Luke · chapter 20 · verse 1
Luke 20:1 in Hindi
एक दिन ऐसा हुआ कि जब वह मन्दिर में लोगों को उपदेश देता और सुसमाचार सुना रहा था, तो महायाजक और शास्त्री, पुरनियों के साथ पास आकर खड़े हुए।
Ek din aisaa huaa ki jab vah mandir mem logom ko upadesh detaa aur susamaachaar sunaa rahaa thaa, to mahaayaajak aur shaastree, puraniyom ke saath paas aakar khade hue.
Luke 20:1 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass, [that] on one of those days, as he taught the people in the temple, and preached the gospel, the chief priests and the scribes came upon [him] with the elders,
- World English Bible (WEB)
- On one of those days, as he was teaching the people in the temple and preaching the Good News, the priests and scribes came to him with the elders.
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass, on one of the days, as he was teaching the people in the temple, and preaching the gospel, there came upon him the chief priests and the scribes with the elders;
- Bible in Basic English (BBE)
- And it came about on one of those days, when he was teaching the people in the Temple and preaching the good news,
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass on one of the days, as he was teaching the people in the temple, and announcing the glad tidings, the chief priests and the scribes with the elders came up,
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass, [that] on one of those days, as he was teaching the people in the temple, and preaching the gospel, the chief priests and the scribes came upon [him] , with the elders,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it came to pass, on one of those days, as he is teaching the people in the temple, and proclaiming good news, the chief priests and the scribes, with the elders, came upon [him],
Read in context
- 1एक दिन ऐसा हुआ कि जब वह मन्दिर में लोगों को उपदेश देता और सुसमाचार सुना रहा था, तो महायाजक और शास्त्री, पुरनियों के साथ पास आकर खड़े हुए।
- 2और कहने लगे, कि हमें बता, तू इन कामों को किस अधिकार से करता है, और वह कौन है, जिस ने तुझे यह अधिकार दिया है?
- 3उस ने उन को उत्तर दिया, कि मैं भी तुम में से एक बात पूछता हूं; मुझे बताओ।
Cross references
- Matthew 21:23–27 मत्ती 21:23–27वह मन्दिर में जाकर उपदेश कर रहा था, कि महायाजकों और लोगों के पुरनियों ने उसके पास आकर पूछा, तू ये काम किस के अधिकार से करता है? और तुझे यह अधिकार किस ने दिया है? यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि मैं भी तुम से एक बात पूछता हूं; यदि वह मुझे बताओगे, तो मैं भी तुम्हें बताऊंगा; कि ये काम किस अधिकार से करता हूं। यूहन्ना का बपतिस्मा कहां से था? स्वर्ग की ओर से या मनुष्यों की ओर से था? तब वे आपस में विवाद करने लगे, कि यदि हम कहें स्वर्ग की ओर से, तो वह हमे से कहेगा, फिर तुम ने उस की प्रतीति क्यों न की? और यदि कहें मनुष्यों की ओर से तो हमें भीड़ का डर है; क्योंकि वे सब युहन्ना को भविष्यद्वक्ता जानते हैं। सो उन्हों ने यीशु को उत्तर दिया, कि हम नहीं जानते; उस ने भी उन से कहा, तो मैं भी तुम्हें नहीं बताता, कि ये काम किस अधिकार से करता हूं।
- Luke 8:1 लूका 8:1इस के बाद वह नगर नगर और गांव गांव प्रचार करता हुआ, और परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार सुनाता हुआ, फिरने लगा।
- John 18:20 यूहन्ना 18:20यीशु ने उस को उत्तर दिया, कि मैं ने जागत से खोलकर बातें की; मैं ने सभाओं और आराधनालय में जहां सब यहूदी इकट्ठे हुआ करते हैं सदा उपदेश किया और गुप्त में कुछ भी नहीं कहा।
- Acts 4:1 प्रेरितों के काम 4:1जब वे लोगों से यह कह रहे थे, तो याजक और मन्दिर के सरदार और सदूकी उन पर चढ़ आएं।
