Luke · chapter 18 · verse 9
Luke 18:9 in Hindi
और उस ने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्छ जानते थे, यह दृष्टान्त कहा।
Aur us ne kitano se jo apane oopar bharosaa rakhate the, ki ham dharmee haim, aur aurom ko tuchchh jaanate the, yah drushtaant kahaa.
Luke 18:9 in English
- King James Version (KJV)
- And he spake this parable unto certain which trusted in themselves that they were righteous, and despised others:
- World English Bible (WEB)
- He also spoke this parable to certain people who were convinced of their own righteousness, and who despised all others:
- American Standard Version (ASV)
- And he spake also this parable unto certain who trusted in themselves that they were righteous, and set all others at nought:
- Bible in Basic English (BBE)
- And he made this story for some people who were certain that they were good, and had a low opinion of others:
- Darby Translation (DBY)
- And he spoke also to some, who trusted in themselves that they were righteous and made nothing of all the rest [of men], this parable:
- Webster's Bible (WBS)
- And he spoke this parable to certain who trusted in themselves that they were righteous, and despised others:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he spake also unto certain who have been trusting in themselves that they were righteous, and have been despising the rest, this simile:
Read in context
- 7सो क्या परमेश्र अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात- दिन उस की दुहाई देते रहते; और क्या वह उन के विषय में देन करेगा?
- 8मैं तुम से कहता हूं; वह तुरन्त उन का न्याय चुकाएगा; तौभी मनुष्य का पुत्रा जब आएगा, तो क्या वह पृथ्वी पर विश्वास पाएगा?
- 9और उस ने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्छ जानते थे, यह दृष्टान्त कहा।
- 10कि दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेनेवाला।
- 11फरीसी खड़ा होकर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाई अन्धेर करनेवाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेनेवाले के समान हूं।
Cross references
- Luke 16:15 लूका 16:15उस ने उन से कहा; तुम तो मनुष्यों के साम्हने अपने आप को धर्मी ठहराते हो: परन्तु परमेश्वर तुम्हारे मन को जानता है, क्योंकि जो वस्तु मनुष्यों की दृष्टि में महान है, वह परमेश्वर के निकट घृणित है।
- Proverbs 30:12 नीतिवचन 30:12ऐसे लोग हैं जो अपनी दृष्टि में शुद्ध हैं, तौभी उनका मैल धोया नहीं गया।
- Isaiah 65:5 यशायाह 65:5जो कहते हैं, हट जा, मेरे निकट मत आ, क्योंकि मैं तुझ से पवित्रा हूं। ये मेरी नाक में धूंएं व उस आग के समान हैं जो दिन भर जलती रहती है।
- Romans 10:3 रोमियों 10:3क्योंकि वे परमेश्वर की धार्मिकता से अनजान होकर, और अपनी धार्मिकता स्थापन करने का यत्न करके, परमेश्वर की धार्मिकता के आधीन न हुए।
- Romans 14:10 रोमियों 14:10तू अपने भाई पर क्यों दोष लगाता है? या तू फिर क्यों अपने भाई को तुच्छ जानता है? हम सब के सब परमेश्वर के न्याय सिंहासन के साम्हने खड़े होंगे।
- Romans 9:31–32 रोमियों 9:31–32परन्तु इस्त्राएली; जो धर्म की व्यवस्था की खोज करते हुए उस व्यवस्था तक नहीं पहुंचे। किस लिये? इसलिये कि वे विश्वास से नहीं, परन्तु मानों कर्मों से उस की खोज करते थे: उन्हों ने उस ठोकर के पत्थर पर ठोकर खाई।
- Luke 7:39 लूका 7:39यह देखकर, वह फरीसी जिस ने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है? क्यशेंकि वह तो पापिनी है।
- John 7:47–49 यूहन्ना 7:47–49फरीसियों ने उन को उत्तर दिया, क्या तुम भी भरमाए गए हो? क्या सरदारों या फरीसियों में से किसी ने भी उस पर विश्वास किया है? परन्तु ये लोग जो व्यवस्था नहीं जानते, स्त्रापित हैं।
- Romans 7:9 रोमियों 7:9मैं तो व्यवस्था बिना पहिले जीवित था, परन्तु जब आज्ञा आई, तो पाप जी गया, और मैं मर गया।
- Luke 18:11 लूका 18:11फरीसी खड़ा होकर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाई अन्धेर करनेवाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेनेवाले के समान हूं।
- Luke 19:7 लूका 19:7यह देखकर सब लोगे कुड़कुड़ाकर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है।
- Luke 10:29 लूका 10:29परन्तु उस ने अपनी तईं धर्मी ठहराने की इच्छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है?
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- spake · G2036ἔπω épō
- this · G3778οὗτος hoûtos
- parable · G3850παραβολή parabolḗ
- unto · G4314πρός prós
- certain · G5100τὶς tìs
- which · G3588ὁ ho
- trusted · G3982πείθω peíthō
- in · G1909ἐπί epí
- themselves · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- that · G3754ὅτι hóti
- were · G1526εἰσί eisí
- righteous · G1342δίκαιος díkaios
- and · G2532καί kaí
- despised · G1848ἐξουθενέω exouthenéō
- others · G3062λοιποί loipoí