Mark · chapter 12 · verse 24
Mark 12:24 in Hindi
यीशु ने उन से कहा; क्या तुम इस कारण से भूल में नहीं पड़े हो, कि तुम न तो पवित्रा शास्त्रा ही को जानते हो, और न परमेश्वर की सामर्थ को।
Yeeshu ne un se kahaa; kyaa tum is kaaran se bhool mem naheem pade ho, ki tum na to pavitraa shaastraa hee ko jaanate ho, aur na parameshvar kee saamarth ko.
Mark 12:24 in English
- King James Version (KJV)
- And Jesus answering said unto them, Do ye not therefore err, because ye know not the scriptures, neither the power of God?
- World English Bible (WEB)
- Jesus answered them, “Isn’t this because you are mistaken, not knowing the Scriptures nor the power of God?
- American Standard Version (ASV)
- Jesus said unto them, Is it not for this cause that ye err, that ye know not the scriptures, nor the power of God?
- Bible in Basic English (BBE)
- Jesus said to them, Is not this the reason for your error, that you have no knowledge of the holy Writings or of the power of God?
- Darby Translation (DBY)
- And Jesus answering said to them, Do not ye therefore err, not knowing the scriptures, nor the power of God?
- Webster's Bible (WBS)
- And Jesus answering, said to them, Do ye not therefore err, because ye know not the scriptures, neither the power of God?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus answering said to them, 'Do ye not because of this go astray, not knowing the Writings, nor the power of God?
Read in context
- 22और सातों से सन्तान न हुई: सब के पीछे वह स्त्री भी मर गई।
- 23सो जी उठने पर वह उन में से किस की पत्नी होगी? क्योंकि वह सातों की पत्नी हो चुकी थी।
- 24यीशु ने उन से कहा; क्या तुम इस कारण से भूल में नहीं पड़े हो, कि तुम न तो पवित्रा शास्त्रा ही को जानते हो, और न परमेश्वर की सामर्थ को।
- 25क्योंकि जब वे मरे हुओं में से जी उठेंगे, तो उन में ब्याह शादी न होगी; पर स्वर्ग में दूतों की नाई होंगे।
- 26मरे हुओं के जी उठने के विषय में क्या तुम ने मूसा की पुस्तक में झाड़ी की कथा में नही पढ़ा, कि परमेश्वर ने उस से कहा, मैं इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं?
Cross references
- 2 Timothy 3:15–17 2 तीमुथियुस 3:15–17और बालकपन से पवित्रा शास्त्रा तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। हर एक पवित्राशास्त्रा परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्पर हो जाए।।
- Matthew 22:29 मत्ती 22:29यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि तुम पवित्रा शास्त्रा और परमेश्वर की सामर्थ नहीं जानते; इस कारण भूल में पड़ गए हो।
- John 20:9 यूहन्ना 20:9वे तो अब तक पवित्रा शास्त्रा की वह बात न समझते थे, कि उसे मरे हुओं में से जी उठना होगा।
- Ephesians 1:19 इफिसियों 1:19और उस की सामर्थ हमारी ओर जो विश्वास करते हैं, कितनी महान है, स की शक्ति के प्रभाव के उस कारर्य के अनुसार।
- Isaiah 25:8 यशायाह 25:8वह मृत्यु को सदा के लिये नाश करेगा, और प्रभु यहोवा सभों के मुख पर से आंसू पोंछ डालेगा, और अपनी प्रजा की नामधराई सारी पृथ्वी पर से दूर करेगा; क्योंकि यहोवा ने ऐसा कहा है।।
- Romans 15:4 रोमियों 15:4जितनी बातें पहिले से लिखी गईं, वे हमारी ही शिक्षा के लिये लिखी गईं हैं कि हम धीरज और पवित्रा शास्त्रा की शान्ति के द्वारा आशा रखें।
- Hosea 6:2 होशे 6:2दो दिन के बाद वह हम को जिलाएगा; और तीसरे दिन वह हमको उठाकर खड़ा करेगा; तब हम उसके सम्मुख जीवित रहेंगे।
- Jeremiah 32:17 यिर्मयाह 32:17हे प्रभु यहोवा, तू ने बड़े सामर्थ और बढ़ाई हुई भुजा से आकाश और पृथ्वी को बनाया है! तेरे लिये कोई काम कठिन नहीं है।
- Acts 17:11 प्रेरितों के काम 17:11ये लोग तो थिस्सलुनीके के यहूदियों से भले थे और उन्हों ने बड़ी लालसा से वचन ग्रहण किया, और प्रति दिन पवित्रा शास्त्रों में ढूंढ़ते रहे कि ये बातें योहीं हैं, कि नहीं।
- Philippians 3:21 फिलिप्पियों 3:21वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन- हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।।
- Mark 10:27 मरकुस 10:27यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।
- Hosea 13:14 होशे 13:14मैं उसको अधोलोक के वश से छुड़ा लूंगा और मृत्यु से उसको छुटकारा दूंगा। हे मृत्यु, तेरी मारने की शक्ति कहां रही? हे अधोलोक, तेरी नाश करने की शक्ति कहां रहीं? मैं फिर कभी नहीं पछताऊंगा।।