Mark · chapter 4 · verse 24
Mark 4:24 in Hindi
फिर उस ने उन से कहा; चौकस रहो, कि क्या सुनते हो? जिस नाप से तुम नापते हो उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा, और तुम को अधिक दिय जाएगा।
Phir us ne un se kahaa; chaukas raho, ki kyaa sunate ho? Jis naap se tum naapate ho usee se tumhaare liye bhee naapaa jaaegaa, aur tum ko adhik diy jaaegaa.
Mark 4:24 in English
- King James Version (KJV)
- And he said unto them, Take heed what ye hear: with what measure ye mete, it shall be measured to you: and unto you that hear shall more be given.
- World English Bible (WEB)
- He said to them, “Take heed what you hear. With whatever measure you measure, it will be measured to you; and more will be given to you who hear.
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto them, Take heed what ye hear: with what measure ye mete it shall be measured unto you; and more shall be given unto you.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to them, Take care what you give ear to: in the same measure as you give you will get, and more will be given to you.
- Darby Translation (DBY)
- And he said to them, Take heed what ye hear; with what measure ye mete, it shall be meted to you; and there shall be [more] added to you.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said to them, Take heed what ye hear: With the measure which ye give, it shall be measured to you: and to you that hear shall more be given.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he said to them, 'Take heed what ye hear; in what measure ye measure, it shall be measured to you; and to you who hear it shall be added;
Read in context
- 22क्योंकि कोई वस्तु छिपी नहीं, परन्तु इसलिये कि प्रगट हो जाए;
- 23और न कुछ गुप्त है पर इसलिये कि प्रगट हो जाए। यदि किसी के सुनने के कान हों, तो सुन ले।
- 24फिर उस ने उन से कहा; चौकस रहो, कि क्या सुनते हो? जिस नाप से तुम नापते हो उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा, और तुम को अधिक दिय जाएगा।
- 25क्योंकि जिस के पास है, उस को दिया जाएगा; परन्तु जिस के पास नहीं है उस से वह भी जो उसके पास है; ले लिया जाएगा।।
- 26फिर उस ने कहा; परमेश्वर का राजय ऐसा है, जैसे कोई मनुष्य भूमि पर बीज छींटे।
Cross references
- Hebrews 2:1 इब्रानियों 2:1इस कारण चाहिए, कि हम उन बातों पर जो हम ने सुनी हैं और भी मन लगाएं, ऐसा न हो कि बहक कर उन से दूर चले जाएं।
- Luke 8:18 लूका 8:18इसलिये चौकस रहो, कि तुम किस रीति से सुनते हो क्योंकि जिस के पास है, उसे दिया जाएगा; और जिस के पास नहीं है, उस से वे वह भी ले लिया जाएगा, जिसे वह अपना समझता है॥
- Matthew 7:2 मत्ती 7:2क्योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा; और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।
- 2 Corinthians 9:6 2 कुरिन्थियों 9:6परन्तु बात तो यह है, कि जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा काटेगा भी; और जो बहुत बोता है, वह बहुत काटेगा।
- Acts 17:11 प्रेरितों के काम 17:11ये लोग तो थिस्सलुनीके के यहूदियों से भले थे और उन्हों ने बड़ी लालसा से वचन ग्रहण किया, और प्रति दिन पवित्रा शास्त्रों में ढूंढ़ते रहे कि ये बातें योहीं हैं, कि नहीं।
- John 10:27 यूहन्ना 10:27मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं।
- Proverbs 19:27 नीतिवचन 19:27हे मेरे पुत्रा, यदि तू भटकना चाहता है, तो शिक्षा का सुनना छोड़ दे।
- Luke 6:37–38 लूका 6:37–38दोष मत लगाओ; तो तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा: दोषी न ठहराओ, तो तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे: क्षमा करो, तो तुम्हारी भी क्षमा की जाएगी। दिया करो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा: लोग पूरा नाम दबा दबाकर और हिला हिलाकर और उभरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्योंकि जिस नाम से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।।
- Isaiah 55:3 यशायाह 55:3कान लगाओ, और मेरे पास आओ; सुनो, तब तुम जीवित रहेागे; और मैं तुम्हारे साथ सदा की वाचा बान्धूंगा अर्थात् दाऊद पर की अटल करूणा की वाचा।
- John 5:25 यूहन्ना 5:25मैं तुम से सच सच कहता हूं, वह समय आता है, और अब है, जिस में मृतक परमेश्वर के पुत्रा का शब्द सुनेंगे, और जो सुनेंगे वे जीएंगे।
- Mark 9:7 मरकुस 9:7तब एक बादल ने उन्हें छा लिया, और उस बादल में से यह शब्द निकला, कि यह मेरा प्रिय पुत्रा है; उस की सुनो।
- 2 Peter 2:1–3 2 पतरस 2:1–3और जिस प्रकार उन लोगों में झूठे भविष्यद्वक्ता थे उसी प्रकार तुम में भी झूठे उपदेशक होंगे, जो नाश करनेवाले पाखण्ड का उद्घाटन छिप छिपकर करेंगे और उस स्वामी का जिस ने उन्हें मोल लिया है इन्कार करेंगे और अपने आप को शीघ्र विनाश में डाल देंगे। और बहुतेरे उन की नाई लुचपन करेंगे, जिन के कारण सत्य के मार्ग की निन्दा की जाएगी। और वे लोभ के लिये बातें गढ़कर तुम्हें अपने लाभ का कारण बनाएंगे, और जो दण्ड की आज्ञा उन पर पहिले से हो चुकी है, उसके आने में कुछ भी देर नहीं, और उन का विनाश ऊंघता नहीं।