Luke · chapter 22 · verse 26
Luke 22:26 in Hindi
परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे की नाई और जो प्रधान है, वह सेवक की नाई बने।
Parantu tum aise na honaa; varan jo tum mem badaa hai, vah chhote kee naaee aur jo pradhaan hai, vah sevak kee naaee bane.
Luke 22:26 in English
- King James Version (KJV)
- But ye [shall] not [be] so: but he that is greatest among you, let him be as the younger; and he that is chief, as he that doth serve.
- World English Bible (WEB)
- But not so with you. Rather, the one who is greater among you, let him become as the younger, and one who is governing, as one who serves.
- American Standard Version (ASV)
- But ye [shall] not [be] so: but he that is the greater among you, let him become as the younger; and he that is chief, as he that doth serve.
- Bible in Basic English (BBE)
- But let it not be so with you; but he who is greater, let him become like the younger; and he who is chief, like a servant.
- Darby Translation (DBY)
- But ye [shall] not [be] thus; but let the greater among you be as the younger, and the leader as he that serves.
- Webster's Bible (WBS)
- But ye [shall] not [be] so: but he that is greatest among you, let him be as the younger; and he that is chief, as he that doth serve.
- Young's Literal Translation (YLT)
- but ye [are] not so, but he who is greater among you — let him be as the younger; and he who is leading, as he who is ministering;
Read in context
- 24उन में यह वाद- विवाद भी हुआ; कि हम में से कौन बड़ा समझा जाता है?
- 25उस ने उन से कहा, अन्यजातियों के राजा उन पर प्रभुता करते हैं; और जो उन पर अधिकार रखते हैं, वे उपकारक कहलाते हैं।
- 26परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे की नाई और जो प्रधान है, वह सेवक की नाई बने।
- 27क्योंकि बड़ा कौन है; वह जो भोजन पर बैठा या वह जो सेवा करता है? क्या वह नहीं जो भोजन पर बैठा है? पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक की नाईं हूं।
- 28परन्तु तुम वह हो, जो मेरी परीक्षाओं में लगातार मेरे साथ रहे।
Cross references
- 1 Peter 5:5 1 पतरस 5:5हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, बरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।
- 1 Peter 5:3 1 पतरस 5:3और जो लोग तुम्हें सौंपे गए हैं, उन पर अधिकार न जताओ, बरन झुंड के लिये आदर्श बनो।
- Mark 9:35 मरकुस 9:35तब उस ने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने।
- Matthew 23:8–12 मत्ती 23:8–12परन्तु, तुम रब्बी न कहलाना; कयोंकि तुम्हारा एक ही गुरू है: और तुम सब भाई हो। और पृथ्वी पर किसी को अपना पिता न कहना, कयोंकि तुम्हारा एक ही पिता है, जो स्वर्ग में है। और स्वामी भी न कहलाना, क्योंकि तुम्हारा एक ही स्वामी है, अर्थात् मसीह। जो तुम में बड़ा हो, वह तुम्हारा सेवक बने। जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा: और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।
- 3 John 1:9–10 3 यूहन्ना 1:9–10मैं ने मण्डली को कुछ लिखा था; पर दियुत्रिफेस जो उन में बड़ा बनना चाहता है, हमें ग्रहण नहीं करता। सो जब मैं आऊंगा, तो उसके कामों की जो वह कर रहा है सुधि दिलाऊंगा, कि वह हमारे विषय में बुरी बुरी बातें बकता है; और इस पर भी सन्तोष न करके आप ही भाइयों को ग्रहण नहीं करता, और उन्हें जो ग्रहण करना चाहते हैं, मना करता है: और मण्डली से निकाल देता है।
- Matthew 18:3–5 मत्ती 18:3–5और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा। और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।
- Luke 9:48 लूका 9:48और उन से कहा; जो कोई मेरे नाम से इस बालक को ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है क्योंकि जो तुम में सब से छोटे से छोटा है, वही बड़ा है।
- Romans 12:2 रोमियों 12:2और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।