Hebrews · chapter 2 · verse 1
Hebrews 2:1 in Hindi
इस कारण चाहिए, कि हम उन बातों पर जो हम ने सुनी हैं और भी मन लगाएं, ऐसा न हो कि बहक कर उन से दूर चले जाएं।
Is kaaran chaahie, ki ham un baatom par jo ham ne sunee haim aur bhee man lagaaem, aisaa na ho ki bahak kar un se door chale jaaen.
Hebrews 2:1 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore we ought to give the more earnest heed to the things which we have heard, lest at any time we should let [them] slip.
- World English Bible (WEB)
- Therefore we ought to pay greater attention to the things that were heard, lest perhaps we drift away.
- American Standard Version (ASV)
- Therefore we ought to give the more earnest heed to the things that were heard, lest haply we drift away [from them].
- Bible in Basic English (BBE)
- For this reason there is the more need for us to give attention to the things which have come to our ears, for fear that by chance we might be slipping away.
- Darby Translation (DBY)
- For this reason we should give heed more abundantly to the things [we have] heard, lest in any way we should slip away.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore we ought to give the more earnest heed to the things which we have heard, lest at any time we should let [them] slip.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Because of this it behoveth [us] more abundantly to take heed to the things heard, lest we may glide aside,
Read in context
- 1इस कारण चाहिए, कि हम उन बातों पर जो हम ने सुनी हैं और भी मन लगाएं, ऐसा न हो कि बहक कर उन से दूर चले जाएं।
- 2क्योंकि जो वचन स्वर्गदूतों के द्वारा कहा गया था जब वह स्थिर रहा और हर एक अपराध और आज्ञा न मानने का ठीक ठीक बदला मिला।
- 3तो हम लोग ऐसे बड़े उद्धार से निश्चिन्त रह कर क्योंकर बच सकते हैं? जिस की चर्चा पहिले पहिल प्रभु के द्वारा हुई, और सुनने वालों के द्वारा हमें निश्चय हुआ।
Cross references
- Luke 8:15 लूका 8:15पर अच्छी भूमि में के वे हैं, जो वचन सुनकर भले और उत्तम मन में सम्भाले रहते हैं, और धीरज से फल लाते हैं॥
- 2 Peter 1:12–13 2 पतरस 1:12–13इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा। और मैं यह अपने लिये उचित समझता हूं, कि जब तक मैं इस डेरे में हूं, तब तक तुम्हें सुधि दिलाकर उभारता रहूं।
- Proverbs 7:1–2 नीतिवचन 7:1–2हे मेरे पुत्रा, मेरी बातों को माना कर, और मेरी आज्ञाओं को अपने मन में रख छोड़। मेरी आज्ञाओं को मान, इस से तू जीवित रहेगा, और मेरी शिक्षा को अपनी आंख की पुतली जान;
- Proverbs 2:1–6 नीतिवचन 2:1–6हे मेरे पुत्रा, यदि तू मेरे वचन ग्रहण करे, और मेरी आज्ञाओं को अपने हृदय में रख छोड़े, और बुद्धि की बात ध्यान से सुने, और समझ की बात मन लगाकर सोचे; और प्रवीणता और समझ के लिये अति यत्न से पुकारे, ओर उसको चान्दी की नाईं ढूंढ़े, और गुप्त धन के समान उसी खोज में लगा रहे; तो तू यहोवा के भय को समझेगा, और परमेश्वर का ज्ञान तुझे प्राप्त होगा। क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है; ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुंह से निकलती हैं।
- Hebrews 1:1–2 इब्रानियों 1:1–2पूर्व युग में परमेश्वर ने बापदादों से थोड़ा थोड़ा करके और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें करके। इन दिनों के अन्त में हम से पुत्रा के द्वारा बातें की, जिसे उस ने सारी वस्तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उस ने सारी सृष्टि रची है।
- Deuteronomy 4:9 व्यवस्थाविवरण 4:9यह अत्यन्त आवश्यक है कि तुम अपने विषय में सचेत रहो, और अपने मन की बड़ी चौकसी करो, कहीं ऐसा न हो कि जो जो बातें तुम ने अपनी आंखों से देखीं उनको भूल जाओ, और वह जीवन भर के लिये तुम्हारे मन से जाती रहे; किन्तु तुम उन्हें अपने बेटों पोतों को सिखाना।
- 2 Peter 3:1 2 पतरस 3:1हे प्रियो, अब मैं तुम्हें यह दूसरी पत्री लिखता हूं, और दोनों में सुधि दिलाकर तुम्हारे शुद्ध मन को उभारता हूं।
- Joshua 23:11–12 यहोशू 23:11–12इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम रखने की पूरी चौकसी करना। क्योंकि यदि तुम किसी रीति यहोवा से फिरकर इन जातियों के बाकी लोगों से मिलने लगो जो तुम्हारे बीच बचे हुए रहते थें, और इन से ब्याह शादी करके इनके साथ समधियाना रिश्ता जोड़ो,
- 2 Peter 1:15 2 पतरस 1:15इसलिये मैं ऐसा यत्न करूंगा, कि मेरे कूच करने के बाद तुम इन सब बातों को सर्वदा स्मरण कर सको।
- Proverbs 3:21 नीतिवचन 3:21हे मेरे पुत्रा, ये बातें तेरी दृष्टि की ओट न हाने पाएं; खरी बुद्धि और विवेक की रक्षा कर,
- Proverbs 4:20–22 नीतिवचन 4:20–22हे मेरे पुत्रा मेरे वचन ध्यान धरके सुन, और अपना कान मेरी बातों पर लगा। इनको अपनी आंखों की ओट न होने दे; वरन अपने मन में धारण कर। क्योंकि जिनकों वे प्राप्त होती हैं, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं।
- Psalm 119:9 भजन संहिता 119:9जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से।