनके मन ऐसे कठोर कर दिए, कि उन्हों ने इस्राएलियों का साम्हना करके उन से युद्ध किया।।
- Deuteronomy 2:30 व्यवस्थाविवरण 2:30परन्तु हेशबोन के राजा सीहोन ने हम को अपने देश में से होकर चलने न दिया; क्योंकि तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने उसका चित्त कठोर और उसका मन हठीला कर दिया था, इसलिये कि उसको तुम्हारे हाथ में कर दे, जैसा कि आज प्रकट है।
- Isaiah 29:13 यशायाह 29:13और प्रभु ने कहा, ये लोग जो मुंह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझ से दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं।
- John 12:40 यूहन्ना 12:40कि उस ने उन की आंखें अन्धी, और उन का मन कठोर किया है; कहीं ऐसा न हो, कि आंखों से देखें, और मन से समझें, और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- Numbers 10:36 गिनती 10:36और जब जब वह ठहर जाता था तब तब मूसा कहा करता था, कि हे यहोवा, हजारोंझार इस्त्राएलियों में लौटकर आ जा।।
- Psalm 90:13 भजन संहिता 90:13हे यहोवा लौट आ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा!
- 2 Thessalonians 2:11–12 2 थिस्सलुनीकियों 2:11–12और इसी कारण परमेश्वर उन में एक भटका देनेवाली सामर्थ को भेजेगा ताकि वे झूठ की प्रतीति करें। और जितने लोग सत्य की प्रतीति नहीं करते, वरन अधर्म से प्रसन्न होते हैं, सब दण्ड पाएं।।
- Zechariah 1:12 जकर्याह 1:12तब यहोवा के दूत ने कहा, हे सेनाओं के यहोवा, तू जो यरूशलेम और यहूदा के नगरों पर सत्तर वर्ष से क्रोधित है, सो तू उन पर कब तक दया न करेगा?
- Romans 9:18–20 रोमियों 9:18–20सो वह जिस पर चाहता है, उस पर दया करता है; और जिसे चाहता है, उसे कठोर कर देता है। सो तू मुझ से कहेगा, वह फिर क्यों दोष लगाता है? कौन उस की इच्छा का साम्हना करता हैं? हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है?
- Psalm 80:14 भजन संहिता 80:14हे सेनाओं के परमेश्वर, फिर आ! स्वर्ग से ध्यान देकर देख, और इस दाखलता की सुधि ले,