- 1 Chronicles 24:1–31 1 इतिहास 24:1–31फिर हारून की सन्तान के दल ये थे। हारून के पुत्र तो नादाब, अबीहू, एलीआजर और ईतामार थे। परन्तु नादाब और अबीहू अपने पिता के साम्हने पुत्रहीन मर गए, इस लिये याजक का काम एलीआजर और ईतामार करते थे। और दाऊद ने एलीआजर के वंश के सादोक और ईतामार के वंश के अहांमेलेक की सहायता से उन को अपनी अपनी सेवा के अनुसार दल दल कर के बांट दिया। और एलीआजर के वंश के मुख्य पुरुष, ईतामार के वंश के मुख्य पुरुषों से अधिक थे, और वे यों बांटे गए अर्थात एलीआजर के वंश के पितरों के घरानों के सोलह, और ईतामार के वंश के पितरों के घरानों के आठ मुख्य पुरुष थे। तब वे चिट्ठी डाल कर बराबर बराबर बांटे गए, क्योंकि एलीआजर और ईतामार दोनों के वंशों में पवित्रस्थान के हाकिम और परमेश्वर के हाकिम नियुक्त हुए थे। और नतनेल के पुत्र शमायाह ने जो लेवीय था, उनके नाम राजा और हाकिमों और सादोक याजक, और एब्यातार के पुत्र अहीमेलेक और याजकों और लेवियों के पितरों के घरानों के मुख्य पुरुषों के साम्हने लिखे; अर्थात पितरों का एक घराना तो एलीआजर के वंश में से और एक ईतामार के वंश में से लिया गया। पहिली चिट्ठी तो यहोयारीब के, और दूसरी यदायाह, तीसरी हारीम के, चौथी सोरीम के, पांचवीं मल्किय्याह के, छठवीं मिय्यामीन के, सातवीं हक्कोस के, आठवीं अबिय्याह के, नौवीं येशू के, दसवीं शकन्याह के, ग्यारहवीं एल्याशीब के, बारहवीं याकीम के, तेरहवीं हुप्पा के, चौदहवीं येसेबाब के, पन्द्रहवीं बिल्गा के, सोलहवीं इम्मेर के, सतरहवीं हेजीर के, अठारहवीं हप्पित्सेस के, उन्नीसवीं पतह्याह के, बीसवीं यहेजकेल के, इक्कीसवीं याकीन के, बाईसवीं गामूल के, तेईसवीं दलायाह के, और चौबीसवीं साज्याह के नाम पर निकलीं। उनकी सेवकाई के लिये उनका यही नियम ठहराया गया कि वे अपने उस नियम के अनुसार जो इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार उनके मूलपुरुष हारून ने चलाया था, यहोवा के भवन में जाया करें। बचे हुए लेवियों में से अम्राम के वंश में से शूबाएल, शूबाएल के वंश में से येहदयाह। बचा रहब्याह, सोरहब्याह, के वंश में से यिश्शिय्याह मुख्य था। इसहारियों में से शलोमोत और हालोमोत के वंश में से यहत। और हेब्रोन के वंश में से मुख्य तो यरिय्याह, दूसरा अमर्याह, तीसरा यहजीएल, और चौथा यकमाम। उज्जीएल के वंश में से मीका और मीका के वंश में से शामीर। मीका का भाई यिश्शिय्याह, यिश्शिय्याह के वंश में से जकर्याह। मरारी के पुत्र महली और मूशी और याजिय्याह का पुत्र बिनो था। मरारी के पुत्र: याजिय्याह से बिनो और शोहम, जक्कू और इब्री थे। महली से, एलीआजर जिसके कोई पुत्र न था। कीश से कीश के वंश में यरह्योल। और मूशी के पुत्र, महली, एदेर और यरीमोत। अपने अपने पितरो के घरानों के अनुसार ये ही लेवीय सन्तान के थे। इन्होंने भी अपने भाई हारून की सन्तानों की नाईं दाऊद राजा और सादोक और अहीमेलेक और याजकों और लेवियों के पितरों के घरानों के मुख्य पुरुषों के साम्हने चिट्ठियां डालीं, अर्थात मुख्य पुरुष के पितरों का घराना उसके छोटे भाई के पितरों के घराने के बराबर ठहरा।
- Luke 19:47–48 लूका 19:47–48और वह प्रति दिन मन्दिर में उपदेश करता था: और महायाजक और शास्त्री और लोागों के रईस उसे नाश करने का अवसर ढूंढ़ते थे। परन्तु कोई उपाय न निकाल सके; कि यह किस प्रकार करें क्योंकि सब लोग बड़ी चाह से उस की सुनते थे।
- Mark 11:27–33 मरकुस 11:27–33वे फिर यरूशलेम में आए, और जब वह मन्दिर में टहल रहा था तो महायाजक और शास्त्री और पुरनिए उसके पास आकर पूछने लगे। कि तू ये काम किस अधिकार से करता है? और यह अधिकार तुझे किस ने दिया है कि तू ये काम करे? यीशु ने उस से कहा: मैं भी तुम से एक बात पूछता हूं; मुझे उत्तर दो: तो मैं तुम्हें बताऊंगा कि ये काम किस अधिकार से करता हूं। यूहन्ना का बपतिस्मा क्या स्वर्ग की ओर से था वा मनुष्यों की ओर से था? मुझे उत्तर दो। तब वे आपस में विवाद करने लगे कि यदि हम कहें, स्वर्ग की ओर से, तो वह कहेगा; फिर तुम ने उस की प्रतीति क्यों नहीं की? और यदि हम कहें, मनुष्यों की ओर से तो लोगों का डर है, क्योंकि सब जानते हैं कि यूहन्ना सचमुच भविष्यद्वक्ता है। सो उन्हों ने यीशु को उत्तर दिया, कि हम नहीं जानते: यीशु ने उन से कहा, मैं भी तुम को नहीं बताता, कि ये काम किस अधिकार से करता हूं।।
- Acts 6:12 प्रेरितों के काम 6:12और लोगों और प्राचीनों और शास्त्रियों को भड़काकर चढ़ आए और उसे पकड़कर महासभा में ले आए।
- Matthew 26:55 मत्ती 26:55उसी घड़ी यीशु ने भीड़ से कहा; क्या तुम तलवारें और लाठियां लेकर मुझे डाकू के समान पकड़ने के लिये निकले हो? मैं हर दिन मन्दिर में बैठकर उपदेश दिया करता था, और तुम ने मुझे नहीं पकड़ा।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- pass · G1096γίνομαι gínomai
- on · G1722ἐν en
- one · G1520εἷς heîs
- those · G1565ἐκεῖνος ekeînos
- days · G2250ἡμέρα hēméra
- he · G846αὐτός autós
- taught · G1321διδάσκω didáskō
- people · G2992λαός laós
- in · G1722ἐν en
- temple · G2411ἱερόν hierón
- and · G2532καί kaí
- gospel · G2097εὐαγγελίζω euangelízō
- priests · G749ἀρχιερεύς archiereús
- and · G2532καί kaí
- scribes · G1122γραμματεύς grammateús
- upon · G2186ἐφίστημι ephístēmi
- with · G4862σύν sýn
- elders · G4245πρεσβύτερος presbýteros