Mark · chapter 9 · verse 35
Mark 9:35 in Hindi
तब उस ने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने।
Tab us ne baithakar baarahom ko bulaayaa, aur un se kahaa, yadi koee badaa honaa chaahe, to sab se chhotaa aur sab kaa sevak bane.
Mark 9:35 in English
- King James Version (KJV)
- And he sat down, and called the twelve, and saith unto them, If any man desire to be first, [the same] shall be last of all, and servant of all.
- World English Bible (WEB)
- He sat down and called the twelve; and he said to them, “If any man wants to be first, he shall be last of all, and servant of all.”
- American Standard Version (ASV)
- And he sat down, and called the twelve; and he saith unto them, If any man would be first, he shall be last of all, and servant of all.
- Bible in Basic English (BBE)
- And seating himself, he made the twelve come to him; and he said to them, If any man has the desire to be first, he will be last of all and servant of all.
- Darby Translation (DBY)
- And sitting down he called the twelve; and he says to them, If any one would be first, he shall be last of all, and minister of all.
- Webster's Bible (WBS)
- And he sat down, and called the twelve, and saith to them, If any man desireth to be first, [the same] shall be last of all, and servant of all.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and having sat down he called the twelve, and he saith to them, 'If any doth will to be first, he shall be last of all, and minister of all.'
Read in context
- 33वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
- 34वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्हों ने आपस में यह वाद- विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
- 35तब उस ने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने।
- 36और उस ने एक बालक को लेकर उन के बीच में खड़ा किया, और उसके गोद में लेकर उन से कहा।
- 37जो कोई मेरे नाम से ऐसे बालकों में से किसी एक को भी ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो कोई मुझे ग्रहण करता, वह मुझे नहीं, बरन मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है।।
Cross references
- Matthew 20:25–28 मत्ती 20:25–28यीशु ने उन्हें पास बुलाकर कहा, तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं। परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने। और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने। जैसे कि मनुष्य का पुत्रा, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल किई जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे।।
- Luke 22:26 लूका 22:26परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे की नाई और जो प्रधान है, वह सेवक की नाई बने।
- Mark 10:42–45 मरकुस 10:42–45और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं; और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं। पर तुम में ऐसा नहीं है, बरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने। क्योंकि मनुष्य का पुत्रा इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा अहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।।
- Matthew 23:11 मत्ती 23:11जो तुम में बड़ा हो, वह तुम्हारा सेवक बने।
- Luke 14:10–11 लूका 14:10–11पर जब तू बुलाया जाए, तो सब से नीची जगह जा बैठ, कि जब वह, जिस ने तुझे नेवता दिया है आए, तो तुझ से कहे कि हे मित्रा, आगे बढ़कर बैठ; तब तेरे साथ बैठनेवालों के साम्हने तेरी बड़ाई होगी। और जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।
- Luke 18:14 लूका 18:14मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जाकर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।
- James 4:6 याकूब 4:6वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है।
- Jeremiah 45:5 यिर्मयाह 45:5इसलिये सुन, क्या तू अपने लिये बड़ाई खोज रहा है? उसे मत खोज; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि मैं सारे मनुष्यों पर विपत्ति डालूंगा; परन्तु जहां कहीं तू जाएगा वहां मैं तेरा प्राण बचाकर तुझे जीवित रखूंगा।
- Proverbs 13:10 नीतिवचन 13:10झगड़े रगड़े केवल अंहकार ही से होते हैं, परन्तु जो लोग सम्मति मानते हैं, उनके पास बुद्धि रहती है।