Lamentations · chapter 1 · verse 7
Lamentations 1:7 in Hindi
यरूशलेम ने, इन दु:ख भरे और संकट के दिनों में, जब उसके लोग द्रोहियों के हाथ में पड़े और उसका कोई सहायक न रहा, तब अपनी सब मनभावनी वस्तुओं को जो प्राचीनकाल से उसकी थीं, स्मरण किया है। उसके द्रोहियों ने उसको उजड़ा देखकर ठट्ठों में उड़ाया है।
Yarooshalem ne, in du:kh bhare aur sankat ke dinom mem, jab usake log drohiyom ke haath mem pade aur usakaa koee sahaayak na rahaa, tab apanee sab manabhaavanee vastuom ko jo praacheenakaal se usakee theem, smaran kiyaa hai. Usake drohiyom ne usako ujadaa dekhakar thatthom mem udaayaa hai.
Lamentations 1:7 in English
- King James Version (KJV)
- Jerusalem remembered in the days of her affliction and of her miseries all her pleasant things that she had in the days of old, when her people fell into the hand of the enemy, and none did help her: the adversaries saw her, [and] did mock at her sabbaths.
- World English Bible (WEB)
- Jerusalem remembers in the days of her affliction and of her miseries all her pleasant things that were from the days of old; when her people fell into the hand of the adversary, and no one helped her. The adversaries saw her. They mocked at her desolations.
- American Standard Version (ASV)
- Jerusalem remembereth in the days of her affliction and of her miseries all her pleasant things that were from the days of old: When her people fell into the hand of the adversary, and none did help her, The adversaries saw her, they did mock at her desolations.
- Bible in Basic English (BBE)
- Jerusalem keeps in mind, in the days of her sorrow and of her wanderings, all the desired things which were hers in days gone by; when her people came into the power of her hater and she had no helper, her attackers saw their desire effected on her and made sport of her destruction.
- Darby Translation (DBY)
- In the days of her affliction and of her wanderings, since her people fell into the hand of an adversary, and none did help her, Jerusalem remembereth all her precious things which she had in the days of old: the adversaries have seen her, they mock at her ruin.
- Webster's Bible (WBS)
- Jerusalem remembered in the days of her affliction and of her miseries all her pleasant things that she had in the days of old, when her people fell into the hand of the enemy, and none helped her: the adversaries saw her, [and] mocked at her sabbaths.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Remembered hath Jerusalem [In] the days of her affliction and her mournings, all her desirable things that were from the days of old, In the falling of her people into the hand of an adversary, And she hath no helper; Seen her have adversaries, They have laughed at her cessation.
Read in context
- 5उसके द्रोही प्रधान हो गए, उसके शत्रु उन्नति कर रहे हैं, क्योंकि यहोवा ने उसके बहुत से अपराधों के कारण उसे दु:ख दिया है; उसके बाल-बच्चों को शत्रु हांक हांक कर बंधुआई में ले गए।
- 6सिय्योन की पुत्री का सारा प्रताप जाता रहा है। उसके हाकिम ऐसे हरिणों के समान हो गए हैं जो कुछ चराई नहीं पाते; वे खदेड़ने वालों के साम्हने से बलहीन हो कर भागते हैं।
- 7यरूशलेम ने, इन दु:ख भरे और संकट के दिनों में, जब उसके लोग द्रोहियों के हाथ में पड़े और उसका कोई सहायक न रहा, तब अपनी सब मनभावनी वस्तुओं को जो प्राचीनकाल से उसकी थीं, स्मरण किया है। उसके द्रोहियों ने उसको उजड़ा देखकर ठट्ठों में उड़ाया है।
- 8यरूशलेम ने बड़ा पाप किया, इसलिये वह अशुद्ध स्त्री सी हो गई है; जितने उसका आदर करते थे वे उसका निरादर करते हैं, क्योंकि उन्होंने उसकी नंगाई देखी है; हां, वह कराहती हुई मुंह फेर लेती है।
- 9उसकी अशुद्धता उसके वस्त्र पर है; उसने अपने अन्त का स्मरण न रखा; इसलिये वह भयंकर रीति से गिराई गई, और कोई उसे शान्ति नइीं देता है। हे यहोवा, मेरे दु:ख पर दृष्टि कर, क्योंकि शत्रु मेरे विरुद्ध सफल हुआ है!
