Lamentations · chapter 1 · verse 11
Lamentations 1:11 in Hindi
उसके सब निवासी कराहते हुए भोजनवस्तु ढूंढ़ रहे हैं; उन्होंने अपना प्राण बचाने के लिऐ अपनी मनभावनी वस्तुएं बेच कर भोजन मोल लिया है। हे यहोवा, दृष्टि कर, और ध्यान से देख, क्योंकि मैं तुच्छ हो गई हूँ।
Usake sab nivaasee karaahate hue bhojanavastu dhoondh rahe haim; unhonne apanaa praan bachaane ke liai apanee manabhaavanee vastuem bech kar bhojan mol liyaa hai. He yahovaa, drushti kar, aur dhyaan se dekh, kyonki maim tuchchh ho gaee hoon.
Lamentations 1:11 in English
- King James Version (KJV)
- All her people sigh, they seek bread; they have given their pleasant things for meat to relieve the soul: see, O LORD, and consider; for I am become vile.
- World English Bible (WEB)
- All her people sigh. They seek bread. They have given their pleasant things for food to refresh their soul. “Look, LORD, and see, for I have become despised.”
- American Standard Version (ASV)
- All her people sigh, they seek bread; They have given their pleasant things for food to refresh the soul: See, O Jehovah, and behold; for I am become abject.
- Bible in Basic English (BBE)
- Breathing out grief all her people are looking for bread; they have given their desired things for food to give them life: see, O Lord, and take note; for she has become a thing of shame.
- Darby Translation (DBY)
- All her people sigh, they seek bread; they have given their precious things for food to revive [their] soul. See, Jehovah, and consider, for I am become vile.
- Webster's Bible (WBS)
- All her people sigh, they seek bread; they have given their pleasant things for food to relieve the soul: see, O LORD, and consider; for I am become vile.
- Young's Literal Translation (YLT)
- All her people are sighing — seeking bread, They have given their desirable things For food to refresh the body; See, O Jehovah, and behold attentively, For I have been lightly esteemed.
Read in context
- 9उसकी अशुद्धता उसके वस्त्र पर है; उसने अपने अन्त का स्मरण न रखा; इसलिये वह भयंकर रीति से गिराई गई, और कोई उसे शान्ति नइीं देता है। हे यहोवा, मेरे दु:ख पर दृष्टि कर, क्योंकि शत्रु मेरे विरुद्ध सफल हुआ है!
- 10द्रोहियों ने उसकी सब मनभावनी वस्तुओं पर हाथ बढ़ाया है; हां, अन्यजातियों को, जिनके विषय में तू ने आज्ञा दी थी कि वे तेरी सभा में भागी न होने पाएंगी, उन को उसने तेरे पवित्रस्थान में घुसा हुआ देखा है।
- 11उसके सब निवासी कराहते हुए भोजनवस्तु ढूंढ़ रहे हैं; उन्होंने अपना प्राण बचाने के लिऐ अपनी मनभावनी वस्तुएं बेच कर भोजन मोल लिया है। हे यहोवा, दृष्टि कर, और ध्यान से देख, क्योंकि मैं तुच्छ हो गई हूँ।
- 12हे सब बटोहियो, क्या तुम्हें इस बात की कुछ भी चिन्ता नहीं? दृष्टि कर के देखो, क्या मेरे दु:ख से बढ़ कर कोई और पीड़ा है जो यहोवा ने अपने क्रोध के दिन मुझ पर डाल दी है?
- 13उसने ऊपर से मेरी हड्डियों में आग लगाई है, और वे उस से भस्म हो गईं; उसने मेरे पैरों के लिये जाल लगाया, और मुझ को उलटा फेर दिया है; उसने ऐसा किया कि मैं त्यागी हुई सी और रोग से लगातार निर्बल रहती हूँ।
Cross references
- Jeremiah 52:6 यिर्मयाह 52:6चौथे महीने के नौवें दिन से नगर में महंगी यहां तक बढ़ गई, कि लोगों के लिये कुछ रोटी न रही।
- Jeremiah 38:9 यिर्मयाह 38:9हे मेरे स्वामी, हे राजा, उन लोगों ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता से जो कुछ किया है वह बुरा किया है, क्योंकि उन्हों ने उसको गड़हे में डाल दिया है; वहां वह भूख से मर जाएगा क्योंकि नगर में कुछ रोटी नहीं रही है।
- Lamentations 2:12 विलापगीत 2:12वे अपनी अपनी माता से रोकर कहते हैं, अन्न और दाखमधु कहां हैं? वे नगर के चौकों में घायल किए हुए मनुष्य की नाई मूर्च्छित होकर अपने प्राण अपनी अपनी माता की गोद में छोड़ते हैं।
