Lamentations · chapter 1 · verse 8
Lamentations 1:8 in Hindi
यरूशलेम ने बड़ा पाप किया, इसलिये वह अशुद्ध स्त्री सी हो गई है; जितने उसका आदर करते थे वे उसका निरादर करते हैं, क्योंकि उन्होंने उसकी नंगाई देखी है; हां, वह कराहती हुई मुंह फेर लेती है।
Yarooshalem ne badaa paap kiyaa, isaliye vah ashuddh stree see ho gaee hai; jitane usakaa aadar karate the ve usakaa niraadar karate haim, kyonki unhonne usakee nangaaee dekhee hai; haam, vah karaahatee huee munh pher letee hai.
Lamentations 1:8 in English
- King James Version (KJV)
- Jerusalem hath grievously sinned; therefore she is removed: all that honoured her despise her, because they have seen her nakedness: yea, she sigheth, and turneth backward.
- World English Bible (WEB)
- Jerusalem has grievously sinned. Therefore she has become unclean. All who honored her despise her, because they have seen her nakedness. Yes, she sighs and turns backward.
- American Standard Version (ASV)
- Jerusalem hath grievously sinned; therefore she is become as an unclean thing; All that honored her despise her, because they have seen her nakedness: Yea, she sigheth, and turneth backward.
- Bible in Basic English (BBE)
- Great is the sin of Jerusalem; for this cause she has become an unclean thing: all those who gave her honour are looking down on her, because they have seen her shame: now truly, breathing out grief, she is turned back.
- Darby Translation (DBY)
- Jerusalem hath grievously sinned; therefore is she removed as an impurity: all that honoured her despise her because they have seen her nakedness; and she sigheth, and turneth backward.
- Webster's Bible (WBS)
- Jerusalem hath grievously sinned; therefore she is removed: all that honored her despise her, because they have seen her nakedness: yes, she sigheth and turneth backward.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A sin hath Jerusalem sinned, Therefore impure she hath become, All who honoured her have esteemed her lightly, For they have seen her nakedness, Yea, she herself hath sighed and turneth backward.
Read in context
- 6सिय्योन की पुत्री का सारा प्रताप जाता रहा है। उसके हाकिम ऐसे हरिणों के समान हो गए हैं जो कुछ चराई नहीं पाते; वे खदेड़ने वालों के साम्हने से बलहीन हो कर भागते हैं।
- 7यरूशलेम ने, इन दु:ख भरे और संकट के दिनों में, जब उसके लोग द्रोहियों के हाथ में पड़े और उसका कोई सहायक न रहा, तब अपनी सब मनभावनी वस्तुओं को जो प्राचीनकाल से उसकी थीं, स्मरण किया है। उसके द्रोहियों ने उसको उजड़ा देखकर ठट्ठों में उड़ाया है।
- 8यरूशलेम ने बड़ा पाप किया, इसलिये वह अशुद्ध स्त्री सी हो गई है; जितने उसका आदर करते थे वे उसका निरादर करते हैं, क्योंकि उन्होंने उसकी नंगाई देखी है; हां, वह कराहती हुई मुंह फेर लेती है।
- 9उसकी अशुद्धता उसके वस्त्र पर है; उसने अपने अन्त का स्मरण न रखा; इसलिये वह भयंकर रीति से गिराई गई, और कोई उसे शान्ति नइीं देता है। हे यहोवा, मेरे दु:ख पर दृष्टि कर, क्योंकि शत्रु मेरे विरुद्ध सफल हुआ है!
