Luke · chapter 19 · verse 48
Luke 19:48 in Hindi
परन्तु कोई उपाय न निकाल सके; कि यह किस प्रकार करें क्योंकि सब लोग बड़ी चाह से उस की सुनते थे।
Parantu koee upaay na nikaal sake; ki yah kis prakaar karem kyonki sab log badee chaah se us kee sunate the.
Luke 19:48 in English
- King James Version (KJV)
- And could not find what they might do: for all the people were very attentive to hear him.
- World English Bible (WEB)
- They couldn’t find what they might do, for all the people hung on to every word that he said.
- American Standard Version (ASV)
- and they could not find what they might do; for the people all hung upon him, listening.
- Bible in Basic English (BBE)
- But they were not able to do anything, because the people all kept near him, being greatly interested in his words.
- Darby Translation (DBY)
- and did not find what they could do, for all the people hung on him to hear.
- Webster's Bible (WBS)
- And could not find what they might do: for all the people were very attentive to hear him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they were not finding what they shall do, for all the people were hanging on him, hearing him.
Read in context
- 46और उन से कहा, लिखा है; कि मेरा घर प्रार्थना का घर होगा: परन्तु तुम ने उसे डाकुओं की खोह बना दिया है।।
- 47और वह प्रति दिन मन्दिर में उपदेश करता था: और महायाजक और शास्त्री और लोागों के रईस उसे नाश करने का अवसर ढूंढ़ते थे।
- 48परन्तु कोई उपाय न निकाल सके; कि यह किस प्रकार करें क्योंकि सब लोग बड़ी चाह से उस की सुनते थे।
Cross references
- Nehemiah 8:3 नहेमायाह 8:3और वह उसकी बातें भोर से दो पहर तक उस चौक के साम्हने जो जलफाटक के साम्हने था, क्या स्त्री, क्या पुरूष और सब समझने वालों को पढ़कर सुनाता रहा; और लोग व्यवस्था की पुस्तक पर कान लगाए रहे।
- Acts 16:14 प्रेरितों के काम 16:14और लुदिया नाम थुआथीरा नगर की बैंजनी कपड़े बेचनेवाली एक भक्त स्त्री सुनती थी, और प्रभु ने उसका मन खोला, ताकि पौलुस की बातों पर चित्त लगाए।
- Luke 22:2–4 लूका 22:2–4और महायाजक और शास्त्री इस बात की खोज में थे कि उस को क्योंकर मार डालें, पर वे लोगों से डरते थे।। और शैतान यहूदा में समाया, जो इस्करियोती कहलाता और बारह चेलों में गिना जाता था। उस ने जाकर महायाजकों और पहरूओं के सरदारों के साथ बातचीत की, कि उस को किस प्रकार उन के हाथ पकड़वाए।
- Matthew 22:15–16 मत्ती 22:15–16तब फरीसियों ने जाकर आपस में विचार किया, कि उस को किस प्रकार बातों में फंसाएं। सो उन्हों ने अपने चेलों को हेरोदियों के साथ उसके पास यह कहने को भेजा, कि हे गुरू; हम जानते हैं, कि तू सच्चा है; और परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से सिखाता है; और किसी की परवा नहीं करता, क्योंकि तू मनुष्यों का मुंह देखकर बातें नही करता।
- John 7:46–49 यूहन्ना 7:46–49सिपाहियों ने उत्तर दिया, कि किसी मनुष्य ने कभी ऐसी बातें न की। फरीसियों ने उन को उत्तर दिया, क्या तुम भी भरमाए गए हो? क्या सरदारों या फरीसियों में से किसी ने भी उस पर विश्वास किया है? परन्तु ये लोग जो व्यवस्था नहीं जानते, स्त्रापित हैं।
- Luke 20:19–20 लूका 20:19–20उसी घड़ी शास्त्रियों और महायाजकों ने उसे पकड़ना चाहा, क्योंकि समझ गए, कि उस ने हम पर यह दृष्टान्त कहा, परन्तु वे लोगों से डरे। और वे उस की ताक में लगे और भेदिये भेजे, कि धर्म का भेष धरकर उस की कोई न कोई बात पकड़ें, कि उसे हाकिम के हाथ और अधिकार में सौंप दें।