Mark · chapter 16 · verse 11
Mark 16:11 in Hindi
और उन्होंने यह सुनकर की वह जीवित है, और उस ने उसे देखा है प्रतीति न की॥
Aur unhonne yah sunakar kee vah jeevit hai, aur us ne use dekhaa hai prateeti na kee
Mark 16:11 in English
- King James Version (KJV)
- And they, when they had heard that he was alive, and had been seen of her, believed not.
- World English Bible (WEB)
- When they heard that he was alive and had been seen by her, they disbelieved.
- American Standard Version (ASV)
- And they, when they heard that he was alive, and had been seen of her, disbelieved.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they, when it came to their ears that he was living, and had been seen by her, had no belief in it.
- Darby Translation (DBY)
- And when these heard that he was alive and had been seen of her, they disbelieved [it].
- Webster's Bible (WBS)
- And they, when they had heard that he was alive, and had been seen by her, believed not.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they, having heard that he is alive, and was seen by her, did not believe.
Read in context
- 9सप्ताह के पहिले दिन भोर होते ही वह जी उठ कर पहिले पहिल मरियम मगदलीनी को जिस में से उस ने सात दुष्टात्माएं निकाली थीं, दिखाई दिया।
- 10उस ने जाकर उसके साथियों को जो शोक में डूबे हुए थे और रो रहे थे, समाचार दिया।
- 11और उन्होंने यह सुनकर की वह जीवित है, और उस ने उसे देखा है प्रतीति न की॥
- 12इस के बाद वह दूसरे रूप में उन में से दो को जब वे गांव की ओर जा रहे थे, दिखाई दिया।
- 13उन्होंने भी जाकर औरों को समाचार दिया, परन्तु उन्होंने उन की भी प्रतीति न की॥
Cross references
- Luke 24:11 लूका 24:11परन्तु उन की बातें उनहें कहानी सी समझ पड़ीं, और उन्हों ने उन की प्रतीति न की।
- Mark 16:13–14 मरकुस 16:13–14उन्होंने भी जाकर औरों को समाचार दिया, परन्तु उन्होंने उन की भी प्रतीति न की॥ पीछे वह उन ग्यारहों को भी, जब वे भोजन करने बैठे थे दिखाई दिया, और उन के अविश्वास और मन की कठोरता पर उलाहना दिया, क्योंकि जिन्हों ने उसके जी उठने के बाद उसे देखा था, इन्होंने उन की प्रतीति न की थी।
- Luke 24:23–35 लूका 24:23–35और जब उस की लोथ न पाई, तो यह कहती हुई आईं, कि हम ने स्वर्गदूतों का दर्शन पाया, जिन्हों ने कहा कि वह जीवित है। तब हमारे साथियों में से कई एक कब्र पर गए, और जैसा स्त्रियों ने कहा था, वैसा ही पाया; परन्तु उस को न देखा। तब उस ने उन से कहा; हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्दमतियों! क्या अवश्य न था, कि मसीह ये दुख उठाकर अपनी महिमा में प्रवेश करे? तब उस ने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ करके सारे पवित्रा शास्त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया। इतने में वे उस गांव के पास पहुंचे, जहां वे जा रहे थे, और उसके ढंग से ऐसा जन पड़ा, कि वह आगे बड़ा चाहता है। परन्तु उन्हों ने यह कहकर उसे रोका, कि हमारे साथ रह; क्योंकि संध्या हो चली है और दिन अब बहुत ढल गया है। तब वह उन के साथ रहने के लिये भीतर गया। जब वह उन के साथ भोजन करने बैठा, तो उस ने रोटी लेकर धन्यवाद किया, और उसे तोड़कर उन को देने लगा। तब उन की आंखे खुल गईं; और उन्हों ने उसे पहचान लिया, और वह उन की आंखों से छिप गया। उन्हों ने आपस में कहा; जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्रा शस्त्रा का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई? वे उसी घड़ी उठकर यरूशलेम को लौट गए, और उन ग्यारहों और उन के साथियों को इकट्ठे पाया। वे कहते थे, प्रभु सचमुच जी उठा है, और शमौन को दिखाई दिया है। तब उन्हों ने मार्ग की बातें उन्हें बता दीं और यह भी कि उन्हों ने उसे रोटी तोड़ते समय क्योंकर पहचाना।।
- Mark 9:19 मरकुस 9:19यह सुनकर उस ने उन से उत्तर देके कहा: कि हे अविश्वासी लोगों, मैं कब तक तुम्हारे साथ रहूंगा? और कब तक तुम्हारी सहूंगा? उसे मेरे पास लाओ।
- Exodus 6:9 निर्गमन 6:9और ये बातें मूसा ने इस्राएलियों को सुनाईं; परन्तु उन्होंने मन की बेचैनी और दासत्व की क्रूरता के कारण उसकी न सुनी॥
- Job 9:16 अय्यूब 9:16चाहे मेरे पुकारने से वह उत्तर भी देता, तौभी मैं इस बात की प्रतीति न करता, कि वह मेरी बात सुनता है।