Mark · chapter 4 · verse 12
Mark 4:12 in Hindi
इसलिये कि वे देखते हुए देखें और उन्हें सुझाई न पड़े और सुनते हुए सुनें भी और न समझें; ऐसा न हो कि वे फिरें, और क्षमा किए जाएं।
Isaliye ki ve dekhate hue dekhem aur unhem sujhaaee na pade aur sunate hue sunem bhee aur na samajhem; aisaa na ho ki ve phirem, aur kshamaa kie jaaen.
Mark 4:12 in English
- King James Version (KJV)
- That seeing they may see, and not perceive; and hearing they may hear, and not understand; lest at any time they should be converted, and [their] sins should be forgiven them.
- World English Bible (WEB)
- that ‘seeing they may see and not perceive, and hearing they may hear and not understand, lest perhaps they should turn again, and their sins should be forgiven them.’”
- American Standard Version (ASV)
- that seeing they may see, and not perceive; and hearing they may hear, and not understand; lest haply they should turn again, and it should be forgiven them.
- Bible in Basic English (BBE)
- So that seeing they may see, and it will not be clear to them; and hearing it, they will not get the sense; for fear that they may be turned again to me and have forgiveness.
- Darby Translation (DBY)
- that beholding they may behold and not see, and hearing they may hear and not understand, lest it may be, they should be converted and they should be forgiven.
- Webster's Bible (WBS)
- That seeing they may see, and not perceive; and hearing they may hear, and not understand; lest at any time they should be converted, and [their] sins should be forgiven them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- that seeing they may see and not perceive, and hearing they may hear and not understand, lest they may turn, and the sins may be forgiven them.'
Read in context
- 10जब वह अकेला रह गया, तो उसके साथियों ने उन बारह समेत उस से इन दृष्टान्तों के विषय में पूछा।
- 11उस ने उन से कहा, तुम को तो परमेश्वर के राज्य के भेद की समझ दी गई है, परन्तु बाहरवालों के लिये सब बातें दृष्टान्तों में होती हैं।
- 12इसलिये कि वे देखते हुए देखें और उन्हें सुझाई न पड़े और सुनते हुए सुनें भी और न समझें; ऐसा न हो कि वे फिरें, और क्षमा किए जाएं।
- 13फिर उस ने उन से कहा; क्या तुम यह दृष्टान्त नहीं समझते? तो फिर और सब दृष्टान्तों को क्योंकर समझोगे?
- 14बानेवाला वचन बोता है।
Cross references
- Isaiah 6:9–10 यशायाह 6:9–10उस ने कहा, जा, और इन लोगों से कह, सुनते ही रहो, परन्तु न समझो; देखते ही रहो, परन्तु न बूझो। तू इन लोगों के मन को मोटे और उनके कानों को भारी कर, और उनकी आंखों को बन्द कर; ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें, और मन से बूझें, और मन फिरावें और चंगे हो जाएं।
- Isaiah 44:18 यशायाह 44:18क्योंकि उनकी आंखें ऐसी मून्दी गई हैं कि वे देख नहीं सकते; और उनकी बुद्धि ऐसी कि वे बूझ नहीं सकते।
- Matthew 13:14–15 मत्ती 13:14–15और उन के विषय में यशायाह की यह भविष्यद्ववाणी पूरी होती है, कि तुम कानों से तो सुनोगे, पर समझोगे नहीं; और आंखों से तो देखोगे, पर तुम्हें न सूझेगा। क्योंकि इन लोगों का मन मोटा हो गया है, और वे कानों से ऊंचा सुनते हैं और उन्हों ने अपनी आंखें मूंद लीं हैं; कहीं ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें और मन से समझें, और फिर जाएं, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- Jeremiah 5:21 यिर्मयाह 5:21हे मूर्ख और निर्बुध्दि लोगो, तुम जो आंखें रहते हुए नहीं देखते, जो कान रहते हुए नहीं सुनते, यह सुनो।
- Deuteronomy 29:4 व्यवस्थाविवरण 29:4परन्तु यहोवा ने आज तक तुम को न तो समझने की बुद्धि, और न देखने की आंखें, और न सुनने के कान दिए हैं।
- John 12:37–41 यूहन्ना 12:37–41और उस ने उन के साम्हने इतने चिन्ह दिखाए, तौभी उन्हों ने उस पर विश्वास न किया। ताकि यशायाह भविष्यद्वक्ता का वचन पूरा हो जो उस ने कहा कि हे प्रभु हमारे समाचार की किस ने प्रतीति की है? और प्रभु का भुजबल किस पर प्रगट हुआ? इस कारण वे विश्वास न कर सके, क्योंकि यशायाह ने फिर भी कहा। कि उस ने उन की आंखें अन्धी, और उन का मन कठोर किया है; कहीं ऐसा न हो, कि आंखों से देखें, और मन से समझें, और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं। यशायाह ने ये बातें इसलिये कहीं, कि उस ने उस की महिमा देखी; और उस ने उसके विषय में बातें की।
- Luke 8:10 लूका 8:10तुम को परमेश्वर के राज्य के भेदोंकी समझ दी गई है, पर औरों को दृष्टान्तों में सुनाया जाता है, इसलिये कि वे देखते हुए भी न देखें, और सुनते हुए भी न समझें।
- 2 Timothy 2:25 2 तीमुथियुस 2:25और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
- Hebrews 6:6 इब्रानियों 6:6यदि वे भटक जाएं; तो उन्हें मन फिराव के लिये फिर नया बनाना अन्होना है; क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्रा को अपने लिये फिर क्रूस पर चढ़ाते हैं और प्रगट में। उस पर कलंक लगाते हैं।
- Ezekiel 12:2 यहेजकेल 12:2हे मनुष्य के सन्तान, तू बलवा करनेवाले घराने के बीच में रहता है, जिनके देखने के लिये आंखें तो हैं, परन्तु नहीं देखते; और सुनने के लिये कान तो हैं परन्तु नहीं सुनते; क्योंकि वे बलवा करनेवाले घराने के हैं।
- Romans 11:8–10 रोमियों 11:8–10जैसा लिखा है, कि परमेश्वर ने उन्हें आज के दिन तक भारी नींद में डाल रखा है और ऐसी आंखें दी जो न देखें और ऐसे कान जो न सुनें। और दाऊद कहता है; उन का भोजन उन के लिये जाल, और फन्दा, और ठोकर, और दण्ड का कारण हो जाए। उन की आंखों पर अन्धेरा छा जाए ताकि न देखें, और तू सदा उन की पीठ को झुकाए रख।
- Jeremiah 31:18–20 यिर्मयाह 31:18–20निश्चय मैं ने एप्रैम को ये बातें कह कर विलाप करते सुना है कि तू ने मेरी ताड़ना की, और मेरी ताड़ना ऐसे बछड़े की सी हुई जो निकाला न गया हो; परन्तु अब तू मुझे फेर, तब मैं फिरूंगा, क्योंकि तू मेरा परमेश्वर है। भटक जाने के बाद मैं पछताया: और सिखाए जाने के बाद मैं ने छाती पीटी: पुराने पापों को स्मरण कर मैं लज्जित हुआ और मेरा मुंह काला हो गया। क्या एप्रैम मेरा प्रिय पुत्र नहीं है? क्या वह मेरा दुलारा लड़का नहीं है? जब जब मैं उसके विरुद्ध बातें करता हूं, तब तब मुझे उसका स्मरण हो आता है। इसलिये मेरा मन उसके कारण भर आता है; और मैं निश्चय उस पर दया करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।