- 10द्रोहियों ने उसकी सब मनभावनी वस्तुओं पर हाथ बढ़ाया है; हां, अन्यजातियों को, जिनके विषय में तू ने आज्ञा दी थी कि वे तेरी सभा में भागी न होने पाएंगी, उन को उसने तेरे पवित्रस्थान में घुसा हुआ देखा है।
Cross references
- Lamentations 1:20–22 विलापगीत 1:20–22हे यहोवा, दृष्टि कर, क्योंकि मैं संकट में हूँ, मेरी अन्तडिय़ां ऐंठी जाती हैं, मेरा हृदय उलट गया है, क्योंकि मैं ने बहुत बलवा किया है। बाहर तो मैं तलवार से निर्वश होती हूँ; और घर में मृत्यु विराज रही है। उन्होंने सुना है कि मैं कराहती हूँ, परन्तु कोई मुझे शान्ति नहीं देता। मेरे सब शत्रुओं ने मेरी विपत्ति का समाचार सुना है; वे इस से हषिर्त हो गए कि तू ही ने यह किया है। परन्तु जिस दिन की चर्चा तू ने प्रचार कर के सुनाई है उसको तू दिखा, तब वे भी मेरे समान हो जाएंगे। उनकी सारी दुष्टता की ओर दृष्टि कर; और जैसा मेरे सारे अपराधों के कारण तू ने मुझे दण्ड दिया, वैसा ही उन को भी दण्ड दे; क्योंकि मैं बहुत ही कराहती हूँ, और मेरा हृदय रोग से निर्बल हो गया है।
- Isaiah 59:2–13 यशायाह 59:2–13क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मो से अपवित्रा हो गई है; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं। क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मों से अपवित्रा हो गईं हैं; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं। कोई धर्म के साथ नालिश नहीं करता, न कोई सच्चाई से मुक मा लड़ता है; वे मिथ्या पर भरोसा रखते हैं और झूठ बातें बकते हैं, उसको मानो उत्पात का गर्भ रहता, और वे अनर्थ को जन्म देते हैं। वे सांपिन के अण्डे सेते और मकड़ी के जाले बनाते हैं; जो कोई उनके अण्डे खाता वह मर जाता है, और जब कोई एक को फोड़ता तब उस में से सपोला निकलता है। उनके जाले कपड़े का काम न देंगे, न वे अपने कामों से अपने को ढाप सकेंगे। क्योंकि उनके काम अनर्थ ही के होते हैं, और उनके हाथों से अपद्रव का काम होता है। वे बुराई करने को दौड़ते हैं, और निर्दोष की हत्या करने को तत्पर रहते हैं; उनकी युक्तियां व्यर्थ हैं, उजाड़ और विनाश ही उनके मार्गों में हैं। शान्ति का मार्ग वे जानते ही नहीं और न उनके व्यवहार में न्याय है; उनके पथ टेढ़े हैं, जो कोई उन पर चले वह शान्ति न पाएगा।। इस कारण न्याय हम से दूर है, और धर्म हमारे समीप ही नहीं आता हम उजियाले की बाट तो जोहते हैं, परन्तु, देखो अन्धियारा ही बना रहता है, हम प्रकाश की आशा तो लगाए हैं, परन्तु, घोर अन्धकार ही में चलते हैं। हम अन्धों के समान भीत टटोलते हैं, हां, हम बिना आंख के लोगों की नाईं टटोलते हैं; हम दिन- दोपहर रात की नाईं ठोकर खाते हैं, हृष्टपुष्टों के बीच हम मुर्दों के समान हैं। हम सब के सब रीछों की नाई चिल्लाते हैं और पण्डुकों के समान च्यूं च्यूं करते हैं; हम न्याय की बाट तो जोहते हैं, पर वह कहीं नहीं; और उद्धार की बाट जोहते हैं पर वह हम से दूर ही रहता है। क्योंकि हमारे अपराध तेरे साम्हने बहुत हुए हैं, हमारे पाप हमारे विरूद्ध साक्षी दे रहे हैं; हमारे अपराध हमारे संग हैं और हम अपने अधर्म के काम जानते हैं: हम ने यहोवा का अपराध किया है, हम उस से मुकर गए और अपने परमेश्वर के पीछे चलना छोड़ दिया, हम अन्धेर करने लगे और उलट फेर की बातें कहीं, हम ने झूठी बातें मन में गढ़ीं और कही भी हैं।