Cross references
- Psalm 79:4 भजन संहिता 79:4पड़ोसियों के बीच हमारी नामधराई हुई; चारों ओर के रहनेवाले हम पर हंसते, और ठट्ठा करते हैं।।
- Deuteronomy 4:34–37 व्यवस्थाविवरण 4:34–37फिर क्या परमेश्वर ने और किसी जाति को दूसरी जाति के बीच में निकालने को कमर बान्धकर परीक्षा, और चिन्ह, और चमत्कार, और युद्ध, और बली हाथ, और बढ़ाई हुई भुजा से ऐसे बड़े भयानक काम किए, जैसे तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने मि में तुम्हारे देखते किए? यह सब तुझ को दिखाया गया, इसलिये कि तू जान रखे कि यहोवा ही परमेश्वर है; उसको छोड़ और कोई है ही नहीं। आकाश में से उस ने तुझे अपनी वाणी सुनाई कि तुझे शिक्षा दे; और पृथ्वी पर उस ने तुझे अपनी बड़ी आग दिखाई, और उसके वचन आग के बीच में से आते हुए तुझे सुन पड़े। और उस ने जो तेरे पितरों से प्रेम रखा, इस कारण उनके पीछे उनके वंश को चुन लिया, और प्रत्यक्ष होकर तुझे अपने बड़े सामर्थ्य के द्वारा मि से इसलिये निकाल लाया,
- Psalm 77:5–9 भजन संहिता 77:5–9मैं प्राचीनकाल के दिनों को, और युग युग के वर्षों को सोचा है। मैं रात के समय अपने गीत को स्मरण करता; और मन में ध्यान करता हूं, और मन में भली भांति विचार करता हूं: क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा? क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है? क्या ईश्वर अनुग्रह करना भूल गया? क्या उस ने क्रोध करके अपनी सब दया को रोक रखा है? (सेला)
- Psalm 42:4 भजन संहिता 42:4मैं भीड़ के संग जाया करता था, मैं जयजयकार और धन्यवाद के साथ उत्सव करनेवाली भीड़ के बीच में परमेश्वर के भवन को धीरे धीरे जाया करता था; यह स्मरण करके मेरा प्राण शोकित हो जाता है।
- Deuteronomy 8:7–9 व्यवस्थाविवरण 8:7–9क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे एक उत्तम देश में लिये जा रहा है, जो जल की नदियों का, और तराइयों और पहाड़ों से निकले हुए गहिरे गहिरे सोतों का देश है। फिर वह गेहूं, जौ, दाखलताओं, अंजीरों, और अनरों का देश है; और तेलवाली जलपाई और मधु का भी देश है। उस देश में अन्न की महंगी न होगी, और न उस में तुझे किसी पदार्थ की घटी होगी; वहां के पत्थर लोहे के हैं, और वहां के पहाड़ों में से तू तांबा खोदकर निकाल सकेगा।
- Micah 4:11 मीका 4:11और अब बहुत सी जातियां तेरे विरूद्ध इकट्ठी होकर तेरे विषय में कहेंगी सिरयोन अपवित्रा की जाए, और हम अपनी आंखों से उसको निहारें।
- Psalm 137:3–4 भजन संहिता 137:3–4क्योंकि जो हम को बन्धुए करके ले गए थे, उन्हों ने वहां हम से गीत गवाना चाहा, और हमारे रूलानेवलों ने हम से आनन्द चाहकर कहा, सिरयोन के गीतों में से हमारे लिये कोई गीत गाओ! हम यहोवा के गीत को, पराए देश में क्योंकर गाएं?
- Psalm 77:3 भजन संहिता 77:3मैं परमेश्वर का स्मरण कर करके कहरता हूं; मैं चिन्ता करते करते मूर्छित हो चला हूं। (सेला)
- Isaiah 5:1–4 यशायाह 5:1–4अब मैं अपने प्रिय के लिये और उसकी दाख की बारी के विषय में गीत गाऊंगा: एक अति उपजाऊ टीले पर मेरे प्रिय की एक दाख की बरी थी। उस ने उसकी मिट्टी खोदी और उसके पत्थर बीनकर उस में उत्तम जाति की एक दाखलता लगाई; उसके बीच में उस ने एक गुम्मट बनाया, और दाखरस के लिये एक कुण्ड भी खोदा; तब उस ने दाख की आशा की, परन्तु उस में निकम्मी दाखें ही लगीं।। अब हे यरूशलेम के निवासियों और हे यहूदा के मनुष्यों, मेरे और मेरी दाख की बारी के बीच न्याय करो। मेरी दाख की बारी के लिये और क्या करना रह गया जो मैं ने उसके लिये न किया हो? फिर क्या कारण है कि जब मैं ने दाख की आशा की तब उस में निकम्मी दाखें लगीं?
- Hosea 2:7 होशे 2:7वह अपने यारों के पीछे चलने से भी न पाएगी; और उन्हें ढूंढ़ने से भी न पाएगी। तब वह कहेगी, मैं अपने पहिले पति के पास फिर जाऊंगी, क्योंकि मेरी पहिली दशा इस समय की दशा से अच्छी थी।
- Psalm 147:19–20 भजन संहिता 147:19–20वह याकूब को अपना वचन, और इस्राएल को अपनी विधियां और नियम बताता है। किसी और जाति से उस ने ऐसा बर्ताव नहीं किया; और उसके नियमों को औरों ने नहीं जाता।। याह की स्तुति करो।
Original words (Hebrew)
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- remembered · H2142זָכַר zâkar
- days · H3117יוֹם yôwm
- affliction · H6040עֳנִי ʻŏnîy
- miseries · H4788מָרוּד mârûwd
- things · H4262מַחְמֻד machmud
- days · H3117יוֹם yôwm
- old · H6924קֶדֶם qedem
- people · H5971עַם ʻam
- fell · H5307נָפַל nâphal
- hand · H3027יָד yâd
- enemy · H6862צַר tsar
- help · H5826עָזַר ʻâzar
- adversaries · H6862צַר tsar
- saw · H7200רָאָה râʼâh
- mock · H7832שָׂחַק sâchaq
- sabbaths · H4868מִשְׁבָּת mishbâth