1 Samuel · chapter 30 · verse 11
1 Samuel 30:11 in Hindi
उनको एक मिद्दी पुरूष मैदान में मिला, उन्हों ने उसे दाऊद के पास ले जाकर रोटी दी; और उस ने उसे खाया, तब उसे पानी पिलाया,
Unako ek middee puroosh maidaan mem milaa, unhom ne use daaood ke paas le jaakar rotee dee; aur us ne use khaayaa, tab use paanee pilaayaa,
1 Samuel 30:11 in English
- King James Version (KJV)
- And they found an Egyptian in the field, and brought him to David, and gave him bread, and he did eat; and they made him drink water;
- World English Bible (WEB)
- They found an Egyptian in the field, and brought him to David, and gave him bread, and he ate; and they gave him water to drink.
- American Standard Version (ASV)
- And they found an Egyptian in the field, and brought him to David, and gave him bread, and he did eat; and they gave him water to drink;
- Bible in Basic English (BBE)
- And in the fields they saw an Egyptian whom they took to David, and they gave him bread, and he had a meal, and they gave him water for drink;
- Darby Translation (DBY)
- And they found an Egyptian in the field, and brought him to David, and gave him bread, and he ate; and they gave him water to drink,
- Webster's Bible (WBS)
- And they found an Egyptian in the field, and brought him to David, and gave him bread, and he ate; and they made him drink water;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they find a man, an Egyptian, in the field, and take him unto David, and give to him bread, and he eateth, and they cause him to drink water,
Read in context
- 9तब दाऊद अपनेछ: सौ साथी जनों को लेकर बसोर नाम नाले तक पहुंचा; वहां कुछ लोग छोड़े जाकर रह गए।
- 10दाऊद तो चार सौ पुरूषों समेत पीछा किए चला गया; परन्तु दौसौ जो ऐसे थक गए थे, कि बसोर नाले के पार न जा सके वहीं रहे।
- 11उनको एक मिद्दी पुरूष मैदान में मिला, उन्हों ने उसे दाऊद के पास ले जाकर रोटी दी; और उस ने उसे खाया, तब उसे पानी पिलाया,
- 12फिर उन्हों ने उसको अंजीर की टिकिया का एक टुकड़ा और दो गुच्छे किशमिश दिए। और जब उस ने खाया, तब उसके जी में जी आया; उस ने तीन दिन और तीन रात से न तो रोटी खाई थी और न पानी पिया था।
- 13तब दाऊद ने उस से पूछा, तू किस का जन है? और कहां का है? उस ने कहा, मैं तो मिद्दी जवान और एक अमालेकी मनुष्य का दास हूँ; और तीन दिन हुए कि मैं बीमार पड़ा, और मेरा स्वामी मुझे छोड़ गया।
Cross references
- Deuteronomy 23:7 व्यवस्थाविवरण 23:7किसी एदोमी से घृणा न करना, क्योंकि वह तेरा भाई है; किसी मिद्दी से भी घृणा न करना, क्योंकि उसके देश में तू परदेशी होकर रहा था।
- Romans 12:20–21 रोमियों 12:20–21परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो।।
- Proverbs 25:21 नीतिवचन 25:21यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसको रोटी खिलाना; और यदि वह प्यासा हो तो उसे पानी पिलाना;
- Matthew 25:35 मत्ती 25:35कयोंकि मै। भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं पियासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया।
- Deuteronomy 15:7–11 व्यवस्थाविवरण 15:7–11जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसके किसी फाटक के भीतर यदि तेरे भाइयों में से कोई तेरे पास द्ररिद्र हो, तो अपने उस दरिद्र भाई के लिये न तो अपना हृदय कठोर करना, और न अपनी मुट्ठी कड़ी करना; जिस वस्तु की घटी उसको हो, उसका जितना प्रयोजन हो उतना अवश्य अपना हाथ ढीला करके उसको उधार देना। सचेत रह कि तेरे मन में ऐसी अधम चिन्ता न समाए, कि सातवां वर्ष जो छुटकारे का वर्ष है वह निकट है, और अपनी दृष्टि तू अपने उस दरिद्र भाई की ओर से क्रूर करके उसे कुछ न दे, तो यह तेरे लिये पाप ठहरेगा। तू उसको अवश्य देना, और उसे देते समय तेरे मन को बुरा न लगे; क्योकि इसी बात के कारण तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे सब कामों में जिन में तू अपना हाथ लगाएगा तुझे आशीष देगा। तेरे देश में दरिद्र तो सदा पाए जाएंगे, इसलिये मैं तुझे यह आज्ञा देता हूं कि तू अपने देश में अपने दीन- दरिद्र भाइयों को अपना हाथ ढीला करके अवश्य दान देना।।
- Luke 10:36–37 लूका 10:36–37अब मेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा? उस ने कहा, वही जिस ने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।।