Mark · chapter 12 · verse 26
Mark 12:26 in Hindi
मरे हुओं के जी उठने के विषय में क्या तुम ने मूसा की पुस्तक में झाड़ी की कथा में नही पढ़ा, कि परमेश्वर ने उस से कहा, मैं इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं?
Mare huom ke jee uthane ke vishay mem kyaa tum ne moosaa kee pustak mem jhaadee kee kathaa mem nahee padhaa, ki parameshvar ne us se kahaa, maim ibraaheem kaa parameshvar, aur isahaak kaa parameshvar, aur yaakoob kaa parameshvar hoom?
Mark 12:26 in English
- King James Version (KJV)
- And as touching the dead, that they rise: have ye not read in the book of Moses, how in the bush God spake unto him, saying, I [am] the God of Abraham, and the God of Isaac, and the God of Jacob?
- World English Bible (WEB)
- But about the dead, that they are raised, haven’t you read in the book of Moses about the Bush, how God spoke to him, saying, ‘I am the God of Abraham, the God of Isaac, and the God of Jacob’?
- American Standard Version (ASV)
- But as touching the dead, that they are raised; have ye not read in the book of Moses, in [the place concerning] the Bush, how God spake unto him, saying, I [am] the God of Abraham, and the God of Isaac, and the God of Jacob?
- Bible in Basic English (BBE)
- But as to the dead coming back to life; have you not seen in the book of Moses, about the burning thorn-tree, how God said to him, I am the God of Abraham, and the God of Isaac, and the God of Jacob?
- Darby Translation (DBY)
- But concerning the dead that they rise, have ye not read in the book of Moses, in [the section of] the bush, how God spoke to him, saying, I [am] the God of Abraham, and the God of Isaac, and the God of Jacob?
- Webster's Bible (WBS)
- And concerning the dead that they rise; have ye not read in the book of Moses, how in the bush God spoke to him, saying, I [am] the God of Abraham, and the God of Isaac, and the God of Jacob?
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And concerning the dead, that they rise: have ye not read in the Book of Moses (at The Bush), how God spake to him, saying, I [am] the God of Abraham, and the God of Isaac, and the God of Jacob;
Read in context
- 24यीशु ने उन से कहा; क्या तुम इस कारण से भूल में नहीं पड़े हो, कि तुम न तो पवित्रा शास्त्रा ही को जानते हो, और न परमेश्वर की सामर्थ को।
- 25क्योंकि जब वे मरे हुओं में से जी उठेंगे, तो उन में ब्याह शादी न होगी; पर स्वर्ग में दूतों की नाई होंगे।
- 26मरे हुओं के जी उठने के विषय में क्या तुम ने मूसा की पुस्तक में झाड़ी की कथा में नही पढ़ा, कि परमेश्वर ने उस से कहा, मैं इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं?
- 27परमेश्वर मरे हुओं का नहीं, वरन जीवतों का परमेश्वर है: सो तुम बड़ी भूल में पड़े हो।।
- 28और शास्त्रियों में से एक ने आकर उन्हें विवाद करते सुना, और यह जानकर कि उस ने उन्हें अच्छी रीति से उत्तर दिया; उस से पूछा, सब से मुख्य आज्ञा कौन सी है?
Cross references
- Exodus 3:2–6 निर्गमन 3:2–6और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उस ने दृष्टि उठाकर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती। तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती। जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा। उस ने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्रा भूमि है। फिर उस ने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढ़ाप लिया।
- Genesis 17:7–8 उत्पत्ति 17:7–8और मैं तेरे साथ, और तेरे पश्चात् पीढ़ी पीढ़ी तक तेरे वंश के साथ भी इस आशय की युग युग की वाचा बान्धता हूं, कि मैं तेरा और तेरे पश्चात् तेरे वंश का भी परमेश्वर रहूंगा। और मैं तुझ को, और तेरे पश्चात् तेरे वंश को भी, यह सारा कनान देश, जिस में तू परदेशी होकर रहता है, इस रीति दूंगा कि वह युग युग उनकी निज भूमि रहेगी, और मैं उनका परमेश्वर रहूंगा।
- Luke 20:37 लूका 20:37परन्तु इस बात को कि मरे हुए जी उठते हैं, मूसा न भी झाड़ी की कथा में प्रगट की है, कि वह प्रभु को इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमशॆवर कहता है।
- Genesis 33:20 उत्पत्ति 33:20और वहां उस ने एक वेदी बनाकर उसका नाम एलेलोहे इस्राएल रखा।।
- Genesis 32:9 उत्पत्ति 32:9इस रीति से परमेश्वर ने तुम्हारे पिता के पशु लेकर मुझ को दे दिए।
- Exodus 3:16 निर्गमन 3:16इसलिये अब जाकर इस्राएली पुरनियों को इकट्ठा कर, और उन से कह, कि तुम्हारे पितर इब्राहीम, इसहाक, और याकूब के परमेश्वर, यहोवा ने मुझे दर्शन देकर यह कहा है, कि मैं ने तुम पर और तुम से जो बर्ताव मि में किया जाता है उस पर भी चित लगाया है;
- Genesis 26:24 उत्पत्ति 26:24और उसी दिन यहोवा ने रात को उसे दर्शन देकर कहा, मैं तेरे पिता इब्राहीम का परमेश्वर हूं; मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं, और अपने दास इब्राहीम के कारण तुझे आशीष दूंगा, और तेरा वंश बढ़ाऊंगा
- Isaiah 41:8–10 यशायाह 41:8–10हे मेरे दास इस्राएल, हे मेरे चुने हुए याकूब, हे मेरे प्रेमी इब्राहीम के वंश; तू जिसे मैं ने पृथ्वी के दूर दूर देशों से लिया और पृथ्वी की छोर से बुलाकर यह कहा, तू मेरा दास है, मैं ने तुझे चुला है और तजा नहीं; मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।।
- Acts 7:30–32 प्रेरितों के काम 7:30–32जब पूरे चालीस वर्ष बीत गए, तो एक स्वर्ग दूत ने सीनै पहाड़ के जंगल में उसे जलती हुई झाड़ी की ज्वाला में दर्शन दिया। मूसा ने उस दर्शन को देखकर अचम्भा किया, और जब देखने के लिये पास गया, तो प्रभु का यह शब्द हुआ। कि मैं तेरे बाप दादों, इब्राहीम, इसहाक और याकूब का परमेश्वर हूं: तब तो मूसा कांप उठा, यहां तक कि उसे देखने का हियाव न रहा।
- Genesis 31:42 उत्पत्ति 31:42मेरे पिता का परमेश्वर अर्थात् इब्राहीम का परमेश्वर, जिसका भय इसहाक भी मानता है, यदि मेरी ओर न होता, तो निश्चय तू अब मुझे छूछे हाथ जाने देता। मेरे दु:ख और मेरे हाथों के परिश्रम को देखकर परमेश्वर ने बीती हुई रात में तुझे दपटा।
- Mark 12:10 मरकुस 12:10क्या तुम ने पवित्रा शास्त्रा में यह वचन नहीं पढ़ा, कि जिस पत्थर को राजमिस्त्रायों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया?
- Genesis 28:13 उत्पत्ति 28:13और यहोवा उसके ऊपर खड़ा होकर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा।