Mark · chapter 3 · verse 25
Mark 3:25 in Hindi
और यदि किसी घर में फूट पड़े, तो वह घर क्योंकर स्थिर रह सकेगा?
Aur yadi kisee ghar mem phoot pade, to vah ghar kyonkar sthir rah sakegaa?
Mark 3:25 in English
- King James Version (KJV)
- And if a house be divided against itself, that house cannot stand.
- World English Bible (WEB)
- If a house is divided against itself, that house cannot stand.
- American Standard Version (ASV)
- And if a house be divided against itself, that house will not be able to stand.
- Bible in Basic English (BBE)
- And if there is division in a house, that house will come to destruction;
- Darby Translation (DBY)
- And if a house has become divided against itself, that house cannot subsist.
- Webster's Bible (WBS)
- And if a house be divided against itself, that house cannot stand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and if a house against itself be divided, that house cannot be made to stand;
Read in context
- 23और वह उन्हें पास बुलाकर, उन से दुष्टान्तों में कहने लगा; शैतान क्योंकर शैतान को निकाल सकता है?
- 24और यदि किसी राज्य में फूट पड़े, तो वह राज्य क्योंकर स्थिर रह सकता है?
- 25और यदि किसी घर में फूट पड़े, तो वह घर क्योंकर स्थिर रह सकेगा?
- 26और यदि शैतान अपना ही विरोधी होकर अपने में फूट डाले, तो वह क्योंकर बना रह सकता है? उसका तो अन्त ही हो जाता है।
- 27किन्तु कोई मनुष्य किसी बलवन्त के घर में घुसकर उसका माल लूट नहीं सकता, जब तक कि वह पहिले उस बलवन्त को न बान्ध ले; और तब उसके घर को लूट लेगा।
Cross references
- James 3:16 याकूब 3:16इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है।
- Galatians 5:15 गलातियों 5:15पर यदि तुम एक दूसरे को दांत से काटते और फाड़ खाते हो, तो चौकस रहो, कि एक दूसरे का सत्यानाश न कर दो।।
- Psalm 133:1 भजन संहिता 133:1देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें!
- Genesis 37:4 उत्पत्ति 37:4सो जब उसके भाईयों ने देखा, कि हमारा पिता हम सब भाइयों से अधिक उसी से प्रीति रखता है, तब वे उस से बैर करने लगे और उसके साथ ठीक तौर से बात भी नहीं करते थे।
- Genesis 13:7–8 उत्पत्ति 13:7–8सो अब्राम, और लूत की भेड़- बकरी, और गाय- बैल के चरवाहों के बीच में झगड़ा हुआ: और उस समय कनानी, और परिज्जी लोग, उस देश में रहते थे। तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।