Luke · chapter 8 · verse 10
Luke 8:10 in Hindi
तुम को परमेश्वर के राज्य के भेदोंकी समझ दी गई है, पर औरों को दृष्टान्तों में सुनाया जाता है, इसलिये कि वे देखते हुए भी न देखें, और सुनते हुए भी न समझें।
Tum ko parameshvar ke raajy ke bhedonkee samajh dee gaee hai, par aurom ko drushtaantom mem sunaayaa jaataa hai, isaliye ki ve dekhate hue bhee na dekhem, aur sunate hue bhee na samajhen.
Luke 8:10 in English
- King James Version (KJV)
- And he said, Unto you it is given to know the mysteries of the kingdom of God: but to others in parables; that seeing they might not see, and hearing they might not understand.
- World English Bible (WEB)
- He said, “To you it is given to know the mysteries of God’s Kingdom, but to the rest it is given in parables, that ‘seeing they may not see, and hearing they may not understand.’
- American Standard Version (ASV)
- And he said, Unto you it is given to know the mysteries of the kingdom of God: but to the rest in parables; that seeing they may not see, and hearing they may not understand.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said, To you is given knowledge of the secrets of the kingdom of God; but to the others, they are given in stories, so that seeing, they may not see, and though they give hearing, the sense will not be clear to them.
- Darby Translation (DBY)
- And he said, To you it is given to know the mysteries of the kingdom of God, but to the rest in parables, in order that seeing they may not see, and hearing they may not understand.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said, To you it is given to know the mysteries of the kingdom of God: but to others in parables; that seeing they may not see, and hearing they may not understand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he said, 'To you it hath been given to know the secrets of the reign of God, and to the rest in similes; that seeing they may not see, and hearing they may not understand.
Read in context
- 8और कुछ अच्छी भूमि पर गिरा, और उगकर सौ गुणा फल लाया: यह कहकर उस ने ऊंचे शब्द से कहा; जिस के सुनने के कान होंवह सुन ले॥
- 9उसके चेलों ने उस से पूछा, कि यह दृष्टान्त क्या है? उस ने कहा;
- 10तुम को परमेश्वर के राज्य के भेदोंकी समझ दी गई है, पर औरों को दृष्टान्तों में सुनाया जाता है, इसलिये कि वे देखते हुए भी न देखें, और सुनते हुए भी न समझें।
- 11दृष्टान्त यह है; बीज तो परमेश्वर का वचन है।
- 12मार्ग के किनरे के वे हैं, जिन्हों ने सुना; तब शैतान आकर उन के मन में से वचन उठा ले जाता है, कि कहीं ऐसा न हो कि वे विश्वास करके उद्धार पाएं।
Cross references
- Isaiah 6:9 यशायाह 6:9उस ने कहा, जा, और इन लोगों से कह, सुनते ही रहो, परन्तु न समझो; देखते ही रहो, परन्तु न बूझो।
- Mark 4:11 मरकुस 4:11उस ने उन से कहा, तुम को तो परमेश्वर के राज्य के भेद की समझ दी गई है, परन्तु बाहरवालों के लिये सब बातें दृष्टान्तों में होती हैं।
- Matthew 11:25 मत्ती 11:25उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा दखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
- Jeremiah 5:21 यिर्मयाह 5:21हे मूर्ख और निर्बुध्दि लोगो, तुम जो आंखें रहते हुए नहीं देखते, जो कान रहते हुए नहीं सुनते, यह सुनो।
- Isaiah 44:18 यशायाह 44:18क्योंकि उनकी आंखें ऐसी मून्दी गई हैं कि वे देख नहीं सकते; और उनकी बुद्धि ऐसी कि वे बूझ नहीं सकते।
- Matthew 13:11–17 मत्ती 13:11–17उस ने उत्तर दिया, कि तुम को स्वर्ग के राज्य के भेदों की समझ दी गई है, पर उन को नहीं। क्योंकि जिस के पास है, उसे दिया जाएगा; और उसके पास बहुत हो जाएगा; पर जिस के पास कुछ नहीं है, उस से जो कुछ उसके पास है, वह भी ले लिया जाएगा। मैं उन से दृष्टान्तों में इसलिये बातें करता हूं, कि वे देखते हुए नहीं देखते; और सुनते हुए नहीं सुनते; और नहीं समझते। और उन के विषय में यशायाह की यह भविष्यद्ववाणी पूरी होती है, कि तुम कानों से तो सुनोगे, पर समझोगे नहीं; और आंखों से तो देखोगे, पर तुम्हें न सूझेगा। क्योंकि इन लोगों का मन मोटा हो गया है, और वे कानों से ऊंचा सुनते हैं और उन्हों ने अपनी आंखें मूंद लीं हैं; कहीं ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें और मन से समझें, और फिर जाएं, और मैं उन्हें चंगा करूं। पर धन्य है तुम्हारी आंखें, कि वे देखती हैं; और तुम्हारे कान, कि वे सुनते हैं। क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, कि बहुत से भविष्यद्वक्ताओं ने और धर्मियों ने चाहा कि जो बातें तुम देखते हो, देखें पर न देखीं; और जो बातें तुम सुनते हो, सुनें, पर न सुनीं।
- Colossians 2:2 कुलुस्सियों 2:2ताकि उन के मनों में शान्ति हो और वे प्रेम से आपस में गठे रहें, और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात् मसीह को पहिचान लें।
- Acts 28:26–27 प्रेरितों के काम 28:26–27कि सुनते तो रहोगे, परन्तु न समझोगे, और देखते तो रहोगे, परन्तु न बुझोगे। क्योंकि इन लोगों का मन मोटा, और उन के कान भारी हो गए, और उन्हों ने अपनी आंखें बन्द की हैं, ऐसा न हो कि वे कभी आंखों से देखें, और कानों से सुनें, और मन से समझें और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- Romans 11:7–10 रोमियों 11:7–10सो परिणाम क्या हुआ? यह कि इस्त्राएली जिस की खोज में हैं, वह उन को नहीं मिला; परन्तु चुने हुओं को मिला और शेष लोग कठोर किए गए हैं। जैसा लिखा है, कि परमेश्वर ने उन्हें आज के दिन तक भारी नींद में डाल रखा है और ऐसी आंखें दी जो न देखें और ऐसे कान जो न सुनें। और दाऊद कहता है; उन का भोजन उन के लिये जाल, और फन्दा, और ठोकर, और दण्ड का कारण हो जाए। उन की आंखों पर अन्धेरा छा जाए ताकि न देखें, और तू सदा उन की पीठ को झुकाए रख।
- Psalm 25:14 भजन संहिता 25:14यहोवा के भेद को वही जानते हैं जो उस से डरते हैं, और वह अपनी वाचा उन पर प्रगट करेगा।
- Romans 16:25 रोमियों 16:25अब जो तुम को मेरे सुसमाचार अर्थात् यीशु मसीह के विषय के प्रचार के अनुसार स्थिर कर सकता है, उस भेद के प्रकाश के अनुसार जो सनातन से छिपा रहा।
- Deuteronomy 29:4 व्यवस्थाविवरण 29:4परन्तु यहोवा ने आज तक तुम को न तो समझने की बुद्धि, और न देखने की आंखें, और न सुनने के कान दिए हैं।