Luke · chapter 19 · verse 40
Luke 19:40 in Hindi
उस ने उत्तर दिया, कि तुम में से कहता हूं, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे।।
Us ne uttar diyaa, ki tum mem se kahataa hoom, yadi ye chup rahem, to patthar chillaa uthenge..
Luke 19:40 in English
- King James Version (KJV)
- And he answered and said unto them, I tell you that, if these should hold their peace, the stones would immediately cry out.
- World English Bible (WEB)
- He answered them, “I tell you that if these were silent, the stones would cry out.”
- American Standard Version (ASV)
- And he answered and said, I tell you that, if these shall hold their peace, the stones will cry out.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said in answer, I say to you, if these men keep quiet, the very stones will be crying out.
- Darby Translation (DBY)
- And he answering said to them, I say unto you, If these shall be silent, the stones will cry out.
- Webster's Bible (WBS)
- And he answered and said to them, I tell you, that if these should hold their peace, the stones would immediately cry out.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he answering said to them, 'I say to you, that, if these shall be silent, the stones will cry out!'
Read in context
- 38कि धन्य है वह राजा, जो प्रभु के नाम से आता है; स्वर्ग में शान्ति और आकाश मण्डल में महिमा हो।
- 39तब भीड़ में से कितने फरीसी उस से कहने लगे, हे गुरू अपने चेलों को डांट।
- 40उस ने उत्तर दिया, कि तुम में से कहता हूं, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे।।
- 41जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया।
- 42और कहा, क्या ही भला होता, कि तू; हां, तू ही, इसी दिन में कुशल की बातें जानता, परन्तु अब वे तेरी आंखों से छिप गई हैं।
Cross references
- Habakkuk 2:11 हबक्कूक 2:11क्योंकि घर की भीत का पत्थर दोहाई देता है, और उसके छत की कड़ी उनके स्वर में स्वर मिलाकर उत्तर देती हैं।
- Isaiah 55:12 यशायाह 55:12क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाड़ियां गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे।
- Matthew 3:9 मत्ती 3:9और अपने अपने मन में यह न सोचो, कि हमारा पिता इब्राहीम है; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर इन पत्थरों से इब्राहीम के लिये सन्तान उत्पन्न कर सकता है।
- Psalm 96:11 भजन संहिता 96:11आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो; समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें;
- Psalm 98:7–9 भजन संहिता 98:7–9समुद्र औश्र उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें! नदियां तालियां बजाएं; पहाड़ मिलकर जयजयकार करें। यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है। वह धर्म से जगत का, और सीधाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।।
- Psalm 114:1–8 भजन संहिता 114:1–8जब इस्राएल ने मि से, अर्थात् याकूब के घराने ने अन्य भाषावालों के बीच में कूच किया, तब यहूदा यहोवा का पवित्रास्थान और इस्राएल उसके राज्य के लोग हो गए।। समुद्र देखकर भागा, यर्दन नदी उलटी बही। पहाड़ मेढ़ों की नाईं उछलने लगे, और पहाड़ियां भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलने लगीं।। हे समुद्र, तुझे क्या हुआ, कि तू भागा? और हे यर्दन तुझे क्या हुआ, कि तू उलठी बही? हे पहाड़ों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़ों की नाईं, और हे पहाड़ियों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलीं? हे पृथ्वी प्रभु के साम्हने, हां याकूब के परमेश्वर के साम्हने थरथरा। वह चट्टान को जल का ताल, चकमक के पत्थर को जल का सोता बना डालता है।।
- Matthew 27:51–54 मत्ती 27:51–54और देखो मन्दिर का परदा ऊपर से नीचे तक फट कर दो टुकड़े हो गया: और धरती डोल गई और चटानें तड़कर गईं। और कब्रें खुल गईं; और सोए हुए पवित्रा लोगों की बहुत लोथें जी उठीं। और उसके जी उठने के बाद वे कब्रों में से निकलकर पवित्रा नगर में गए, और बहुतों को दिखाई दिए। तब सूबेदार और जो उसके साथ यीशु का पहरा दे रहे थे, भुईडोल और जो कुछ हुआ था, देखकर अत्यन्त डर गए, और कहा, सचमुच "यह परमेश्वर का पुत्रा था"।
- Matthew 21:15–16 मत्ती 21:15–16परन्तु जब महायजकों और शास्त्रियों ने इन अद्भुत कामों को, जो उस ने किए, और लड़कों को मन्दिर में दाऊद की सन्तान को होशाना पुकारते हुए देखा, तो क्रोधित होकर उस से कहने लगे, क्या तू सुनता है कि ये क्या कहते हैं? यीशु ने उन से कहा, हां; क्या तुम ने यह कभी नहीं पढ़ा, कि बालकों और दूध पीते बच्चों के मुंह से तु ने स्तुति सिद्ध कराई?
- 2 Peter 2:6 2 पतरस 2:6और सदोम और अमोरा के नगरों को विनाश का ऐसा दण्ड दिया, कि उन्हें भस्म करके राख में मिला दिया ताकि वे आनेवाले भक्तिहीन लोगों की शिक्षा के लिये एक दृष्टान्त बनें।