Luke · chapter 18 · verse 16
Luke 18:16 in Hindi
यीशु न बच्चों को पास बुलाकर कहा, बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो: क्योंकि परमेश्वर का राज्य ऐसों की का है।
Yeeshu na bachchom ko paas bulaakar kahaa, baalakom ko mere paas aane do, aur unhem manaa na karo: kyonki parameshvar kaa raajy aisom kee kaa hai.
Luke 18:16 in English
- King James Version (KJV)
- But Jesus called them [unto him], and said, Suffer little children to come unto me, and forbid them not: for of such is the kingdom of God.
- World English Bible (WEB)
- Jesus summoned them, saying, “Allow the little children to come to me, and don’t hinder them, for God’s Kingdom belongs to such as these.
- American Standard Version (ASV)
- But Jesus called them unto him, saying, Suffer the little children to come unto me, and forbid them not: for to such belongeth the kingdom of God.
- Bible in Basic English (BBE)
- But Jesus sent for them, saying, Let the children come to me, and do not keep them away, for of such is the kingdom of heaven.
- Darby Translation (DBY)
- But Jesus calling them to [him] said, Suffer little children to come to me, and do not forbid them, for of such is the kingdom of God.
- Webster's Bible (WBS)
- But Jesus called them [to him] , and said, Suffer little children to come to me, and forbid them not: for of such is the kingdom of God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Jesus having called them near, said, 'Suffer the little children to come unto me, and forbid them not, for of such is the reign of God;
Read in context
- 14मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जाकर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।
- 15फिर लोग अपने बच्चों को भी उसके पास लाने लगे, कि वह उन पर हाथ रखे; और चेलों ने देखकर उन्हें डांटा।
- 16यीशु न बच्चों को पास बुलाकर कहा, बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो: क्योंकि परमेश्वर का राज्य ऐसों की का है।
- 17मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो कोई परमशॆवर के राज्य को बालक की नाई ग्रहण न करेगा वह उस में कभी प्रवेश करने न पाएगा।।
- 18किसी सरदार ने उस से पूछा, हे उत्तम गुरू, अनन्तजीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं?
Cross references
- Matthew 18:3–4 मत्ती 18:3–4और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा।
- 1 Corinthians 14:20 1 कुरिन्थियों 14:20हे भाइयो, तुम समझ में बालक न बनो: तौभी बुराई में तो बालक रहो, परन्तु समझ में सियाने बानो।
- Deuteronomy 31:12 व्यवस्थाविवरण 31:12क्या पुरूष, क्या स्त्री, क्या बालक, क्या तुम्हारे फाटकों के भीतर के परदेशी, सब लोगों को इकट्ठा करना कि वे सुनकर सीखें, और तुम्हारे परमेश्वर यहोवा का भय मानकर, इस व्यवस्था के सारे वचनों के पालन करने में चौकसी करें,
- 1 Corinthians 7:14 1 कुरिन्थियों 7:14क्योंकि ऐसा पति जो विश्वास न रखता हो, वह पत्नी के कारण पवित्रा ठहरता है, और ऐसी पत्नी जो विश्वास नहीं रखती, पति के कारण पवित्रा ठहरती है; नहीं तो तुम्हारे लड़केबालें अशुद्ध होते, परन्तु अब तो पवित्रा हैं।
- 1 Peter 2:2 1 पतरस 2:2नये जन्में हुए बच्चों की नाई निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।
- Genesis 21:4 उत्पत्ति 21:4और जब उसका पुत्रा इसहाक आठ दिन का हुआ, तब उस ने परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार उसक खतना किया।
- Acts 2:39 प्रेरितों के काम 2:39क्योंकि यह प्रतिज्ञा तुम, और तुम्हारी सन्तानों, और उन सब दूर दूर के लोगों के लिये भी है जिनको प्रभु हमारा परमेश्वर अपने पास बुलाएगा।
- Deuteronomy 29:11 व्यवस्थाविवरण 29:11क्या तुम्हारे बालबच्चे और स्त्रियां, क्या लकड़हारे, क्या पनभरे, क्या तेरी छावनी में रहनेवाले परदेशी, तुम सब के सब अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने इसलिये खड़े हुए हो,
- 2 Chronicles 20:13 2 इतिहास 20:13और सब यहूदी अपने अपने बालबच्चों, स्त्रीयों और पुत्रों समेत यहोवा के सम्मुख खड़े रहे।
- Jeremiah 32:39 यिर्मयाह 32:39मैं उन को एक ही मन और एक ही चाल कर दूंगा कि वे सदा मेरा भय मानते रहें, जिस से उनका और उनके बाद उनके वंश का भी भला हो।
- Genesis 47:10–14 उत्पत्ति 47:10–14और याकूब फिरौन को आशीर्वाद देकर उसके सम्मुख से चला गया। तब यूसुफ ने अपने पिता और भाइयों को बसा दिया, और फिरौन की आज्ञा के अनुसार मि देश के अच्छे से अच्छे भाग में, अर्थात् रामसेस नाम देश में, भूमि देकर उनको सौंप दिया। और यूसुफ अपने पिता का, और अपने भाइयों का, और पिता के सारे घराने का, एक एक के बालबच्चों के घराने की गिनती के अनुसार, भोजन दिला दिलाकर उनका पालन पोषण करने लगा।। और उस सारे देश में खाने को कुछ न रहा; क्योंकि अकाल बहुत भारी था, और अकाल के कारण मि और कनान दोनों देश नाश हो गए। और जितना रूपया मि और कनान देश में था, सब को यूसुफ ने उस अन्न की सन्ती जो उनके निवासी मोल लेते थे इकट्ठा करके फिरौन के भवन में पहुंचा दिया।