- Deuteronomy 28:52–57 व्यवस्थाविवरण 28:52–57और वे तेरे परमेश्वर यहोवा के दिये हुए सारे देश के सब फाटकों के भीतर तुझे घेर रखेंगे; वे तेरे सब फाटकों के भीतर तुझे उस समय तक घेरेंगे, जब तक तेरे सारे देश में तेरी ऊंची ऊंची और दृढ़ शहरपनाहें जिन पर तू भरोसा करेगा गिर न जाएं। तब घिर जाने और उस सकेती के समय जिस में तेरे शत्रु तुझ को डालेंगे, तू अपने निज जन्माए बेटे- बेटियों का मांस जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को देगा खाएगा। और तुझ में जो पुरूष कोमल और अति सुकुमार हो वह भी अपने भाई, और अपनी प्राणप्यारी, और अपने बचे हुए बालकों को क्रूर दृष्टि से देखेगा; और वह उन में से किसी को भी अपने बालकों के मांस में से जो वह आप खाएगा कुछ न देगा, क्योंकि घिर जाने और उस सकेती में, जिस में तेरे शत्रु तेरे सारे फाटकों के भीतर तुझे घेर डालेंगे, उसके पास कुछ न रहेगा। और तुझ में जो स्त्री यहां तक कोमल और सुकुमार हो कि सुकुमारपन के और कोमलता के मारे भूमि पर पांव धरते भी डरती हो, वह भी अपने प्राणप्रिय पति, और बेटे, और बेटी को, अपनी खेरी, वरन अपने जने हुए बच्चों को क्रूर दृष्टि से देखेगी, क्योंकि घिर जाने और सकेती के समय जिस में तेरे शत्रु तुझे तेरे फाटकों के भीतर घेरकर रखेंगे, वह सब वस्तुओं की घटी के मारे उन्हें छिप के खाएगी।
- 1 Samuel 30:11–12 1 शमूएल 30:11–12उनको एक मिद्दी पुरूष मैदान में मिला, उन्हों ने उसे दाऊद के पास ले जाकर रोटी दी; और उस ने उसे खाया, तब उसे पानी पिलाया, फिर उन्हों ने उसको अंजीर की टिकिया का एक टुकड़ा और दो गुच्छे किशमिश दिए। और जब उस ने खाया, तब उसके जी में जी आया; उस ने तीन दिन और तीन रात से न तो रोटी खाई थी और न पानी पिया था।
- Jeremiah 19:9 यिर्मयाह 19:9और घिर जाने और उस सकेती के समय जिस में उनके प्राण के शत्रु उन्हें डाल देंगे, मैं उनके बेटे-बेटियों का मांस उन्हें खिलाऊंगा और एक दूसरे का भी मांस खिलाऊंगा।
- 2 Kings 6:25 2 राजा 6:25तब शोमरोन में बड़ा अकाल पड़ा और वह ऐसा घिरा रहा, कि अन्त में एक गदहे का सिर चान्दी के अस्सी टुकड़ों में और कब की चौथाई भर कबूतर की बीट पांच टुकड़े चान्दी तक बिकने लगी।
- Ezekiel 4:15–17 यहेजकेल 4:15–17तब उस ने मुझ से कहा, देख, मैं ने तेरे लिये मनुष्य की विष्ठा की सन्ती गोबर ठहराया है, और उसी से तू अपनी रोठी बनाना। फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं यरूशलेम में अन्नरूपी आधार को दूर करूंगा; सो वहां के लोग तौल तोलकर और चिन्ता कर करके रोटी खाया करेंगे; और माप मापकर और विस्मित हो होकर पानी पिया करेंगे। और इस से उन्हें रोटी और पानी की घटी होगी; और वे सब के सब घबराएंगे, और अपने अधर्म में फंसे हुए सूख् जाएंगे।
- Ezekiel 5:16–17 यहेजकेल 5:16–17यह उस समय होगा, जब मैं उन लोगों को नाश करने के लिये तुम पर महंगी के तीखे तीर चलाकर, तुम्हारे बीच महंगी बढ़ाऊंगा, और तुम्हारे अन्नरूपी आधार को दूर करूंगा। और मैं तुम्हारे बीच महंगी और दुष्ट जन्तु भेजूंगा जो तुम्हें निेसन्तान करेंगे; और मरी और खून तुम्हारे बीच चलते रहेंगे; और मैं तुम पर तलवार चलवाऊंगा, मुझ यहोवा ने यह कहा है।
- Lamentations 1:19–20 विलापगीत 1:19–20मैं ने अपने मित्रों को पुकारा परन्तु उन्होंने भी मुझे छोखा दिया; जब मेरे याजक और पुरनिये इसलिये भोजनवस्तु ढूंढ़ रहे थे कि खाने से उनका जी हरा हो जाए, तब नगर ही में उनके प्राण छूट गए। हे यहोवा, दृष्टि कर, क्योंकि मैं संकट में हूँ, मेरी अन्तडिय़ां ऐंठी जाती हैं, मेरा हृदय उलट गया है, क्योंकि मैं ने बहुत बलवा किया है। बाहर तो मैं तलवार से निर्वश होती हूँ; और घर में मृत्यु विराज रही है।
- Lamentations 1:9 विलापगीत 1:9उसकी अशुद्धता उसके वस्त्र पर है; उसने अपने अन्त का स्मरण न रखा; इसलिये वह भयंकर रीति से गिराई गई, और कोई उसे शान्ति नइीं देता है। हे यहोवा, मेरे दु:ख पर दृष्टि कर, क्योंकि शत्रु मेरे विरुद्ध सफल हुआ है!
- Job 40:4 अय्यूब 40:4देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूं? मैं अपनी अंगुली दांत तले दबाता हूँ।