Mark · chapter 6 · verse 5
Mark 6:5 in Hindi
और वह वहां कोई सामर्थ का काम न कर सका, केवल थोड़े बीमारों पर हाथ रखकर उन्हें चंगा किया।।
Aur vah vahaam koee saamarth kaa kaam na kar sakaa, keval thode beemaarom par haath rakhakar unhem changaa kiyaa..
Mark 6:5 in English
- King James Version (KJV)
- And he could there do no mighty work, save that he laid his hands upon a few sick folk, and healed [them].
- World English Bible (WEB)
- He could do no mighty work there, except that he laid his hands on a few sick people and healed them.
- American Standard Version (ASV)
- And he could there do no mighty work, save that he laid his hands upon a few sick folk, and healed them.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he was unable to do any work of power there, but only to put his hands on one or two persons who were ill, and make them well.
- Darby Translation (DBY)
- And he could not do any work of power there, save that laying his hands on a few infirm persons he healed [them].
- Webster's Bible (WBS)
- And he could there do no mighty work, save that he laid his hands upon a few sick persons, and healed [them] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he was not able there any mighty work to do, except on a few infirm people having put hands he did heal [them];
Read in context
- 3क्या यह वही बढ़ई नहीं, जो मरियम का पुत्रा, और याकूब और योसेस और यहूदा और शमौन का भाई है? और क्या उस की बहिनें यहां हमारे बीच में नहीं रहतीं? इसलिये उन्हों ने उसके विषय मे ठोकर खाई।
- 4यीशु ने उन से कहा, कि भविष्यद्वक्ता अपने देश और अपने कुटुम्ब और अपने घर को छोड़ और कहीं भी निरादर नहीं होता।
- 5और वह वहां कोई सामर्थ का काम न कर सका, केवल थोड़े बीमारों पर हाथ रखकर उन्हें चंगा किया।।
- 6और उस ने उन के अविश्वास पर आश्चर्य किया और चारों ओर से गावों में उपदेश करता फिरा।।
- 7और वह बारहों को अपने पास बुलाकर उन्हें दो दो करके भेजने लगा; और उन्हें अशुद्ध आत्माओं पर अधिकार दिया।
Cross references
- Matthew 13:58 मत्ती 13:58और उस ने वहां उन के अविश्वास के कारण बहुत सामर्थ के काम नहीं किए।।
- Mark 9:23 मरकुस 9:23यीशु ने उस से कहा; यदि तू कर सकता है; यह क्या बता है? विश्वास करनेवाले के लिये सब कुछ हो सकता है।
- Mark 5:23 मरकुस 5:23और उस ने यह कहकर बहुत बिनती की, कि मेरी छोटी बेटी मरने पर है: तू आकर उस पर हाथ रख, कि वह चंगी होकर जीवित रहे।
- Hebrews 4:2 इब्रानियों 4:2क्योंकि हमें उन्हीं की नाई सुसमाचार सुनाया गया है, पर सुने हुए वचन से उन्हें कुछ लोथ न हुआ; क्योंकि सुननेवालों के मन में विश्वास के साथ नहीं बैठा।
- Isaiah 59:1–2 यशायाह 59:1–2सुनो, यहोवा का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सके, न वह ऐसा बहिरा हो गया है कि सुन न सके; क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मो से अपवित्रा हो गई है; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं।
- Genesis 19:22 उत्पत्ति 19:22फुर्ती से वहां भाग जा; क्योंकि जब तक तू वहां न पहुचे तब तक मैं कुछ न कर सकूंगा। इसी कारण उस नगर का नाम सोअर पड़ा।
- Genesis 32:25 उत्पत्ति 32:25और लाबान याकूब के पास पहुंच गया, याकूब तो अपना तम्बू गिलाद नाम पहाड़ी देश में खड़ा किए पड़ा था: और लाबान ने भी अपने भाइयों के साथ अपना तम्बू उसी पहाड़ी देश में खड़ा किया।