Judges · chapter 5 · verse 31
Judges 5:31 in Hindi
हे यहोवा, तेरे सब शत्रु ऐसे ही नाश हो जाएं! परन्तु उसके प्रेमी लोग प्रताप के साथ उदय होते हुए सूर्य के समान तेजोमय हों।। फिर देश में चालीस वर्ष तक शान्ति रही।।
He yahovaa, tere sab shatru aise hee naash ho jaaem! Parantu usake premee log prataap ke saath uday hote hue soory ke samaan tejomay hon.. Phir desh mem chaalees varsh tak shaanti rahee..
Judges 5:31 in English
- King James Version (KJV)
- So let all thine enemies perish, O LORD: but [let] them that love him [be] as the sun when he goeth forth in his might. And the land had rest forty years.
- World English Bible (WEB)
- “So let all your enemies perish, LORD, but let those who love him be as the sun when it rises in its strength.” Then the land had rest forty years.
- American Standard Version (ASV)
- So let all thine enemies perish, O Jehovah: But let them that love him be as the sun when he goeth forth in his might. And the land had rest forty years.
- Bible in Basic English (BBE)
- So may destruction come on all your haters, O Lord; but let your lovers be like the sun going out in his strength. And for forty years the land had peace.
- Darby Translation (DBY)
- So let all thine enemies perish, Jehovah! But let them that love him be as the rising of the sun in its might. And the land had rest forty years.
- Webster's Bible (WBS)
- So let all thy enemies perish, O LORD: but [let] them that love him [be] as the sun when he goeth forth in his might. And the land had rest forty years.
- Young's Literal Translation (YLT)
- So do all Thine enemies perish, O Jehovah, And those loving Him [are] As the going out of the sun in its might!' and the land resteth forty years.
Read in context
- 29उसी बुद्धिमान प्रतिष्ठित स्त्रियों ने उसे उत्तर दिया, वरन उस ने अपने आप को इस प्रकार उत्तर दिया,
- 30कि क्या उन्हों ने लूट पाकर बांट नहीं ली? क्या एक एक पुरूष को एक एक वरन दो दो कुंवारियां; और सीसरा को रंगे हुए वस्त्रा की लूट, वरन बूटे काढ़े हुए रंगीले वस्त्रा की लूट, और लूटे हुओं के गले में दोनों ओर बूटे काढ़े हुए रंगीले वस्त्रा नहीं मिले?
- 31हे यहोवा, तेरे सब शत्रु ऐसे ही नाश हो जाएं! परन्तु उसके प्रेमी लोग प्रताप के साथ उदय होते हुए सूर्य के समान तेजोमय हों।। फिर देश में चालीस वर्ष तक शान्ति रही।।
Cross references
- Psalm 37:6 भजन संहिता 37:6और वह तेरा धर्म ज्योति की नाई, और तेरा न्याय दोपहर के उजियाले की नाई प्रगट करेगा।।
- 2 Samuel 23:4 2 शमूएल 23:4वह मानो भोर का प्रकाश होगा जब सूर्य निकलता है, ऐसा भोर जिस में बादल न हों, जैसा वर्षा के बाद निर्मल प्रकाश के कारण भूमि से हरी हरी घास उगती है।
- Psalm 19:4–5 भजन संहिता 19:4–5उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उस ने सूरर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है, जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर की नाई अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है।
- 1 Corinthians 8:3 1 कुरिन्थियों 8:3परन्तु यदि कोई परमेश्वर से प्रेम रखता है, तो उसे परमेश्वर पहिचानता है।
- 1 Peter 1:8 1 पतरस 1:8उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
- Psalm 91:14 भजन संहिता 91:14उस ने जो मुझ से स्नेह किया है, इसलिये मैं उसको छुड़ाऊंगा; मैं उसको ऊंचे स्थान पर रखूंगा, क्योंकि उस ने मेरे नाम को जान लिया है।
- James 1:12 याकूब 1:12धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकलकर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिस की प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करनेवालों को दी है।
- Psalm 97:10 भजन संहिता 97:10हे यहोवा के प्रेमियों, बुराई से घृणा करो; वह अपने भक्तों के प्राणो की रक्षा करता, और उन्हें दुष्टों के हाथ से बचाना है।
- Romans 8:28 रोमियों 8:28और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
- James 2:5 याकूब 2:5हे मेरे प्रिय भाइयों सुनो; क्या परमेश्वर ने इस जगत के कंगालों को नहीं चुना कि विश्वास में धर्मी, और उस राज्य के अधिकारी हों, जिस की प्रतिज्ञा उस ने उन से की है जो उस से प्रेम रखते हैं?
- Psalm 89:36 भजन संहिता 89:36उसका वंश सर्वदा रहेगा, और उसकी राजगद्दी सूर्य की नाई मेरे सम्मुख ठहरी रहेगी।
- Daniel 12:3 दानिय्येल 12:3तब सिखानेवालों की चमक आकाशमण्डल की सी होगी, और जो बहुतों को धर्मी बनाते हैं, वे सर्वदा की नाईं प्रकाशमान रहेंगे।