- Jeremiah 13:26 यिर्मयाह 13:26इसलिये मैं भी तेरा आंचल तेरे मुंह तक उठाऊंगा, तब तेरी लाज जानी जाएगी।
- Lamentations 1:11 विलापगीत 1:11उसके सब निवासी कराहते हुए भोजनवस्तु ढूंढ़ रहे हैं; उन्होंने अपना प्राण बचाने के लिऐ अपनी मनभावनी वस्तुएं बेच कर भोजन मोल लिया है। हे यहोवा, दृष्टि कर, और ध्यान से देख, क्योंकि मैं तुच्छ हो गई हूँ।
- Lamentations 1:4–5 विलापगीत 1:4–5सिय्योन के मार्ग विलाप कर रहे हैं, क्योंकि नियत पर्वों में कोई नहीं आता है; उसके सब फाटक सुनसान पड़े हैं, उसके याजक कराहते हैं; उसकी कुमारियां शोकित हैं, और वह आप कठिन दु:ख भोग रही है। उसके द्रोही प्रधान हो गए, उसके शत्रु उन्नति कर रहे हैं, क्योंकि यहोवा ने उसके बहुत से अपराधों के कारण उसे दु:ख दिया है; उसके बाल-बच्चों को शत्रु हांक हांक कर बंधुआई में ले गए।
- Jeremiah 13:22 यिर्मयाह 13:22और यदि तू अपने मन में सोचे कि ये बातें किस कारण मुझ पर पड़ी हैं, तो तेरे बड़े अधर्म के कारण तेरा आंचल उठाया गया है और तेरी एड़ियां बरियाई से नंगी की गई हैं।
- Lamentations 5:12–16 विलापगीत 5:12–16हाकिम हाथ के बल टांगे गए हैं; और पुरनियों का कुछ भी आदर नहीं किया गया। जवानों को चक्की चलानी पड़ती है; और लड़केबाले लकड़ी का बोझ उठाते हुए लडखड़ाते हैं। अब फाटक पर पुरनिये नहीं बैठते, न जवानों का गीत सुनाई पड़ता है। हमारे मन का हर्ष जाता रहा, हमारा नाचना विलाप में बदल गया है। हमारे सिर पर का मुकुट गिर पड़ा हे; हम पर हाय, क्योंकि हम ने पाप किया है!
- Lamentations 2:10 विलापगीत 2:10सिरयोन की पुत्री के पुरनिये भूमि पर चुपचाप बैठे हैं; उन्हों ने अपने सिर पर धूल उड़ाई और टाट का फेंटा बान्धा है; यरूशलेम की कूमारियों ने अपना अपना सिर भूमि तक झुकाया है।
- Isaiah 47:3 यशायाह 47:3तेरी नग्नता उघाड़ी जाएगी और तेरी लज्जा प्रगट होगी। मैं बदला लूंगा और किसी मनुष्य को ग्रहण न करूंगा।।
- Ezekiel 23:29 यहेजकेल 23:29और वे तुझ से वैर के साथ बर्ताव करेंगे, और तेरी सारी कमाई को उठा लेंगे, और तुझे नंगा करके छोड़ देंगे, और तेरे तन के उघाड़े जाने से तेरा व्यभिचार और महापाप प्रगट हो जाएगा।
- Jeremiah 6:28 यिर्मयाह 6:28वे सब बहुत ही हटी हैं, वे लुतराई करते फिरते हैं; उन सभों की चाल बिगड़ी है, वे निरा ताम्बा और लोहा ही हैं।
- Hosea 2:3 होशे 2:3हनंी तो मैं उसके वस्त्रा उतारकर उसको जन्म के दिन के समान नंगी कर दूंगा, और उसको मरूस्थल के समान और मरूभूमि सरीखी बनाऊंगा, और उसे प्यास से मार डालूंगा।
Original words (Hebrew)
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- grievously · H2399חֵטְא chêṭᵉʼ
- sinned · H2398חָטָא châṭâʼ
- removed · H5206נִידָה nîydâh
- honoured · H3513כָּבַד kâbad
- despise · H2107זוּל zûwl
- seen · H7200רָאָה râʼâh
- nakedness · H6172עֶרְוָה ʻervâh
- sigheth · H584אָנַח ʼânach
- turneth · H7725שׁוּב shûwb
- backward · H268אָחוֹר ʼâchôwr